
जिले में एफएफएस व्यवस्था का शुभारंभ, अब ऑनलाइन होगी उर्वरक बुकिंग एवं बिक्री
कलेक्टर काना राम ने करमोदा में किसानों को दी डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी, किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकेंगे उर्वरक बुकिंग
सवाई माधोपुर, 27 अगस्त। किसानों को यूरिया एवं डीएपी सहित सब्सिडी वाले उर्वरकों की पारदर्शी, सुगम एवं मांग आधारित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल व्यवस्था का गुरूवार को इफको बाजार, करमोदा में शुभारंभ किया गया। जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में किसानों को ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग एवं डिजिटल वितरण प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
इस दौरान 150 से अधिक किसानों को एफएफएस एप के माध्यम से फार्मर आईडी अथवा आधार आईडी से उर्वरक बुकिंग, उपलब्ध उर्वरक एवं विक्रेता का चयन तथा बुकिंग के बाद अधिकृत विक्रेता के यहां पोस मशीन से सत्यापन एवं बिल जारी होने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। करीब 50 किसानों को बुकिंग अनुसार उर्वरक उपलब्ध करवाया गया। वहीं वजीरपुर में अतिरिक्त निदेशक भरतपुर देशराज चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 100 से अधिक कृषकों ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी।
डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश:- कलक्टर काना राम ने कहा कि नई डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक की बुकिंग से लेकर बिक्री एवं वितरण तक प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा अनावश्यक खरीद, जमाखोरी, कालाबाजारी एवं निर्धारित दर से अधिक वसूली पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। उन्होंने किसानों से व्यवस्था का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक की बुकिंग करने की अपील की।
267 रुपए में यूरिया, करीब 1,600 रुपए प्रति बैग सब्सिडी:- संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा ने बताया कि सरकार किसानों को एक बैग यूरिया 267 रूपए की निर्धारित दर पर उपलब्ध कराती है, जबकि प्रति बैग करीब 1,600 रूपए की सब्सिडी सरकार द्वारा वहन की जाती है। सब्सिडी वाले उर्वरक की कालाबाजारी एवं अनधिकृत उपयोग की संभावनाओं को रोकने में डिजिटल व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फार्मर आईडी से होगी उर्वरक बिक्री:- मीणा ने बताया कि अब उर्वरक बिक्री फार्मर आईडी के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसान एक फसल सीजन में प्रति हैक्टेयर अधिकतम 5 बैग यूरिया, 3 बैग डीएपी प्राप्त कर सकेंगे। नई व्यवस्था से किसानों को अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी तथा उर्वरक की प्रत्येक बिक्री डिजिटल रूप से दर्ज होने के कारण वास्तविक मांग, उपलब्ध स्टॉक एवं वितरण की प्रभावी निगरानी संभव होगी।
ऐसे होगी किसान को उर्वरक बुकिंग:- किसान एफएफएस एप डाउनलोड कर जिला, तहसील एवं गांव का चयन कर फार्मर आईडी अथवा आधार के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करेंगे। इसके बाद उपलब्ध विकल्पों में से आवश्यक उर्वरक एवं मात्रा का चयन कर बुकिंग पूरी करेंगे। बुकिंग के बाद बुकिंग आईडी और क्यूआर कोड प्राप्त होगा। किसान चयनित अधिकृत उर्वरक विक्रेता के यहां जाकर पोस मशीन के माध्यम से सत्यापन करवाकर बिल प्राप्त करने के बाद उर्वरक ले सकेंगे।
जिले के विभिन्न स्थानों पर भी किसानों को दी जानकारी:- एफएफएस व्यवस्था के शुभारंभ के अवसर पर करमोदा, वजीरपुर, पीपलदा, भाड़ौती, मित्रपुरा, खंडार सहित विभिन्न स्थानों पर किसानों एवं उर्वरक विक्रेताओं को ऑनलाइन बुकिंग तथा पोस के माध्यम से डिजिटल वितरण प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कृषि विभाग ने उर्वरक कंपनियों, सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं से व्यवस्था के सुचारू क्रियान्वयन में सहयोग करने तथा किसानों को निर्धारित दर पर, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने का आह्वान किया है।