Public App Logo
Jansamasya
Delhimetro
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh
Haryana
Cricket
Lucknow
Uttarakhand
Sambalpur

इमरजेंसी के दौरान BJP का नायक, जिसकी छाती पर चढ़ गए थे पुलिसवाले गुप्तांग खींचे गए, रेंगने वाले कीड़े छोड़े गए लेकिन टूटे नहीं रामबिलास चंडीगढ़। (पंचकूला टाइम्स) हरियाणा BJP आज उन लोगों को सम्मान कर रही है, जिन्होंने इमरजेंसी के काले दौर में जेल की यातनाएं सही हैं। लेकिन प्रदेश में एक ऐसा BJP नेता भी है, जिसके गुप्तांग खींचे गए, जिसके कपड़े उतरवा कर छाती पर पुलिस वाले बूटों सहित चढ़ गए थे। तब भी नहीं मन भरा तो उनके जख्मी शरीर पर रेंगने वाले कीड़े छोड़े गए। वो नेता महेंद्रगढ़ के राठीवास गांव निवासी प्रोफेसर रामबिलास शर्मा हैं। जो इन दिनों अज्ञातवास पर हैं। कभी BJP को हरियाणा में सत्ता का राह दिखाने वाले रामबिलास शर्मा की चर्चांए आम होती थी। 10 एकड़ के साधारण किसान जयराम के घर पैदा होने के बाद उन्होंने जो संघर्ष किया, वो शायद ही हरियाणा में किसी नेता ने करने की हिम्मत दिखाई है। 1970 में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही संघ से जुड़ाव हो गया। पेट्रोल-पंप पर सेल्समैन रहे संघ का प्रथम वर्ष करने की फीस उस जमाने में 300 रुपए होती थी। जब वो फीस बहुत बड़ी रकम थी। हिसार के प्रांत प्रचारक ने मॉडल टाउन स्थित एक सेठजी के पेट्रोल पंप पर 30 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम लगाया। फीस की रकम पूरी होने से पहले उन्हें वहां से हटा दिया गया क्योंकि एसडीएम की जीप में तेल की ज्यादा पर्ची बनाने से मना कर दिया था। पंप पर तगारिए की नौकरी की उसके बाद फतेहाबाद के रतिया इलाके में एक निर्माणधीन पंप पर तगारिया लगे, जहां एक दिन मुनीम हिसाब नहीं जोड़ पा रहा था तो वो कर दिया। उसके बाद मुनीम की जॉब मिल गई। लेकिन पैसे पूरे होते ही दिल्ली संघ की शाखा पहुंच गए। जिसके बाद परिवार ने शादी के लिए घर बुला लिया। शादी के अगले ही दिन फिर संघ ऑफिस पहुंच गए। शादी के 15 दिन बाद झज्जर में संघ प्रचारक के तौर पर जिम्मा संभाल लिया। अनाज की बुखारी में छिपकर पुलिस से बचे संघ में संगठनमंत्री के तौर पर कार्य करते हुए इमरजेंसी का दौर शुरू हो गया। संघ परिवार के लोगों की धरपकड़ चल रही थी तो इसी दौरान उन्हें रोहतक संघ के विजय नगर कार्यालय से रिकॉर्ड उठाकर लाने की जिम्मेदारी मिली। इसी दौरान वहां पर पुलिस का छापा पड़ गया। भाग कर सामने एक घर में अनाज की बुखारी में छिप गए। महिला ने ऊपर अनाज की बोरियाें से ढक दिया। जिसके बाद वहां से निकलकर भूमिगत आंदोलन में सक्रिय हुए। थानेदार को जड़ा थप्पड़ संघ के 7 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उठा लिया। उन्हें 8 दिन से यातनाएं दी जा रहीं थी, लेकिन पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश नहीं कर रहीं थी। रामबिलास शर्मा को सूचना मिली कि रेवाड़ी के नाहड़ पुलिस चौकी में रखा गया है। रात के अंधेरे में वे करीब 11 बजे वहां पर पहुंचे। वे वहां पर पहुंचे तो थानेदार ने गाली की भाषा में बात की। जिस पर रामबिलास शर्मा ने उसकी गाल पर थप्पड़ रसीद कर दिया। 4 घंटे बाद आंखें खुली तो झज्जर थाने में मिले थानेदार पर थप्पड़ पड़ते ही पुलिस की राइफलों के बट और लाठियां उन पर लगातार बरसीं। रामबिलास शर्मा के अनुसार उन्हें 2 मिनट तक कुछ याद है, उसके बाद बेहाेश हो गए। सुबह साढे 3 बजे होश आया तो वे झज्जर थाने में थे। उन्हें सुबह कोर्ट में पेश करने के लिए बीच बाजार से पैदल ले जाया जा रहा था। एक बनिया समुदाय की महिला ने कंबल फैंक दिया। सर्द हवा चल रही थी, रामबिलास शर्मा ने उसे संभाल लिया। रिमांड के दौरान हुआ टॉर्चर कोर्ट से पुलिस को 11 दिन का रिमांड मिला तो उन्हें अंबाला पुलिस थाने लाया गया, जहां पर उनके साथ यातनाओं का दौर चालू हुआ। एक सरदार पुलिस अधिकारी ने उन पर खूब जुल्म किए। उन्हें हर रोज पीटा जाता, उनके गुप्तांग खींचे जाते, उनके कपड़े उतरवा कर छाती पर पुलिस वाले बूटों सहित चढ़ गए थे। जब जुल्म की इंतहा हो गई तो रामबिलास शर्मा ने उस अधिकारी से कहा था कि अपना नाम-पता बताकर जाना, फिर कभी जीवन में मुलाकात होगी। बैरक में रात को आता था देवदूत रात के अंधेरे में पिटाई के बाद एक देवदूत कंबल ओढकर आता और रामबिलास शर्मा को हल्दी का दूध पिलाता था। बाद में जब रामबिलास शर्मा ने पता करवाया तो पता लगा कि वो पुलिसकर्मी रोहताश था। जो भिवानी के कलिंगा गांव का रहने वाला था। उसकी शादी रामबिलास शर्मा के इलाके में हुई थी। 5 बाई 5 की सैल में सवा 6 फीट के रामबिलास पुलिस कस्टडी के बाद रामबिलास शर्मा को बिहार की गया जेल भेजा गया, जहां पर उन्हें उन कैदियों के साथ रखा गया, जो उम्रकैद या फांसी की सजा पाए हुए थे। सवा 6 फीट के रामबिलास शर्मा को 5 बाई 5 की सैल में रखा गया था। आखिरकार मोरारजी देसाई की सरकार केंद्र में बनी और इमरजेंसी के काले बादल देश से छंट गए। इमरजेंसी के समय चौधरी बंसीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। जब रामबिलास शर्मा को सन 1998 में मौका मिला तो उनकी सरकार गिराकर इसका हिसाब भी किया। जब मौका मिला तो साल 2014 में पार्टी को सत्ता में भी लेकर आए। रामबिलास शर्मा आजकर पंचकूला स्थित अपने आवास पर हैं, जिनके पैर में घाव हो गया है और शुगर की वजह से उसे ठीक होने में दिक्कत चल रही है।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 25, 2026

