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Gopadbanas, Sidhi | Aug 16, 2026

MORE NEWS

रिमारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक पर शराब सेवन के आरोप, बच्चों के बयान वाला वीडियो वायरल

सीधी। जिले के रिमारी प्राथमिक स्कूल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें  स्कूल के एक शिक्षक पर शराब सेवन करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वीडियो में कुछ बच्चों की बातें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए 

मामले को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। ऐसे में यदि किसी शिक्षक द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन किए जाने की पुष्टि होती है, तो यह गंभीर अनुशासनहीनता का विषय है और बच्चों की शिक्षा एवं विद्यालय के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर सीधी से वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों के बयान लिए जाएं तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए।

‘बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’

ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाने के लिए विद्यालय आते हैं। यदि कोई शिक्षक वास्तव में नशे की हालत में विद्यालय पहुंचता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, दूसरी ओर आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए प्रशासन से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

सफाई देने वालों से भी जांच रिपोर्ट का इंतजार

ग्रामीणों ने कहा कि वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की सफाई सामने आने के बजाय प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविकता की जांच करनी चाहिए। बच्चों द्वारा कही गई बातों को भी गंभीरता से सुना जाए और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच कराते हैं या नहीं और जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।

रिमारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक पर शराब सेवन के आरोप, बच्चों के बयान वाला वीडियो वायरल सीधी। जिले के रिमारी प्राथमिक स्कूल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के एक शिक्षक पर शराब सेवन करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वीडियो में कुछ बच्चों की बातें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए मामले को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। ऐसे में यदि किसी शिक्षक द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन किए जाने की पुष्टि होती है, तो यह गंभीर अनुशासनहीनता का विषय है और बच्चों की शिक्षा एवं विद्यालय के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर सीधी से वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों के बयान लिए जाएं तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए। ‘बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’ ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाने के लिए विद्यालय आते हैं। यदि कोई शिक्षक वास्तव में नशे की हालत में विद्यालय पहुंचता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, दूसरी ओर आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए प्रशासन से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। सफाई देने वालों से भी जांच रिपोर्ट का इंतजार ग्रामीणों ने कहा कि वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की सफाई सामने आने के बजाय प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविकता की जांच करनी चाहिए। बच्चों द्वारा कही गई बातों को भी गंभीरता से सुना जाए और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच कराते हैं या नहीं और जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।

Gopadbanas, Sidhi | Aug 18, 2026

रीवा में भाजपा-कांग्रेस विवाद के बाद सियासत गरम, एसपी कार्यालय पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

रीवा। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद रीवा में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना के विरोध में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सांसद जनार्दन मिश्रा की मौजूदगी में कांग्रेस की आदिवासी महिला कार्यकर्ता की ओर जूते फेंके गए। कांग्रेस ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी महिला कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर है।

नोट: जूते फेंके जाने और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

रीवा में भाजपा-कांग्रेस विवाद के बाद सियासत गरम, एसपी कार्यालय पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रीवा। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद रीवा में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना के विरोध में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सांसद जनार्दन मिश्रा की मौजूदगी में कांग्रेस की आदिवासी महिला कार्यकर्ता की ओर जूते फेंके गए। कांग्रेस ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी महिला कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर है। नोट: जूते फेंके जाने और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

Gopadbanas, Sidhi | Aug 18, 2026

आश्वासन के पांच दिन बाद फिर जमीन के लिए सत्याग्रह, रोते हुए पानी में उतरा किसान का बेटा, पिता बोले कि अबकी बार बेटा शहीद हो जाना लेकिन मांगे पूरी होने पर ही लौटना,

रीवा गुढ़ तहसील के ग्राम बेला निवासी किसान परिवार का संघर्ष अब फिर से जारी, 48 घंटे के अनशन के बाद प्रशासन ने दिया था कार्रवाई का भरोसा; मांगें पूरी नहीं होने पर फिर शुरू हुआ विरोध

