
💥 देहरादून: राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प; 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित करने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए कड़े निर्देश 💥
देहरादून (21 अक्टूबर 2026): उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को 'उत्कृष्टता केंद्र' (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने और उनका संपूर्ण कायाकल्प करने पर विस्तृत मंथन किया गया।
मुख्य सचिव ने इन आवासीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर, आधारभूत ढांचे, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य-सुरक्षा को लेकर कई सख्त और दूरदर्शी निर्देश दिए हैं।
📌 बैठक के प्रमुख निर्णय एवं निर्देश
सोसाइटी के माध्यम से संचालन और लीगल फ्रेमवर्क: मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया। इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय (Governing Body) तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति गठित करने की व्यवस्था बनाने को कहा गया है। साथ ही, इनके प्रभावी संचालन के लिए एक मजबूत 'लीगल फ्रेमवर्क' तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थायी प्रधानाचार्य और समर्पित शिक्षक:
विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित, योग्य और अनुभवी शिक्षकों के साथ-साथ स्थायी प्रधानाचार्यों की नियुक्ति पर जोर दिया गया है। चयन प्रक्रिया में उच्च शिक्षा और शोध पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने और जब तक स्थायी नियुक्तियां न हों, तब तक जिला स्तर पर वैकल्पिक व अस्थायी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक माह पूर्व पूरी हो प्रवेश प्रक्रिया:
प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया का समयबद्ध निर्धारण करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से कम से कम एक माह पहले सभी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
निःशुल्क सुविधाएं और सर्वांगीण विकास: विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य सहगामी गतिविधियों (Extra-Curricular Activities) के पर्याप्त अवसर देने पर बल दिया गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि विद्यार्थियों को सभी जरूरी आवासीय व शैक्षणिक सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क मिलनी चाहिए।
आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था:
बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए परिसरों में चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति के लिए वाहन (एम्बुलेंस/वाहन) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
👥 बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव श्री नवनीत पाण्डेय, महानिदेशक श्रीमती आकांक्षा कोंडे सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
💬 उत्तराखंड में आवासीय नवोदय विद्यालयों की स्थिति सुधारने और इन्हें उत्कृष्टता केंद्र बनाने के इस प्रशासनिक कदम पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में अपने विचार जरूर साझा करें!
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