MORE NEWS

भिवानी की जुई नहर में गिरी लग्जरी मर्सिडीज गाड़ी, सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम पहुंची।

भिवानी की जुई नहर में गिरी लग्जरी मर्सिडीज गाड़ी, सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम पहुंची।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 25, 2026

भिवानी के तथाकथित मिठाई विक्रेताओं पर 50 लाख का लगाया जुर्माना.....
ढाई सौ से तीन सौ केसों पर लगा जुर्माना : एडीसी भिवानी
भिवानी आंखों देखी हलचल

भिवानी के तथाकथित मिठाई विक्रेताओं पर 50 लाख का लगाया जुर्माना..... ढाई सौ से तीन सौ केसों पर लगा जुर्माना : एडीसी भिवानी भिवानी आंखों देखी हलचल

Bhiwani, Bhiwani | Jun 25, 2026

निर्जला एकादशी पर मंडल ने लगाई ठंडाई की छबीली : भानु प्रकाश।

भिवानी                                            स्थानीय किशोरी लाल सेवा सदन रोड स्थित श्री श्याम भवन में श्री श्याम प्रेम मंडल द्वारा निर्जला एकादशी पर ठंडाई प्रसाद का वितरण करते हुए मंडल के प्रधान भानु प्रकाश ने कहा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला रहकर व्रत रखा जाता है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। भीम को छोड़कर सभी पांडव वर्ष की सभी एकादशियों का व्रत करते थे, लेकिन भीमसेन के लिए बिना भोजन रहना बहुत मुश्किल था। इसलिए वह एकादशी का व्रत नहीं रख सकते थे। महर्षि वेदव्यास जी की सलाह पर भीम ने इस व्रत को रखा था। निर्जला एकादशी पर दान, जप और तप का विशेष महत्व है। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए कागज के गिलासों का प्रयोग किया गया।इस अवसर पर जितेंद्र अग्रवाल, सुरेश जोशी, विनोद डालमिया, राम अवतार पुजारी, जतिन कुमार, यश गुप्ता ,वरुण अग्रवाल ,अशोक पेंटर, कृष्ण निवादा, लक्ष्मीकांत , कुलदीप शर्मा सहित मंडल के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

