
कांगड़ा :
रजियाणा - सरकारी सिस्टम की लापरवाही का बड़ा मामला कांगड़ा ब्लॉक की रजियाणा पंचायत से सामने आया है। यहां विकास कार्यों के लिए आया करीब 300 बोरी सरकारी सीमेंट इस्तेमाल न होने से पत्थर बन गया।
मामला सामने आने के बाद पंचायत प्रधान अनिता कोहली ने इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी कांगड़ा से की। बीडीओ कांगड़ा के निर्देश पर विभाग के इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार रजियाणा पंचायत में मनरेगा और 14वें/15वें वित्त आयोग के तहत विकास कार्यों के लिए सीमेंट की सप्लाई की गई थी। समय पर काम शुरू न होने और सही भंडारण न करने के कारण सारा सीमेंट खुले में या नमी वाली जगह पर पड़ा रहा और अब बोरियां पत्थर बन चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर सीमेंट को समय पर इस्तेमाल नहीं करना था तो पंचायत में इतनी बड़ी मात्रा में क्यों मंगवाया गया। सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
चलवाड़ा पंचायत में 60 बोरी, बठरा में 13 बोरी सीमेंट के पत्थर बनने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन रजियाणा में एक साथ 300 बोरी खराब होना अब तक का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है।
प्रधान अनिता कोहली ने उठाए सवाल
पंचायत प्रधान अनिता कोहली का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित कर्मचारियों को सीमेंट के सही रखरखाव और समय पर उपयोग के बारे में कहा था, लेकिन लापरवाही बरती गई। आखिर में उन्हें मजबूरन बीडीओ कांगड़ा को लिखित शिकायत देनी पड़ी।
बीडीओ कांगड़ा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर को मौके पर भेजकर रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही बरतने वाले अधिकारी / कर्मचारी या पंचायत प्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में किसे जिम्मेदार ठहराया जाता है और सरकारी सीमेंट की इस बर्बादी की भरपाई कैसे होती है।