कपिल सिब्बल के बयान पर सियासी घमासान और तेज़ हो गया है।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करती हैं। उन्होंने इस घटना पर चिंता जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
वहीं भाजपा नेता दिलीप घोष ने सिब्बल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बंगाल को समझने के लिए ज़मीनी हकीकत देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से बंगाल की राजनीति में हिंसा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है, जिसके परिणाम आज सामने आ रहे हैं।
एक तरफ विपक्ष लोकतंत्र और राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठा रहा है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे जनता के बढ़ते गुस्से और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रतिक्रिया बता रही है।
बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर राजनीतिक हिंसा का यह सिलसिला कब रुकेगा ?