
मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत जिले में पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई।
The silence media news
बैठक में जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद अभिलाषा शर्मा जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तिखार अहमद, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
उल्लेखनीय है कि “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने हस्तलिखित दस्तावेज—जो कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, धातु अथवा अन्य पारंपरिक माध्यमों पर लिखे गए हों—का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं प्राचीन ग्रंथों का संरक्षण कर उन्हें भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है, ताकि उनमें निहित ज्ञान का शोध, अनुवाद एवं प्रकाशन के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसार किया जा सके।
अब तक जिले में लगभग 26,158 हस्तलिखित दस्तावेजों की पहचान की जा चुकी है, जिसके साथ औरंगाबाद जिला राज्य स्तर पर संचालित सर्वेक्षण में छठे स्थान पर शामिल है। यह उपलब्धि जिले में अभिलेखों एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण एवं पहचान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
सर्वेक्षण उपरांत विशेषज्ञ टीम द्वारा संबंधित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर पांडुलिपियों के संरक्षण एवं उपचार हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे इन अमूल्य धरोहरों को क्षरण से बचाया जा सके।
मुख्य सचिव महोदय द्वारा निर्देश दिया गया कि पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के दौरान पदाधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि सर्वेक्षण पूरी तरह शुद्ध एवं तथ्यपरक हो, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि अथवा रिजेक्शन की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। यह सर्वेक्षण कार्य दिनांक 15 जून 2026 तक संपन्न किया जाएगा।
जिला प्रशासन, औरंगाबाद द्वारा सभी जिलावासियों से अपील की गई है कि जिनके पास 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने हस्तलिखित दस्तावेज सुरक्षित हैं, वे उनके डिजिटाइजेशन हेतु जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, औरंगाबाद श्री कुमार पप्पू राज (मोबाइल : 7488153690) से संपर्क करें।
जिला प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि पांडुलिपियां संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के स्वामित्व में ही सुरक्षित रहेंगी तथा उनके डिजिटाइजेशन के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित किया जाएगा।
#thesilencemedianews #abhilashasharmaias #AbhilashaSharma #औरंगाबाद #aurangabad