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क्या जनता की पसंद बन रहे हैं अवनीत सिंह लांबा? पांवटा की सियासत में बढ़ी हलचल

पांवटा साहिब। विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन पांवटा साहिब की सियासत में संभावित चेहरों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता अवनीत सिंह लांबा की लगातार बढ़ती सक्रियता के बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या वह धीरे-धीरे जनता की पसंद बनते जा रहे हैं?
सिंगपुरा-गुरुवाला पंचायत में पूर्व प्रधान रिंटू भाई के निवास स्थान पर आयोजित बैठक में अवनीत सिंह लांबा का कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, क्षेत्र की समस्याओं और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा हुई।
लांबा ने कार्यकर्ताओं और लोगों के सुझाव सुने तथा भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की जनसमस्याओं और लोगों के कार्यों को लेकर वह पूरी निष्ठा से प्रयास करते रहेंगे।
हालांकि बैठक को संगठनात्मक गतिविधि बताया जा रहा है, लेकिन पांवटा की राजनीतिक फिजा में इसे केवल एक सामान्य बैठक के तौर पर नहीं देखा जा रहा। लगातार क्षेत्र में सक्रियता और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद अवनीत सिंह लांबा को कांग्रेस के संभावित चेहरे के रूप में चर्चा में ला रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पांवटा की जनता अवनीत सिंह लांबा में अपना अगला विधायक देख रही है?
क्या कांग्रेस भी उनके बढ़ते जनसंपर्क को 2027 की राजनीतिक तैयारी के तौर पर आगे बढ़ा रही है?
फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि अवनीत सिंह लांबा का नाम पांवटा की सियासत में चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए आगे आएं 

ग्राम पैदेवा निवासी श्री विक्रम सिंह जी का शिलाई रोड पर बाइक से गिरने के कारण गंभीर हादसा हो गया। उनकी बाजू में फ्रैक्चर है और डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर प्लेट डालने की सलाह दी है।

हादसे की जानकारी मिलने पर मैं स्वयं उन्हें अपनी गाड़ी से पांवटा साहिब से नाहन ले जाकर अस्पताल में भर्ती करवाकर आया हूँ।

विक्रम सिंह जी पेशे से ड्राइवर हैं और अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य हैं। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। इस दुर्घटना और ऑपरेशन के कारण परिवार इस समय कठिन आर्थिक परिस्थिति से गुजर रहा है।

मैं सभी सामाजिक संस्थाओं, मित्रों और क्षेत्रवासियों से विनम्र निवेदन करता हूँ कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस जरूरतमंद परिवार की आर्थिक सहायता के लिए आगे आएं। आपकी छोटी-सी मदद भी इस परिवार के लिए बहुत बड़ा सहारा बन सकती है।

🙏 आइए, इंसानियत का हाथ बढ़ाएं और विक्रम सिंह जी के उपचार में सहयोग करें। 🙏

— नितिन शर्मा
स्वच्छ भारत के सपने के बीच गंदगी का साम्राज्य!
मुगलवाला करतारपुर पंचायत में सफाई व्यवस्था पर बड़े सवाल, ग्रामीण बोले—कब जागेगा प्रशासन?

पांवटा साहिब।

देश में स्वच्छ भारत का सपना साकार करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान कर रहे हैं। लेकिन हिमाचल की मुगलवाला करतारपुर पंचायत से सामने आई तस्वीरें सवाल पूछ रही हैं—क्या स्वच्छ भारत का सपना पंचायतों की चौखट तक पहुंच पाया है?

