
SIR ड्यूटी से परेशान JBT टीचर का चुनाव-आयोग को पत्र
सुसाइड किया या हार्ट अटैक आया तो पंचकूला DC-SDM जिम्मेदार, इस्तीफा दूंगा
हरियाणा के पंचकूला जिले के पिंजौर क्षेत्र के कोना गांव में तैनात जेबीटी शिक्षक एवं बीएलओ शैलेंद्र सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान आ रही परेशानियों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
शिक्षक ने पत्र में आरोप लगाया है कि वह लंबे समय से अपनी समस्याओं के बारे में जिला निर्वाचन अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराता रहा है, लेकिन उसकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उसने सुसाइड किया, नस फटी या हार्ट अटैक आया तो अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
अब जानिए BLO शैलेंद्र की परेशानी और उसकी वजह…
नियुक्ति पर उठाए सवाल, अब SIR में बढ़ी मुश्किलें
शैलेंद्र का तर्क है कि संबंधित बूथ के मतदाता सरकारी कर्मचारी को प्राथमिकता के आधार पर बीएलओ बनाया जाना चाहिए था। इसके बावजूद उन्हें इस बूथ की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अब SIR अभियान के दौरान उन्हें घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों को फॉर्म भरने की प्रक्रिया समझाने में काफी समय लग रहा है। कई लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, जिससे पूरा काम बीएलओ के कंधों पर आ गया है।
नेटवर्क नहीं, बाहर जाना पड़ता है
मोरनी क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में नेटवर्क की समस्या भी परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। शिक्षक के अनुसार कई जगह मोबाइल नेटवर्क नहीं आता, इसलिए ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए घरों से बाहर निकलकर सिग्नल वाले स्थान पर जाना पड़ता है। कई बार ऑनलाइन आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं, जिसके बाद संबंधित मतदाता को दोबारा सूचित कर पूरी प्रक्रिया दोहरानी पड़ती है।
स्किन की बीमारी का भी जिक्र
शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें त्वचा संबंधी बीमारी है। अधिक पसीना आने पर एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। लगातार फील्ड ड्यूटी और गर्मी के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी उनकी स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे।
पत्र में लिखी गंभीर चेतावनी
शैलेंद्र सिंह ने लिखा है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। आवश्यकता पड़ने पर बीएलओ पद से त्यागपत्र भी दे सकते हैं। यदि लगातार तनाव और मानसिक दबाव के कारण उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार आते हैं, हार्ट अटैक की घटना होती है या अत्यधिक तनाव के कारण पस फट जाती है, तो इसके लिए एसडीएम कालका, उपायुक्त पंचकूला और निर्वाचन से जुड़े संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।