
हरियाणा के स्कूली छात्रों को मिलेगा वित्तीय ज्ञान
शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन से आईसीएआई प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
स्कूल स्तर पर ही बैंकिंग, टैक्स और बजटिंग सीख सकेंगे छात्र : आईसीएआई व एचबीएसई की पहल
भिवानी, 02 जून : हरियाणा के स्कूली विद्यार्थियों को अब कम उम्र से ही बैंकिंग, टैक्स, बजटिंग और डिजिटल पेमेंट्स जैसे व्यावहारिक विषयों की समझ मिल सकेगी। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ से मुलाकात की। इस शैक्षणिक सहयोग बैठक में प्रदेश के छात्रों को भविष्य-उन्मुख करियर मार्गदर्शन देने और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विकसित भारत : 2047 के विजऩ के अनुरूप तैयार की गई है।
बैठक में दोनों संस्थाओं के बीच एक प्रस्तावित एमओयू पर भी चर्चा हुई। इसके तहत आईसीएआई पाठ्यक्रम, स्टडी मटेरियल और शिक्षक प्रशिक्षण में सहयोग करेगा, जबकि हरियाणा शिक्षा बोर्ड स्कूलों की पहचान और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने में मदद करेगा। प्रतिनिधिमंडल में भिवानी शाखा के चेयरमैन सीए ललित अग्रवाल, वाइस-चेयरमैन सीए अभिनव गोयल, सचिव सीए अंकुर गर्ग और पूर्व चेयरमैन सीए राजेश तंवर उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ को शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित भी किया।
इस बारे में जानकारी देते हुए चेयरमैन सीए ललित अग्रवाल ने बताया कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्र अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी, गलत कर्ज और खराब वित्तीय फैसलों का शिकार हो जाते हैं। स्कूल स्तर पर ही मनी मैनेजमेंट और टैक्स की शिक्षा देकर उन्हें व उनके परिवारों को जागरूक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित वर्तमान, सुरक्षित भविष्य, विकसित भारत के मूल संदेश के साथ इस प्रोजेक्ट के तहत छात्रों को जीएसटी, जीडीपी, बैंकिंग और बचत जैसे विषयों से परिचित कराया जाएगा। इसके माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों के साथ एक स्ट्रक्चर्ड जुड़ाव स्थापित किया जाएगा, जिसमें करियर काउंसलिंग सत्र, शिक्षकों के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और छात्रों के लिए एआई टूल्स की सहायता शामिल है।
सीए अग्रवाल ने बताया कि आईसीएआई ने सोशल साइंस के तहत 25 अंकों का एक विशेष फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है। जिसके तहत कक्षा 6 व 7 में बचत, बैंकिंग, पासबुक पढऩा और यूपीआई जागरूकता, कक्षा 8 व 9 तक लोन, ईएमआई, क्रेडिट स्कोर, सुरक्षित उधार और उद्यमिता, कक्षा 10 में इनकम टैक्स, जीएसटी, शेयर, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट आदि पर विचार किया गया। इसके अलावा कक्षा 8वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक के छात्रों के लिए एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने पर बात हुई, जिसमें कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं होगी और मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया जाएगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने सभी पहलों को बेहद गंभीरता और रुचि के साथ सुना। बैठक अत्यंत सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।