हमारी टीम जब पंचायत क्षेत्र में पहुंची तो कई जगहों पर गंदगी, कचरे और गंदे पानी से भरी नालियां तथा मच्छरों का अंबार नजर आया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से हालात परेशान करने वाले हैं। उनका आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

यह सिर्फ गंदगी का मामला नहीं है। जहां गंदा पानी जमा हो, वहां मच्छरों और संक्रमण का खतरा बढ़ता है और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता पैदा होना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने और स्वास्थ्य विभाग से क्षेत्र का निरीक्षण करवाने की मांग की है।

सवाल पंचायत से लेकर राजनीति तक
ग्रामीणों की नाराजगी का सीधा सवाल पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही पर है। लोगों का कहना है कि उन्हें बार-बार आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर बदलाव नजर नहीं आता। खराब स्ट्रीट लाइटें और बंदरों का आतंक भी उनकी परेशानी बढ़ा रहे हैं।

मामला राजनीतिक रूप से भी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पंचायत प्रधान को भाजपा समर्थित बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी जनप्रतिनिधि की कार्यप्रणाली से जनता नाराज होती है, तो उसका असर सिर्फ पंचायत तक सीमित रहता है या फिर पार्टी की छवि तक भी पहुंचता है?

यही चिंता पूर्व विधायक सुखराम चौधरी और भाजपा संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है। जनता के बीच किसी भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधि को लेकर लगातार नाराजगी की चर्चा होती है तो उसका राजनीतिक नुकसान स्थानीय नेतृत्व को भी उठाना पड़ सकता है।

प्रधान की कार्यशैली पर उठते सवाल
प्रधान किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, लेकिन पंचायत की जिम्मेदारी पूरी जनता के प्रति होती है। इसलिए सवाल किसी पार्टी से ज्यादा व्यवस्था का है—क्या ग्रामीणों को साफ-सफाई, रोशनी और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाना पंचायत की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए?

प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की असली परीक्षा बड़े शहरों में नहीं, बल्कि गांव की गलियों, नालियों और घरों के आसपास होती है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस पंचायत की जमीनी स्थिति का संज्ञान लेता है या नहीं, और भाजपा संगठन भी अपने समर्थित जनप्रतिनिधि की कार्यप्रणाली की समीक्षा करता है या नहीं।

क्योंकि सवाल सिर्फ एक पंचायत की गंदगी का नहीं है—सवाल उस भारत का है जिसे स्वच्छ बनाने का सपना देश ने देखा है।
प्रदीप चौहान ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को दी बधाई, कहा—हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में हो रहा बेहतरीन काम

पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश के 99.55 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल करने पर प्रदीप चौहान ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था के लिए गौरव की बात है और इसके लिए शिक्षा विभाग तथा प्रदेश सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। 

प्रदीप चौहान ने कहा कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर हिमाचल प्रदेश में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए लगातार बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के लोगों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए भी लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल की 99.55 प्रतिशत साक्षरता दर अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश की 75.26 लाख आबादी में अब केवल 28,480 लोग गैर-साक्षर रह गए हैं, जबकि सरकार ने 2026-27 तक हिमाचल को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है।

प्रदीप चौहान ने कहा कि ‘उल्लास’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के सभी 12 जिलों में साक्षरता अभियान चलाया गया है। 94,930 शिक्षार्थियों का पंजीकरण और 19,232 स्वयंसेवी शिक्षकों का प्रशिक्षण इस अभियान की गंभीरता को दर्शाता है। मूल्यांकन परीक्षा में भी 97.3 प्रतिशत सफलता हासिल हुई है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल जल्द ही 100 प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करेगा और शिक्षा के क्षेत्र में देश के लिए एक मिसाल बनेगा।
स्वच्छ वायु दिवस पर किशनपुरा स्कूल में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, रोपे गए गुड़हल के पौधे

पांवटा साहिब। स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किशनपुरा, पांवटा साहिब में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ वायु के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HPSPCB) की क्षेत्रीय प्रयोगशाला, पांवटा साहिब के कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी यशपाल ने विद्यार्थियों को वायु प्रदूषण के कारणों और इसके मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाना होगा।

उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण को स्वच्छ रखने तथा वायु प्रदूषण को कम करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी संदेश दिया गया कि स्वच्छ हवा केवल सरकार या विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इसी कड़ी में विद्यालय परिसर में गुड़हल के पौधे रोपे गए। पौधारोपण के माध्यम से विद्यार्थियों को पेड़ों-पौधों के संरक्षण और हरित वातावरण के महत्व का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण के लिए जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।
तिरुपति ग्रुप की CSR पहल: पांवटा साहिब के पशु चिकित्सालय को ₹20 लाख की सहायता

पांवटा साहिब, सिरमौर: तिरुपति ग्रुप ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप-मंडलीय पशु चिकित्सालय, पांवटा साहिब को आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने हेतु ₹20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

इस CSR पहल के अंतर्गत अस्पताल में अत्याधुनिक Haematology Blood Cell Counter Model “MEK 6550 J/K” एवं NX 600 Fuji Dri Chemistry Fully Automated Medical Equipment उपलब्ध कराए गए हैं। इन आधुनिक उपकरणों के माध्यम से पशुओं की विभिन्न बीमारियों की जांच एवं निदान अधिक सटीक और शीघ्रता से किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र के पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

इन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का शुभ उद्घाटन श्री अरुण गोयल जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने तिरुपति ग्रुप की इस सराहनीय सामाजिक पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह योगदान क्षेत्र की पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

तिरुपति ग्रुप सदैव समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर योगदान देता रहा है। कंपनी की यह पहल “सेवा और सामाजिक विकास” के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

₹20 लाख की इस CSR सहायता से पांवटा साहिब एवं आसपास के क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सुविधाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ठेकेदार की मनमानी से बदनाम हुए स्वास्थ्य-PWD विभाग! मरीज परेशान, ट्रॉमा सेंटर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

पांवटा साहिब। पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के निर्माण कार्य को लेकर अब मरीजों और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ता नजर आ रहा है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और पार्किंग व्यवस्था प्रभावित होने के कारण अस्पताल उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है और निर्माण कार्य के चलते अस्पताल की पार्किंग का बड़ा हिस्सा घिर गया है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को अपने वाहन सड़क के किनारे खड़े करने पड़ रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को पैदल चलने की मजबूरी

पार्किंग की समस्या का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल के नजदीक वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलने के कारण मरीजों को दूर से पैदल अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है।
लोगों का सवाल है कि जब मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचता है तो उसे पार्किंग की व्यवस्था के लिए क्यों परेशान होना पड़े?

सड़क पर वाहन खड़े किए तो चालान का डर
स्थानीय लोगों के मुताबिक पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई लोग मजबूरी में अपने वाहन अस्पताल के बाहर सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। ऐसे में उन्हें चालान का सामना भी करना पड़ता है।

लोगों का कहना है कि एक तरफ अस्पताल परिसर में पार्किंग की जगह उपलब्ध नहीं है और दूसरी तरफ सड़क पर वाहन खड़ा करने पर कार्रवाई का डर बना रहता है। ऐसे में मरीज और उनके परिजन आखिर जाएं तो जाएं कहां?

स्वास्थ्य और PWD विभाग पर उठे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान मरीजों की सुविधा और वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया।
लोगों का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर मरीजों की सुविधा के लिए बन रहा है, लेकिन निर्माण के दौरान ही मरीजों को इतनी परेशानी झेलनी पड़ रही है तो विभाग को इस व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।

ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

स्थानीय लोगों और नेताओं ने आरोप लगाया है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित गति से नहीं हो रहा है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोगों ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने तक की मांग उठाई है।

नाथूराम चौहान ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि ठेकेदार की कार्यप्रणाली से आम जनता परेशान हो रही है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठाई और कहा कि जनता की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देंगे प्रदीप चौहान
वहीं मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने भी पांवटा सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को आ रही परेशानियों के संबंध में जल्द स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

उन्होंने कहा कि पांवटा सिविल अस्पताल में पांवटा साहिब के अलावा आसपास के कई विधानसभा क्षेत्रों से लोग उपचार करवाने पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है।

