### 17 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन, पश्चिम मध्य रेल के 6 स्टेशन शामिल
जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई 2026 को पंजाब के जालंधर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 20 राज्यों में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इन स्टेशनों का उद्देश्य आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान देना है।
पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत मध्य प्रदेश के ब्योहारी, साँची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी तथा राजस्थान के गंगापुर सिटी जंक्शन रेलवे स्टेशन भी नए स्वरूप में तैयार किए गए हैं। इन छह स्टेशनों के पुनर्विकास पर कुल 133 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इनमें ब्योहारी पर 20 करोड़, साँची पर 15 करोड़, विदिशा पर 29 करोड़, अशोकनगर पर 22 करोड़, शिवपुरी पर 22 करोड़ और गंगापुर सिटी जंक्शन पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
पुनर्विकसित स्टेशनों पर आधुनिक स्टेशन भवन, विस्तृत प्लेटफॉर्म शेड, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड, आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्वच्छ प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुव्यवस्थित पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए 12 मीटर चौड़े आधुनिक फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए हैं। वहीं दिव्यांगजन के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ सहित सभी आवश्यक सुगम्यता सुविधाएं विकसित की गई हैं। ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसरों में एलईडी लाइटिंग भी स्थापित की गई है।
17 जुलाई को सभी पुनर्विकसित स्टेशनों पर स्थानीय स्तर पर भी उद्घाटन समारोह आयोजित होंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय रेल मंत्री, केंद्रीय व राज्य मंत्री, सांसद, विधायक, रेलवे अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और नागरिक शामिल होंगे। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण और लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे।
रेलवे के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित ये स्टेशन केवल यात्रियों की सुविधा ही नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देंगे। आधुनिक सुविधाओं और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के साथ ये स्टेशन संबंधित क्षेत्रों के लिए नए विकास द्वार के रूप में उभरेंगे।