
मैदान में दिखेगा बेटियों का दम! अजौली में अंडर-19 गर्ल्स जोनल खेलकूद प्रतियोगिताओं का शानदार आगाज
नसीमा बेगम ने खिलाड़ियों में भरा जोश, बोलीं—शिक्षा और खेल ही सफलता के सबसे बड़े हथियार, सिरमौर की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर बना रही पहचान
पांवटा साहिब।
मैदान सजा, खिलाड़ियों ने कदमताल की और बेटियों के जोश से अजौली स्कूल का माहौल खेलमय हो गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अजौली में अंडर-19 गर्ल्स जोनल लेवल खेलकूद प्रतियोगिताओं का शानदार आगाज हुआ। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की निदेशक नसीमा बेगम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में पहुंची छात्राओं के चेहरे पर जीत का जुनून और कुछ कर गुजरने का जज्बा साफ नजर आया। मुख्य अतिथि नसीमा बेगम ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और खेल को पूरी मेहनत, अनुशासन तथा खेल भावना के साथ खेलने का संदेश दिया।
इस अवसर पर यदविंदर सिंह अरोड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पांवटा साहिब की सचिव श्यामा चौहान, डीएसओ जय गोपाल सिंह, सेवानिवृत्त ग्रेड-1 अधीक्षक अशरफ, समाजसेवी एवं वरिष्ठ कांग्रेसी जाकिर अली, प्रधानाचार्य एस. जोगी कल्याणा, नरेश चौहान और जीवन प्रकाश जोशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
खेल मैदान से निकलती है जीत की राह
अपने संबोधन में नसीमा बेगम ने कहा कि शिक्षा और खेलकूद विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़े हथियार हैं। खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दुनिया के सामने साबित करने का मजबूत मंच देता है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और जिला सिरमौर के कई बेटे-बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और सुविधाएं देने की है।
बेहतर शिक्षा के साथ खेल सुविधाओं पर भी जोर
नसीमा बेगम ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब पढ़ाई के साथ खेल का मैदान भी मजबूत होगा, तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर देते हैं।
सम्मान से बढ़ता है खिलाड़ियों का हौसला
मुख्य अतिथि ने अजौली स्कूल में अपने अभिनंदन के लिए विद्यालय प्रबंधन और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीत और हार से ज्यादा महत्वपूर्ण मैदान में पूरे आत्मविश्वास और खेल भावना के साथ उतरना है।
अजौली में शुरू हुई इस खेल प्रतियोगिता में अब आने वाले दिनों में छात्राओं की प्रतिभा, जुनून और दमखम देखने को मिलेगा। मैदान में मुकाबला सिर्फ पदक का नहीं, बल्कि अपनी पहचान बनाने का भी होगा।