प्रदीप चौहान ने कहा कि अस्पताल की समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष भी मामला उठाया जाएगा, ताकि मरीजों को राहत मिल सके और निर्माण कार्य के कारण पैदा हुई समस्याओं का समाधान किया जा सके।

अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग और PWD विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और ट्रॉमा सेंटर के निर्माण कार्य में कब तेजी आती है। वहीं सबसे बड़ा सवाल यही है कि मरीजों की सुविधा के लिए बन रहा ट्रॉमा सेंटर कहीं निर्माण के दौरान ही मरीजों के लिए परेशानी का कारण तो नहीं बन गया?
CM साहब? 15 दिन में पांवटा फॉरेस्ट विभाग को दो शिकायतें, फिर भी कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा
पांवटा की सियासत में नई बिसात! तीन चेहरों की चर्चा के बीच ‘मास्टर प्लानर’ सुखराम चौधरी की रणनीति पर निगाहें

पांवटा साहिब की राजनीति में चेहरे बदलने से पहले सियासी चालें बदलती हैं। इन दिनों पवन चौधरी, मदन शर्मा और मनीष तोमर के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन इन चर्चाओं के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी की भूमिका को नजरअंदाज करना शायद सियासी तस्वीर को अधूरा पढ़ना होगा।

पांवटा की राजनीति में सुखराम चौधरी लंबे समय से मजबूत संगठनात्मक पकड़ रखने वाले नेता के तौर पर सक्रिय हैं। हाल के महीनों में भी वह भाजपा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और भविष्य की रणनीति तैयार करने पर जोर देते नजर आए हैं।
यही वजह है कि अब राजनीतिक चर्चाओं में एक सवाल तेजी से उठ रहा है—क्या सुखराम चौधरी आने वाले समय के लिए कोई बड़ा राजनीतिक प्लान तैयार कर रहे हैं?
राजनीति के जानकारों की मानें तो चौधरी को पांवटा की सियासत का ‘मास्टर प्लानर’ माना जाता है। वह कब किस चेहरे को आगे लाएं, किसे संगठन में भूमिका मिले और किस समय कौन सा राजनीतिक पत्ता खोला जाए—इस पर फिलहाल सिर्फ कयास ही हैं। आधिकारिक तौर पर भाजपा की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है।
लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक चौपालों पर समीकरण तेजी से बनाए जा रहे हैं।
पवन चौधरी और मदन शर्मा की सक्रियता भाजपा खेमे में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं पवन चौधरी की जेपी नड्डा से मुलाकात को भी समर्थक और राजनीतिक पर्यवेक्षक अपने-अपने तरीके से देख रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस खेमे में मनीष तोमर की बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि भाजपा में अभी सुखराम चौधरी का प्रभाव कायम है और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका दिखाई देती है। जून 2026 की भाजपा मंडल बैठक में उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और पिछले चुनावी परिणामों की समीक्षा पर जोर दिया था।
नगर परिषद पर भाजपा का कब्जा और क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों के बीच अब पांवटा की राजनीति में भविष्य के चेहरों को लेकर चर्चाएं स्वाभाविक रूप से तेज हैं। जुलाई में नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन के दौरान भी सुखराम चौधरी मौजूद रहे थे।
सबसे बड़ा सवाल—कौन सा पत्ता कब खुलेगा?
राजनीति में कई बार सबसे बड़ा खिलाड़ी वही होता है जो सबसे ज्यादा दिखाई नहीं देता, बल्कि सही समय का इंतजार करता है। यही वजह है कि पांवटा की सियासत में अब चर्चा केवल पवन चौधरी, मदन शर्मा और मनीष तोमर तक सीमित नहीं है।
नजरें सुखराम चौधरी की अगली चाल पर भी हैं।
क्या वह मौजूदा चेहरों में से किसी एक को आगे बढ़ाएंगे?
क्या भाजपा के भीतर कोई नया राजनीतिक समीकरण तैयार होगा?
या फिर चौधरी आखिरी समय में ऐसा पत्ता खोलेंगे, जिसकी अभी किसी को भनक तक नहीं?
फिलहाल जवाब किसी के पास नहीं है।
भाजपा ने न तो किसी नए चेहरे को लेकर कोई आधिकारिक संकेत दिया है और न ही भविष्य की राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर कोई घोषणा हुई है। इसलिए सोशल मीडिया की चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
लेकिन पांवटा की सियासी चौपाल गर्म है और सवाल एक ही—
तीन चेहरों की चर्चा के बीच ‘मास्टर प्लानर’ सुखराम चौधरी कब और कौन सा पत्ता खोलेंगे?
क्योंकि सियासत में बाजी वही जीतता है, जो चाल चलने से पहले पूरी बिसात पढ़ ले।
मैदान में दिखेगा बेटियों का दम! अजौली में अंडर-19 गर्ल्स जोनल खेलकूद प्रतियोगिताओं का शानदार आगाज
नसीमा बेगम ने खिलाड़ियों में भरा जोश, बोलीं—शिक्षा और खेल ही सफलता के सबसे बड़े हथियार, सिरमौर की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर बना रही पहचान

