महादेवा के पुराने रपटे पर पानी का रौद्र रूप, सुरक्षा इंतजाम नदारद
सतना। महादेवा के पुराने रपटे के ऊपर से पानी बहने लगा है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। पानी का बहाव देखते हुए राहगीर नदी के पास तक पहुंचकर जोखिम भांपते हैं और आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटने को मजबूर हैं पहले पानी बढ़ते ही रपटे के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाकर लोगों की आवाजाही रोक दी जाती थी,और परिवर्तिती मार्ग से लोग चले जाते थे। लेकिन दोनों तरफ किसी भी तरह की बैरिकेडिंग नहीं होने से लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रपटे के ऊपर बहते पानी के बीच किसी के फिसलने या तेज बहाव की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय तत्काल दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन नियंत्रित किया जाना आवश्यक है।