
*खेल-खेल में सीखने की नई तकनीकों से दक्ष होंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता*
*हलैना सैक्टर में बाल-केंद्रित एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पर दिया जोर*
भरतपुर, 26 अगस्त। जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रॉकेट लर्निंग संस्था एवं समेकित बाल विकास सेवा के संयुक्त तत्वावधान में वैर ब्लॉक स्थित हलैना सैक्टर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए प्रथम चरण का क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
जिला समन्वयक प्राची चौधरी ने बताया कि सुपरवाइजर मनोरमा देवी के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में 25 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, बाल मनोविज्ञान, भाषा एवं संज्ञानात्मक विकास तथा विद्यालय पूर्व शिक्षा की प्रभावी तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान कागज के गिलासों की सहायता से टावर बनाने की समूह गतिविधि कराई गई। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को समझाया गया कि जिस प्रकार किसी टावर की मजबूती उसकी मजबूत नींव पर निर्भर करती है, उसी प्रकार बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष उसके भविष्य एवं सर्वांगीण विकास की आधारशिला होते हैं। प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों को उचित पोषण, देखभाल, प्रोत्साहन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने से उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को मजबूती मिलती है।
*अनुभव आधारित अधिगम पर दिया जोर*
प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अनुभव आधारित अधिगम की अवधारणा समझाई गई। विभिन्न खाद्य पदार्थों के चित्रों एवं वास्तविक खाद्य पदार्थों के माध्यम से गतिविधि कराते हुए बताया गया कि बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान देने के बजाय देखने, छूने, महसूस करने, बोलने, प्रश्न पूछने एवं स्वयं गतिविधि करने के अवसर दिए जाने चाहिए। इससे बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, भाषा कौशल एवं संज्ञानात्मक क्षमताओं का विकास होता है। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की गति एवं रुचि अलग-अलग होती है। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की आवश्यकताओं एवं क्षमताओं के अनुरूप सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तथा खेल के माध्यम से सीखने का आनंददायक वातावरण विकसित किया जाए। प्रशिक्षण में माया शर्मा, लालवती, अर्चना शर्मा, राधा रानी, निशा कुमारी, रेखा एवं ममता देवी सहित अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर प्रशिक्षण में बताई गई तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझा तथा अपने अनुभव साझा किए।