पांवटा साहिब।

मैदान सजा, खिलाड़ियों ने कदमताल की और बेटियों के जोश से अजौली स्कूल का माहौल खेलमय हो गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अजौली में अंडर-19 गर्ल्स जोनल लेवल खेलकूद प्रतियोगिताओं का शानदार आगाज हुआ। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की निदेशक नसीमा बेगम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम में पहुंची छात्राओं के चेहरे पर जीत का जुनून और कुछ कर गुजरने का जज्बा साफ नजर आया। मुख्य अतिथि नसीमा बेगम ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और खेल को पूरी मेहनत, अनुशासन तथा खेल भावना के साथ खेलने का संदेश दिया।

इस अवसर पर यदविंदर सिंह अरोड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पांवटा साहिब की सचिव श्यामा चौहान, डीएसओ जय गोपाल सिंह, सेवानिवृत्त ग्रेड-1 अधीक्षक अशरफ, समाजसेवी एवं वरिष्ठ कांग्रेसी जाकिर अली, प्रधानाचार्य एस. जोगी कल्याणा, नरेश चौहान और जीवन प्रकाश जोशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

खेल मैदान से निकलती है जीत की राह

अपने संबोधन में नसीमा बेगम ने कहा कि शिक्षा और खेलकूद विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़े हथियार हैं। खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दुनिया के सामने साबित करने का मजबूत मंच देता है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और जिला सिरमौर के कई बेटे-बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और सुविधाएं देने की है।

बेहतर शिक्षा के साथ खेल सुविधाओं पर भी जोर
नसीमा बेगम ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब पढ़ाई के साथ खेल का मैदान भी मजबूत होगा, तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर देते हैं।
सम्मान से बढ़ता है खिलाड़ियों का हौसला
मुख्य अतिथि ने अजौली स्कूल में अपने अभिनंदन के लिए विद्यालय प्रबंधन और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीत और हार से ज्यादा महत्वपूर्ण मैदान में पूरे आत्मविश्वास और खेल भावना के साथ उतरना है।

अजौली में शुरू हुई इस खेल प्रतियोगिता में अब आने वाले दिनों में छात्राओं की प्रतिभा, जुनून और दमखम देखने को मिलेगा। मैदान में मुकाबला सिर्फ पदक का नहीं, बल्कि अपनी पहचान बनाने का भी होगा।
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प्रेस विज्ञप्ति

जनता की आवाज बनी भाजयुमो, संघर्ष के बाद भारी वाहनों के शॉर्टकट मार्ग पर प्रशासन का प्रतिबंध