तलाश न्यूज रीवा

रीवा जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम बेला में अपनी कृषि भूमि और उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान परिवार का संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। करीब पांच दिन पहले 48 घंटे तक पानी में आधा डूबकर सत्याग्रह करने वाले किसान पुत्र ने प्रशासन के आश्वासन के बाद अनशन समाप्त किया था। लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए वह एक बार फिर पानी में उतरकर सत्याग्रह करने को मजबूर हुआ है।

किसान परिवार का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर हाईटेंशन लाइन और टावर लगाए जा रहे हैं। परिवार लंबे समय से जमीन के उचित मुआवजे और अपनी मांगों के निराकरण की मांग कर रहा है। जब उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो किसान पुत्र ने पहले पानी में आधा डूबकर करीब 48 घंटे तक सत्याग्रह किया था।

देर रात रीवा कलेक्टर पहुंचे थे अनशन स्थल

पहले आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, गुढ़ एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी देर रात करीब 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने किसान पुत्र से पूरे मामले की जानकारी लेकर उसकी मांगें सुनी थीं।

प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि जो मांगें नियमानुसार उचित पाई जाएंगी, उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद किसान पुत्र ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। लंबे समय तक अनशन पर रहने के कारण उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था।

पांच दिन बाद फिर पानी में उतरा किसान पुत्र

किसान परिवार का कहना है कि प्रशासन के आश्वासन के पांच दिन बाद भी उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद किसान पुत्र एक बार फिर पानी में उतर गया। इस दौरान वह भावुक होकर रोता नजर आया और अपनी जमीन बचाने की गुहार लगाता रहा।

किसान परिवार का कहना है कि जब आश्वासन के बाद भी जमीन पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ तो उनके सामने फिर आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

पिता का भावुक बयान—मांगे पूरी हों, तभी लौटना

किसान पुत्र के पिता देशराज मिश्रा का बयान भी बेहद भावुक करने वाला है। उनका कहना है कि परिवार अपनी जमीन और हक के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने अपने बेटे से कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखो।

परिवार की पीड़ा यह है कि एक किसान को अपनी जमीन बचाने के लिए बार-बार सत्याग्रह और आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि वह प्रशासन से किसी विशेष कृपा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि अपनी जमीन के संबंध में नियमानुसार उचित मुआवजे और न्याय की मांग कर रहा है।

हाईटेंशन लाइन और टावर को लेकर विवाद

किसान परिवार का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर अडानी कंपनी की ओर से हाईटेंशन लाइन और टावर लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीन का उचित मुआवजा तय किए बिना काम कराया जा रहा है। इसी के विरोध में किसान परिवार ने आंदोलन शुरू किया है।

किसान पुत्र का आरोप है कि जब उसने अपने मामले में जवाब और न्याय की मांग की तो उस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

जीतू पटवारी ने भी किसान से की थी बात

पहले आंदोलन के दौरान मामले की जानकारी मिलने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसान देशराज मिश्रा से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने किसान की स्थिति और उसकी मांगों की जानकारी ली थी।

कांग्रेस ने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, किसान की शिकायत सुनने और जमीन के उचित मुआवजे का निर्धारण कराने की मांग की थी।

आश्वासन बनाम कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

किसान परिवार का संघर्ष अब प्रशासन के आश्वासन और उसके बाद हुई कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। करीब 48 घंटे तक चले पहले सत्याग्रह के बाद अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन पांच दिन बाद किसान परिवार फिर आंदोलन की राह पर है।

यह मामला केवल एक किसान परिवार की जमीन का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि यदि प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता, तो आखिर किसान अपनी बात किसके सामने और किस तरीके से रखे?