निर्जला एकादशी पर मंडल ने लगाई ठंडाई की छबीली : भानु प्रकाश। भिवानी स्थानीय किशोरी लाल सेवा सदन रोड स्थित श्री श्याम भवन में श्री श्याम प्रेम मंडल द्वारा निर्जला एकादशी पर ठंडाई प्रसाद का वितरण करते हुए मंडल के प्रधान भानु प्रकाश ने कहा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला रहकर व्रत रखा जाता है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। भीम को छोड़कर सभी पांडव वर्ष की सभी एकादशियों का व्रत करते थे, लेकिन भीमसेन के लिए बिना भोजन रहना बहुत मुश्किल था। इसलिए वह एकादशी का व्रत नहीं रख सकते थे। महर्षि वेदव्यास जी की सलाह पर भीम ने इस व्रत को रखा था। निर्जला एकादशी पर दान, जप और तप का विशेष महत्व है। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए कागज के गिलासों का प्रयोग किया गया।इस अवसर पर जितेंद्र अग्रवाल, सुरेश जोशी, विनोद डालमिया, राम अवतार पुजारी, जतिन कुमार, यश गुप्ता ,वरुण अग्रवाल ,अशोक पेंटर, कृष्ण निवादा, लक्ष्मीकांत , कुलदीप शर्मा सहित मंडल के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 25, 2026