पांवटा साहिब, 27 अगस्त 2026।

बद्रीपुर चौक से पुरुवाला वाया संतोखगढ़, जम्बू खाला पुल मार्ग पर खनन ट्रकों, डंपरों, टिप्परों एवं अन्य भारी वाहनों की अनधिकृत आवाजाही के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा मंडल पांवटा साहिब द्वारा लगातार उठाई गई मांग और स्थानीय जनता के बीच जाकर किए गए जमीनी संघर्ष का अब सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए भाजयुमो ने इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया। केवल ज्ञापन और मांग रखने तक सीमित न रहते हुए भाजयुमो कार्यकर्ता स्वयं जनता के बीच पहुंचे और मौके पर खड़े होकर शॉर्टकट मार्ग से आ रहे ट्रकों एवं टिप्परों को रोककर उन्हें निर्धारित NH-907 की दिशा में मोड़ने का कार्य किया।

इस संबंध में भाजयुमो अध्यक्ष संयम गुप्ता ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा से जुड़ा यह गंभीर विषय लंबे समय से चिंता का कारण बना हुआ था। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और स्थानीय मार्गों के शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल होने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसी को देखते हुए भाजयुमो ने जनता के बीच जाकर उनकी आवाज प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाई और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।

उन्होंने कहा कि भाजयुमो केवल मांग उठाने वाला संगठन नहीं है, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जमीन पर खड़ा होकर संघर्ष करने वाला संगठन है। स्थानीय जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए आगे भी इसी प्रकार मजबूती से आवाज उठाई जाएगी।

इसी क्रम में अब जिला दंडाधिकारी, सिरमौर द्वारा जारी आदेश के तहत बद्रीपुर चौक से पुरुवाला वाया संतोखगढ़, जम्बू खाला पुल मार्ग पर खनन सामग्री ले जाने वाले ट्रकों, डंपरों, टिप्परों, मल्टी-एक्सल वाहनों एवं अन्य भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्रशासन ने इन भारी वाहनों को NH-907 के निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस को बैरिकेडिंग एवं चेकिंग तथा लोक निर्माण विभाग को आवश्यक ट्रैफिक साइन, लोड-लिमिट बोर्ड एवं चेतावनी संकेत लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

भाजयुमो मंडल पांवटा साहिब ने जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आदेश की जमीनी स्तर पर सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की अनधिकृत आवाजाही दोबारा शुरू न हो।

राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है घटनाक्रम

स्थानीय राजनीतिक दृष्टि से देखें तो भाजयुमो द्वारा इस पूरे मामले में जनता के बीच जाकर सक्रिय भूमिका निभाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठन द्वारा जनसमस्याओं को प्राथमिकता से उठाने, स्थानीय लोगों के साथ मौके पर खड़े होने और प्रशासन पर समाधान के लिए दबाव बनाने से भाजयुमो की जमीनी सक्रियता और जनता के साथ जुड़ाव को मजबूती मिलने की संभावना है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जनहित से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर भाजयुमो की इस प्रकार की सक्रियता का सकारात्मक प्रभाव भाजपा के प्रति जनता के विश्वास पर भी पड़ सकता है, विशेषकर तब जब संगठन केवल बयान जारी करने के बजाय मौके पर जाकर जनता के साथ खड़ा दिखाई दे।

भाजयुमो ने स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और जनहित के लिए था। संगठन का कहना है कि भविष्य में भी पांवटा साहिब क्षेत्र की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

