
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से आम जनता का जीना दूभर, सरकार और कर्मचारी संगठन जल्द निकालें समाधान : शुभम रोहिल्ला
सफीदों। समाजसेवी शुभम रोहिल्ला ने बिजली निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली आज आम आदमी की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। बिजली के बिना पीने के पानी से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और घरेलू जीवन तक सब कुछ प्रभावित हो रहा है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शुभम रोहिल्ला ने कहा कि घरों में पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग परेशान हैं। शाम होते ही दुकानदारों का कामकाज प्रभावित हो रहा है, वहीं अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की मांगें अपनी जगह जायज हो सकती हैं, लेकिन अपनी मांगें मनवाने के लिए आम जनता को परेशानी में डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर कर्मचारी और संगठन को अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन इस संघर्ष में आम नागरिकों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सरकार को भी अपनी हठधर्मिता छोड़कर कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
शुभम रोहिल्ला ने सरकार और कर्मचारी संगठनों से अपील करते हुए कहा कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद छोड़कर जनहित को सर्वोपरि रखें और बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करवाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन की सफलता तभी सार्थक है, जब उसमें जनता के हितों का भी ध्यान रखा जाए। आम जनता को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखकर कोई भी लड़ाई नहीं जीती जा सकती। इसलिए सरकार और कर्मचारी संगठन आपसी सहमति से जल्द समाधान निकालें, ताकि लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
Safidon, Jind | Oct 23, 2026