अब देखना यह है कि किसान परिवार की मांगों पर प्रशासन कब तक ठोस निर्णय लेता है और क्या इस बार आश्वासन के बजाय जमीन पर समाधान दिखाई देता है।

आश्वासन के पांच दिन बाद फिर जमीन के लिए सत्याग्रह, रोते हुए पानी में उतरा किसान का बेटा, पिता बोले कि अबकी बार बेटा शहीद हो जाना लेकिन मांगे पूरी होने पर ही लौटना, रीवा गुढ़ तहसील के ग्राम बेला निवासी किसान परिवार का संघर्ष अब फिर से जारी, 48 घंटे के अनशन के बाद प्रशासन ने दिया था कार्रवाई का भरोसा; मांगें पूरी नहीं होने पर फिर शुरू हुआ विरोध तलाश न्यूज रीवा रीवा जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम बेला में अपनी कृषि भूमि और उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान परिवार का संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। करीब पांच दिन पहले 48 घंटे तक पानी में आधा डूबकर सत्याग्रह करने वाले किसान पुत्र ने प्रशासन के आश्वासन के बाद अनशन समाप्त किया था। लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए वह एक बार फिर पानी में उतरकर सत्याग्रह करने को मजबूर हुआ है। किसान परिवार का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर हाईटेंशन लाइन और टावर लगाए जा रहे हैं। परिवार लंबे समय से जमीन के उचित मुआवजे और अपनी मांगों के निराकरण की मांग कर रहा है। जब उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो किसान पुत्र ने पहले पानी में आधा डूबकर करीब 48 घंटे तक सत्याग्रह किया था। देर रात रीवा कलेक्टर पहुंचे थे अनशन स्थल पहले आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, गुढ़ एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी देर रात करीब 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने किसान पुत्र से पूरे मामले की जानकारी लेकर उसकी मांगें सुनी थीं। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि जो मांगें नियमानुसार उचित पाई जाएंगी, उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद किसान पुत्र ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। लंबे समय तक अनशन पर रहने के कारण उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था। पांच दिन बाद फिर पानी में उतरा किसान पुत्र किसान परिवार का कहना है कि प्रशासन के आश्वासन के पांच दिन बाद भी उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद किसान पुत्र एक बार फिर पानी में उतर गया। इस दौरान वह भावुक होकर रोता नजर आया और अपनी जमीन बचाने की गुहार लगाता रहा। किसान परिवार का कहना है कि जब आश्वासन के बाद भी जमीन पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ तो उनके सामने फिर आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। पिता का भावुक बयान—मांगे पूरी हों, तभी लौटना किसान पुत्र के पिता देशराज मिश्रा का बयान भी बेहद भावुक करने वाला है। उनका कहना है कि परिवार अपनी जमीन और हक के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने अपने बेटे से कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखो। परिवार की पीड़ा यह है कि एक किसान को अपनी जमीन बचाने के लिए बार-बार सत्याग्रह और आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि वह प्रशासन से किसी विशेष कृपा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि अपनी जमीन के संबंध में नियमानुसार उचित मुआवजे और न्याय की मांग कर रहा है। हाईटेंशन लाइन और टावर को लेकर विवाद किसान परिवार का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर अडानी कंपनी की ओर से हाईटेंशन लाइन और टावर लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीन का उचित मुआवजा तय किए बिना काम कराया जा रहा है। इसी के विरोध में किसान परिवार ने आंदोलन शुरू किया है। किसान पुत्र का आरोप है कि जब उसने अपने मामले में जवाब और न्याय की मांग की तो उस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। जीतू पटवारी ने भी किसान से की थी बात पहले आंदोलन के दौरान मामले की जानकारी मिलने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसान देशराज मिश्रा से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने किसान की स्थिति और उसकी मांगों की जानकारी ली थी। कांग्रेस ने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, किसान की शिकायत सुनने और जमीन के उचित मुआवजे का निर्धारण कराने की मांग की थी। आश्वासन बनाम कार्रवाई पर उठ रहे सवाल किसान परिवार का संघर्ष अब प्रशासन के आश्वासन और उसके बाद हुई कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। करीब 48 घंटे तक चले पहले सत्याग्रह के बाद अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन पांच दिन बाद किसान परिवार फिर आंदोलन की राह पर है। यह मामला केवल एक किसान परिवार की जमीन का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि यदि प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता, तो आखिर किसान अपनी बात किसके सामने और किस तरीके से रखे? अब देखना यह है कि किसान परिवार की मांगों पर प्रशासन कब तक ठोस निर्णय लेता है और क्या इस बार आश्वासन के बजाय जमीन पर समाधान दिखाई देता है।

