
नकली दूध के खिलाफ फूटा आक्रोश: पीलीबंगा में दुग्ध उत्पादकों का 3 दिवसीय 'दूध बंद' आंदोलन शुरू, आपूर्ति ठप रहने से गहरा सकता है संकट
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पीलीबंगा। क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे नकली व मिलावटी दूध के गोरखधंधे पर रोक लगाने और शुद्ध दूध के खरीद दामों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर स्थानीय दुग्ध उत्पादकों ने मोर्चा खोल दिया है। श्रीगंगानगर में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में पीलीबंगा के दुग्ध उत्पादकों ने 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तक पूर्ण रूप से 'दूध बंद' रखने का ऐलान किया है। इस तीन दिवसीय हड़ताल के चलते कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में दूध की आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने की संभावना है, जिससे आमजन को भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मिलावटखोरों पर कार्रवाई की मांग
आंदोलन के तहत दुग्ध उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक ढिलाई पर नाराजगी जताई। उत्पादकों का कहना है कि कैमिकल युक्त नकली और जहरीला दूध आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, वहीं शुद्ध दूध उत्पादक किसानों को उनकी लागत के अनुसार उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि मिलावटखोरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और शुद्ध दूध के खरीद दामों में तत्काल सम्मानजनक वृद्धि की जाए।
सभी डेयरियां 3 दिन बंद रखने की चेतावनी, टकराव का अंदेशा
प्रदर्शनकारी किसानों व उत्पादकों ने कस्बे की सभी सरकारी, अर्धसरकारी व निजी डेयरियों के साथ-साथ बाजार के डेयरी बूथों को आगामी तीन दिनों तक पूरी तरह बंद रखने की चेतावनी दी है। उत्पादकों ने दो-टूक कहा कि हड़ताल की अवधि के दौरान यदि किसी भी डेयरी संचालक ने दूध का उठाव या परिवहन करने का प्रयास किया और इस दौरान कोई विवाद या अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
इस दौरान समरप्रीत सिंह, गुरजीत सिंह, फरीद खरल, सचिन, सिकंदर गिल, जगसीर सिंह बराड़ और कुलदीप सिंह चहल सहित बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक और किसान मौजूद रहे।