इमरजेंसी के दौरान BJP का नायक, जिसकी छाती पर चढ़ गए थे पुलिसवाले गुप्तांग खींचे गए, रेंगने वाले कीड़े छोड़े गए लेकिन टूटे नहीं रामबिलास चंडीगढ़। (पंचकूला टाइम्स) हरियाणा BJP आज उन लोगों को सम्मान कर रही है, जिन्होंने इमरजेंसी के काले दौर में जेल की यातनाएं सही हैं। लेकिन प्रदेश में एक ऐसा BJP नेता भी है, जिसके गुप्तांग खींचे गए, जिसके कपड़े उतरवा कर छाती पर पुलिस वाले बूटों सहित चढ़ गए थे। तब भी नहीं मन भरा तो उनके जख्मी शरीर पर रेंगने वाले कीड़े छोड़े गए। वो नेता महेंद्रगढ़ के राठीवास गांव निवासी प्रोफेसर रामबिलास शर्मा हैं। जो इन दिनों अज्ञातवास पर हैं। कभी BJP को हरियाणा में सत्ता का राह दिखाने वाले रामबिलास शर्मा की चर्चांए आम होती थी। 10 एकड़ के साधारण किसान जयराम के घर पैदा होने के बाद उन्होंने जो संघर्ष किया, वो शायद ही हरियाणा में किसी नेता ने करने की हिम्मत दिखाई है। 1970 में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही संघ से जुड़ाव हो गया। पेट्रोल-पंप पर सेल्समैन रहे संघ का प्रथम वर्ष करने की फीस उस जमाने में 300 रुपए होती थी। जब वो फीस बहुत बड़ी रकम थी। हिसार के प्रांत प्रचारक ने मॉडल टाउन स्थित एक सेठजी के पेट्रोल पंप पर 30 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम लगाया। फीस की रकम पूरी होने से पहले उन्हें वहां से हटा दिया गया क्योंकि एसडीएम की जीप में तेल की ज्यादा पर्ची बनाने से मना कर दिया था। पंप पर तगारिए की नौकरी की उसके बाद फतेहाबाद के रतिया इलाके में एक निर्माणधीन पंप पर तगारिया लगे, जहां एक दिन मुनीम हिसाब नहीं जोड़ पा रहा था तो वो कर दिया। उसके बाद मुनीम की जॉब मिल गई। लेकिन पैसे पूरे होते ही दिल्ली संघ की शाखा पहुंच गए। जिसके बाद परिवार ने शादी के लिए घर बुला लिया। शादी के अगले ही दिन फिर संघ ऑफिस पहुंच गए। शादी के 15 दिन बाद झज्जर में संघ प्रचारक के तौर पर जिम्मा संभाल लिया। अनाज की बुखारी में छिपकर पुलिस से बचे संघ में संगठनमंत्री के तौर पर कार्य करते हुए इमरजेंसी का दौर शुरू हो गया। संघ परिवार के लोगों की धरपकड़ चल रही थी तो इसी दौरान उन्हें रोहतक संघ के विजय नगर कार्यालय से रिकॉर्ड उठाकर लाने की जिम्मेदारी मिली। इसी दौरान वहां पर पुलिस का छापा पड़ गया। भाग कर सामने एक घर में अनाज की बुखारी में छिप गए। महिला ने ऊपर अनाज की बोरियाें से ढक दिया। जिसके बाद वहां से निकलकर भूमिगत आंदोलन में सक्रिय हुए। थानेदार को जड़ा थप्पड़ संघ के 7 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उठा लिया। उन्हें 8 दिन से यातनाएं दी जा रहीं थी, लेकिन पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश नहीं कर रहीं थी। रामबिलास शर्मा को सूचना मिली कि रेवाड़ी के नाहड़ पुलिस चौकी में रखा गया है। रात के अंधेरे में वे करीब 11 बजे वहां पर पहुंचे। वे वहां पर पहुंचे तो थानेदार ने गाली की भाषा में बात की। जिस पर रामबिलास शर्मा ने उसकी गाल पर थप्पड़ रसीद कर दिया। 4 घंटे बाद आंखें खुली तो झज्जर थाने में मिले थानेदार पर थप्पड़ पड़ते ही पुलिस की राइफलों के बट और लाठियां उन पर लगातार बरसीं। रामबिलास शर्मा के अनुसार उन्हें 2 मिनट तक कुछ याद है, उसके बाद बेहाेश हो गए। सुबह साढे 3 बजे होश आया तो वे झज्जर थाने में थे। उन्हें सुबह कोर्ट में पेश करने के लिए बीच बाजार से पैदल ले जाया जा रहा था। एक बनिया समुदाय की महिला ने कंबल फैंक दिया। सर्द हवा चल रही थी, रामबिलास शर्मा ने उसे संभाल लिया। रिमांड के दौरान हुआ टॉर्चर कोर्ट से पुलिस को 11 दिन का रिमांड मिला तो उन्हें अंबाला पुलिस थाने लाया गया, जहां पर उनके साथ यातनाओं का दौर चालू हुआ। एक सरदार पुलिस अधिकारी ने उन पर खूब जुल्म किए। उन्हें हर रोज पीटा जाता, उनके गुप्तांग खींचे जाते, उनके कपड़े उतरवा कर छाती पर पुलिस वाले बूटों सहित चढ़ गए थे। जब जुल्म की इंतहा हो गई तो रामबिलास शर्मा ने उस अधिकारी से कहा था कि अपना नाम-पता बताकर जाना, फिर कभी जीवन में मुलाकात होगी। बैरक में रात को आता था देवदूत रात के अंधेरे में पिटाई के बाद एक देवदूत कंबल ओढकर आता और रामबिलास शर्मा को हल्दी का दूध पिलाता था। बाद में जब रामबिलास शर्मा ने पता करवाया तो पता लगा कि वो पुलिसकर्मी रोहताश था। जो भिवानी के कलिंगा गांव का रहने वाला था। उसकी शादी रामबिलास शर्मा के इलाके में हुई थी। 5 बाई 5 की सैल में सवा 6 फीट के रामबिलास पुलिस कस्टडी के बाद रामबिलास शर्मा को बिहार की गया जेल भेजा गया, जहां पर उन्हें उन कैदियों के साथ रखा गया, जो उम्रकैद या फांसी की सजा पाए हुए थे। सवा 6 फीट के रामबिलास शर्मा को 5 बाई 5 की सैल में रखा गया था। आखिरकार मोरारजी देसाई की सरकार केंद्र में बनी और इमरजेंसी के काले बादल देश से छंट गए। इमरजेंसी के समय चौधरी बंसीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। जब रामबिलास शर्मा को सन 1998 में मौका मिला तो उनकी सरकार गिराकर इसका हिसाब भी किया। जब मौका मिला तो साल 2014 में पार्टी को सत्ता में भी लेकर आए। रामबिलास शर्मा आजकर पंचकूला स्थित अपने आवास पर हैं, जिनके पैर में घाव हो गया है और शुगर की वजह से उसे ठीक होने में दिक्कत चल रही है। - Bhiwani News