
### थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप डांगी की टीम की बड़ी कार्रवाई, 30 ग्राम स्मैक व 3.100 किलो डोडाचूरा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार
मंदसौर। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना प्रभारी दलोदा उपनिरीक्षक रविंद्र प्रताप डांगी के नेतृत्व में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डांगी और उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए 30 ग्राम स्मैक पाउडर, 3.100 किलोग्राम डोडाचूरा, एक एक्टिवा स्कूटी और दो मोबाइल जब्त कर पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.06 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल एवं एसडीओपी कीर्ति बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप डांगी ने अपनी टीम के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार 12 जुलाई को उपनिरीक्षक कैलाश बघेल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी से मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप डांगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दलोदा-धुंधड़का रोड स्थित श्मशान घाट के पास घेराबंदी की। यहां स्कूटी पर सवार एक युवक और उसके पीछे बैठी महिला को रोककर तलाशी ली गई।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम शिवा उर्फ शिवनारायण परिहार (34 वर्ष) निवासी अंबिका नगर, दलोदा तथा उसकी पत्नी नीलू (31 वर्ष) निवासी अंबिका नगर, दलोदा बताए। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 30 ग्राम स्मैक पाउडर और 3.100 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ।
थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप डांगी की टीम ने आरोपियों से मादक पदार्थों के अलावा परिवहन में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी क्रमांक MP ZH 6438 तथा दो एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किए। इस संबंध में थाना दलोदा पर अपराध क्रमांक 255/2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 एवं 8/15 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शिवा के विरुद्ध रतलाम जिले के जावरा शहर थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी का प्रकरण दर्ज है, जबकि भावगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी और मारपीट के मामले भी दर्ज हैं।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप डांगी के साथ उपनिरीक्षक कैलाश बघेल, प्रधान आरक्षक अजीत सिंह एवं प्रधान आरक्षक जितेंद्र द्विवेदी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।