
तालाब बचाइए, वरना आने वाली पीढ़ियां सिर्फ तस्वीरों में देखेंगी!
मंदसौर के ऐतिहासिक तेलिया तालाब के अस्तित्व और उसके डूब क्षेत्र को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। तालाब के आसपास लगातार हो रहे भराव और व्यावसायिक निर्माण ने भविष्य की चिंता बढ़ा दी है।
तालाब का डूब क्षेत्र (Catchment Area) और ग्रीन बेल्ट जल संरक्षण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर निर्माण या भराव किया जाना न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि शहर के जल संतुलन और तालाब के भविष्य पर भी सीधा प्रहार है।
आज यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो वह दिन दूर नहीं जब तालाब का क्षेत्र धीरे-धीरे सिकुड़ता जाएगा और आने वाली पीढ़ियां पूछेंगी—“कभी यहां तालाब हुआ करता था?”
तालाब को टापू समझकर भोजन का आनंद लेने की नहीं, उसके अस्तित्व को बचाने की जरूरत है।
प्रशासन को चाहिए कि तेलिया तालाब की सीमा, डूब क्षेत्र एवं ग्रीन बेल्ट का तत्काल सीमांकन कराकर अवैध भराव और निर्माण की जांच करे तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
अभी आवाज उठाइए—क्योंकि जलस्रोत एक बार खत्म हो जाएं तो उन्हें वापस बनाना संभव नहीं होता।
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