
नल का जल ! बोकारो में AI और सेंसर तकनीक से होगी पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान
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Bokaro: जिले में हर घर तक सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) की समीक्षा बैठक कर जिले में पेयजल आपूर्ति की स्थिति और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बोकारो जिले का कोई भी घर पेयजल सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने गांववार और घरवार गैप एनालिसिस कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने, खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने और पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
##पेयजल सुविधा से वंचित क्षेत्रों का होगा सर्वे
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के वैसे गांव, टोले और बस्तियों की पहचान की जाए जहां अब तक नियमित पेयजल सुविधा नहीं पहुंच पाई है। इसके लिए विस्तृत सर्वे कर जरूरत के अनुसार नई योजनाएं तैयार की जाएंगी। उन्होंने कहा कि खराब और लंबे समय से बंद पड़े हैंडपंपों की सूची तैयार कर उनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।
##हर घर जल योजना की होगी समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने हर घर जल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गांववार और परिवारवार गैप एनालिसिस करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट होना चाहिए कि किन क्षेत्रों और कितने परिवारों तक अभी तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि कमियों को चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से समाधान किया जा सके।
##एआई और सेंसर तकनीक से होगा पेयजल व्यवस्था का वैज्ञानिक आकलन
बैठक में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और सेंसर आधारित तकनीक के माध्यम से जल स्रोतों की स्थिति, जल उपलब्धता और संकट वाले क्षेत्रों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से उन क्षेत्रों की पहचान आसानी से हो सकेगी जहां तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।
##डीएमएफटी से प्राथमिकता के आधार पर बनेंगी योजनाएं
उपायुक्त ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के माध्यम से पेयजल से वंचित क्षेत्रों के लिए आवश्यक परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला खनन कार्यालय को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में समस्या का स्पष्ट विवरण, प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी और एआई आधारित समाधान सहित विस्तृत कार्ययोजना शामिल करने को कहा।
##समय सीमा में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि गांववार और घरवार गैप एनालिसिस, खराब हैंडपंपों की सूची, मरम्मत की कार्ययोजना, पेयजल से वंचित क्षेत्रों का चिन्हांकन और एआई आधारित विश्लेषण रिपोर्ट तय समय सीमा के भीतर तैयार कर प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य ‘हर घर जल’ अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाना है, ताकि बोकारो जिले के प्रत्येक परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सके। बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार, पीएचईडी चास के कार्यपालक अभियंता राम प्रवेश राम, तेनुघाट के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Chas, Bokaro | Aug 3, 2026