
तीन मासूमों की मौत: लापरवाही, रहस्य और कई अनसुलझे सवाल
छतरपुर जिले के मातगुवां थाना क्षेत्र के पिपोरा खुर्द गांव में एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि परिवार ने रात में बैंगन का भर्ता और रोटी खाई थी। देर रात करीब 3 बजे बच्चियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गए। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान तीनों बच्चियों ने दम तोड़ दिया।
लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक ही परिवार की लगातार तीन बच्चियों की मौत हुई, तो जिला अस्पताल में बिना पोस्टमार्टम कराए शव परिजनों को कैसे सौंप दिए गए? आखिर ऐसी कौन सी प्रक्रिया अपनाई गई कि मौत के वास्तविक कारण की जांच किए बिना शवों को गांव ले जाने की अनुमति मिल गई? क्या स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया या फिर कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही हुई?
हैरानी की बात यह भी है कि बच्चियों के शवों को उनके पैतृक गांव पनोठा के जंगल में दफना दिया गया। यदि मौत सामान्य थी तो इतनी जल्दबाजी क्यों हुई? और यदि मौत खाने-पीने की किसी चीज से हुई थी, तो प्रशासन या पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार क्यों कर दिया गया? ये ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब जांच एजेंसियां तलाश रही हैं।
जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची, प्रशासन हरकत में आया। पुलिस, डॉक्टरों की टीम, एफएसएल, खाद्य विभाग और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। बैंगन के भर्ते, रोटी और आटे के नमूने लिए गए हैं। वहीं दफनाए गए शवों को निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार बालमुकुंद कुशवाहा की पांच बेटियां थीं, जिनमें तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर की तीन बच्चियों की मौत हुई है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक ही रात में परिवार की तीन बच्चियां मौत का शिकार बन गईं? क्या यह खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) का मामला है, किसी जहरीले पदार्थ का असर है या फिर इसके पीछे कोई और वजह छिपी है?
फिलहाल सोशल मीडिया और गांव में तरह-तरह की चर्चाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अब पूरे जिले की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी है। इन्हीं रिपोर्टों से साफ होगा कि तीन मासूम जिंदगियों की मौत के पीछे आखिर असली वजह क्या थी और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।