Gopadbanas, Sidhi | Aug 17, 2026

सीधी-सिंगरौली मार्ग पर 14 टायर वाहन पलटा, चारों तरफ ऊपर दिखे टायर; वीडियो वायरल

जमोड़ी थाना क्षेत्र में अविनव ट्रेडर्स के पास हुआ हादसा, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

सीधी। जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सीधी-सिंगरौली मुख्य मार्ग पर अविनव ट्रेडर्स के पास 14 टायर वाहन के पलटने का मामला सामने आया है। वाहन के पलटने के बाद उसके सभी टायर ऊपर की ओर दिखाई दे रहे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

घटना में किसी के घायल होने अथवा जनहानि की आधिकारिक जानकारी फिलहाल प्राप्त नहीं हुई है। हादसे की पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

वायरल वीडियो में सड़क किनारे पलटा हुआ 14 टायर वाहन दिखाई दे रहा है।

हादसे के कारणों की जानकारी का इंतजार

वाहन अनियंत्रित होकर क्यों पलटा, क्या उसमें कोई तकनीकी खराबी थी अथवा सड़क पर किसी कारण से चालक का नियंत्रण बिगड़ा—इन सभी बिंदुओं की जानकारी पुलिस जांच के बाद सामने आएगी।

जमोड़ी थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।

सीधी-सिंगरौली मार्ग पर 14 टायर वाहन पलटा, चारों तरफ ऊपर दिखे टायर; वीडियो वायरल जमोड़ी थाना क्षेत्र में अविनव ट्रेडर्स के पास हुआ हादसा, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल सीधी। जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सीधी-सिंगरौली मुख्य मार्ग पर अविनव ट्रेडर्स के पास 14 टायर वाहन के पलटने का मामला सामने आया है। वाहन के पलटने के बाद उसके सभी टायर ऊपर की ओर दिखाई दे रहे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। घटना में किसी के घायल होने अथवा जनहानि की आधिकारिक जानकारी फिलहाल प्राप्त नहीं हुई है। हादसे की पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वायरल वीडियो में सड़क किनारे पलटा हुआ 14 टायर वाहन दिखाई दे रहा है। हादसे के कारणों की जानकारी का इंतजार वाहन अनियंत्रित होकर क्यों पलटा, क्या उसमें कोई तकनीकी खराबी थी अथवा सड़क पर किसी कारण से चालक का नियंत्रण बिगड़ा—इन सभी बिंदुओं की जानकारी पुलिस जांच के बाद सामने आएगी। जमोड़ी थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।

Gopadbanas, Sidhi | Aug 17, 2026

*🛑नगरपालिका को शिवसेना की दो टूक चेतावनी!*
*🛑15 दिन में सुधार नहीं तो नगरपालिका का घेराव!*
*🛑स्ट्रीट लाइट, सफाई और सड़कें बदहाल—शिवसेना का अल्टीमेटम!*
*🛑CMO से बोले शिवसेना नेता—अब काम चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं!*

*🛑नगरपालिका को शिवसेना की दो टूक चेतावनी!* *🛑15 दिन में सुधार नहीं तो नगरपालिका का घेराव!* *🛑स्ट्रीट लाइट, सफाई और सड़कें बदहाल—शिवसेना का अल्टीमेटम!* *🛑CMO से बोले शिवसेना नेता—अब काम चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं!*

Gopadbanas, Sidhi | Aug 17, 2026