जनता की समस्या हमारी प्राथमिकता।
जनता की सुरक्षा हमारा संकल्प।

संयम गुप्ता
अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा
मंडल पांवटा साहिब
हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (एच.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड, शिमला) ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के लिए ₹1 करोड़ की भारी-भरकम सहायता राशि का अंशदान दिया है। शिमला में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान निगम के शीर्ष पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की और उन्हें यह चेक सौंपा। इस गरिमामयी और पुनीत अवसर पर कॉरपोरेशन की निदेशक नसीमा बेगम मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उनके साथ निगम के वाइस चेयरमैन विशाल चंबियाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। जिन्होंने मुख्यमंत्री को चेक सौंपने में मुख्य भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कॉरपोरेशन के इस सराहनीय कदम की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से निगम का धन्यवाद करते हुए कहा:"जरूरतमंद लोगों की मदद के इस पुनीत कार्य में योगदान के लिए मैं एच.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूँ। संकट और आपदा की घड़ी में इस प्रकार का बहुमूल्य सहयोग बेसहारा और पीड़ितों को त्वरित सहायता पहुंचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा दी गई यह ₹1 करोड़ की राशि प्रदेश के उन कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण पर खर्च की जाएगी। जो चिकित्सा, आपदा या अन्य गंभीर परिस्थितियों के कारण संकट में हैं। निगम ने इस वित्तीय मदद के जरिए यह साबित किया है कि वे केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेशवासियों के सुख-दुख में भी बराबर के भागीदार हैं।
सीएम साहब 
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भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सुभाष चौधरी ने पांवटा साहिब में पत्रकार वार्ता कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में की गई नियुक्तियों पर कड़ा विरोध जताया है।

सुभाष चौधरी ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने केएस भारती और सपना कटोच को अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। हैरानी की बात यह है कि ये दोनों ही सदस्य ओबीसी समाज से संबंध नहीं रखते, उसके बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए इन्हें आयोग में नियुक्त कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति प्रदेश के 18 लाख से अधिक ओबीसी समाज के लोगों के साथ सीधा धोखा और अपमान है। भाजपा नेता ने कहा कि जब प्रदेश में ओबीसी वर्ग के पढ़े-लिखे, अनुभवी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद हैं, तो सरकार को इसी वर्ग के लोगों को आयोग में जगह देनी चाहिए थी।

सुभाष चौधरी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में ओबीसी समाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ओबीसी वर्ग को भूल गए हैं। उन्हें तो सिर्फ अपनी मित्र मंडली और करीबी लोगों को एडजस्ट करना था, इसलिए ओबीसी आयोग जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी गैर-ओबीसी लोगों को बैठा दिया गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा ओबीसी मोर्चा इस फैसले का पुरजोर विरोध करता है और मांग करता है कि सरकार तुरंत इन दोनों नियुक्तियों को रद्द कर ओबीसी समाज के ही योग्य व्यक्तियों को आयोग में सदस्य नियुक्त करे। यदि सरकार ने ऐसा नहीं किया तो ओबीसी मोर्चा पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ेगा।
इस मौके पर भाजपा ओबीसी मोर्चा मंडल पांवटा साहिब के अध्यक्ष सुरेश चौधरी भी मौजूद थे।
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कोटगा में पानी मे संकट!ग्रामीणों का आरोप—कई बार दिए ज्ञापन, मिले सिर्फ आश्वासन, अब सोशल मीडिया पर उठाई आवाज
"श्री पांवटा साहिब विकास मंच का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। जनता के सहयोग और विश्वास से विकास की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी। आइए, पांवटा साहिब को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।"
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मालगी पंचायत में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने लगाया वित्तीय साक्षरता शिविर, सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

आज दिनांक 7 जुलाई 2026 को हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की शाखा सतोन द्वारा "ग्राम पंचायत सेचुरेशन कैंपेनिंग" के तहत ग्राम पंचायत मालगी के प्रांगण में एक वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता बैंक के सह प्रबंधक श्री शमशेर सिंह ने की। इस अवसर पर बैंक के कर्मचारी श्री अमर सिंह भी उपस्थित रहे।

शिविर के दौरान सह प्रबंधक श्री शमशेर सिंह ने ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी ऋण एवं बीमा योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए इनका अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों को बचत की आदत अपनाने, विभिन्न बचत योजनाओं की जानकारी तथा डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया।

उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपना पिन और ओटीपी साझा न करें तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी को हमेशा सुरक्षित रखें।

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया।

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने वित्तीय साक्षरता से जुड़ी उपयोगी जानकारी प्राप्त की और इस पहल के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक का आभार व्यक्त किया।