
बीकानेर शहर के वार्ड नंबर 44 के एक महत्वपूर्ण हिस्से को लगातार नजरअंदाज किए जाने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। यह क्षेत्र नत्थूसर गेट के बाहर, नाहरसिंह हनुमान मंदिर के पास स्थित है। इलाके के निवासियों का सीधा सवाल है कि आखिर इतने महत्वपूर्ण क्षेत्र को बार-बार दरकिनार क्यों किया जा रहा है?
क्षेत्र का महत्व और प्रमुख सार्वजनिक स्थल
इस इलाके की अहमियत इस बात से समझी जा सकती है कि यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। इस क्षेत्र में कई प्रमुख सार्वजनिक और धार्मिक स्थल मौजूद हैं:
सभी समाजों का श्मशान घाट:
यहाँ 36 कौम (सभी जातियों) की श्मशान भूमि स्थित है।
-धार्मिक आस्था का केंद्र:
सभी जातियों और समाजों के प्रमुख मंदिर इसी इलाके में आते हैं।
स्वास्थ्य सुविधाएं:
महत्वपूर्ण '6 नंबर अस्पताल' भी इसी क्षेत्र में स्थित है।
इतने महत्वपूर्ण स्थानों के होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं और विकास के मामले में इस इलाके को नकारना बेहद दुखद स्थिति है।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर उठते सवाल
स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है। इस बदहाली और उपेक्षा के बारे में क्षेत्रीय विधायक (MLA) और उनके सहकर्मियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया जा चुका है।
विधायक महोदय और उनके कर्मचारियों को कई दफा स्थिति से अवगत कराने के बावजूद, वे जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। आखिर इस अनदेखी की वजह क्या है, इसका जवाब कौन देगा?"
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
श्मशान, अस्पताल और मंदिरों जैसे अति-संवेदनशील और जरूरी स्थानों वाले इस क्षेत्र की उपेक्षा ने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने अब प्रशासन और विधायक से स्पष्ट जवाब और क्षेत्र की समस्याओं के त्वरित निवारण की मांग की है।
अमर दीप ओझा..... The Bikaner News को फॉलो करें
Jethanand Vyas