
लॉटरी पर राजनीति करने से पहले अनुराग ठाकुर अपने और केंद्र सरकार के वादों का हिसाब दें : रजत राणा
हमीरपुर
सुक्खू सरकार की जनहितकारी उपलब्धियों को छिपाने के लिए भाजपा कर रही है मुद्दों को भटकाने की कोशिश
हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित लॉटरी व्यवस्था को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा कांग्रेस सरकार पर लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस मीडिया से जुड़े रजत राणा ने तीखा पलटवार किया है।
रजत राणा ने कहा कि अनुराग ठाकुर को हिमाचल के युवाओं की इतनी ही चिंता है तो वे केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय केंद्र की भाजपा सरकार और अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल का भी जनता के सामने हिसाब रखें। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवाओं को रोजगार, बेहतर शिक्षा, कौशल विकास, निवेश और सुरक्षित भविष्य चाहिए, और कांग्रेस सरकार इन्हीं मुद्दों पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद जनहित में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने, किसानों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया है।
रजत राणा ने कहा कि सुक्खू सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना जैसी पहल के माध्यम से युवाओं को केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय अपना रोजगार और उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इलेक्ट्रिक वाहन, ई-टैक्सी और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में भी सरकार ने कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं, किसानों, बागवानों और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भी कई नीतिगत फैसले लिए हैं। दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी, प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को प्रोत्साहन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हैं।
रजत राणा ने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की पहल भी सरकार की सामाजिक सुरक्षा की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का लक्ष्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को राहत देना तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर दिशा में आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार पर्यटन, हरित ऊर्जा, उद्योग, कृषि, बागवानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है। राजस्व बढ़ाने और प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार कई कदम उठा रही है।
“अनुराग ठाकुर पहले अपने वादों का हिसाब दें”
रजत राणा ने कहा कि भाजपा नेता आज कांग्रेस के वादों की चर्चा करते हैं, लेकिन जनता यह पूछने का अधिकार रखती है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने चुनावों के दौरान किए गए अपने बड़े वादों में कितने पूरे किए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के पुराने चुनावी दावों को जनता भूली नहीं है। काले धन की वापसी, रोजगार और आर्थिक सुधारों से जुड़े वादों पर भी भाजपा को जनता के सामने जवाब देना चाहिए। केवल कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाने से भाजपा अपने पुराने वादों से बच नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि “15 लाख” से जुड़े राजनीतिक दावे आज भी देश की राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं। भाजपा नेताओं को इस मुद्दे पर भी जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि चुनाव के समय किए गए आर्थिक दावों का वास्तविक परिणाम क्या रहा।
रजत राणा ने कहा कि अनुराग ठाकुर स्वयं केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इसलिए उन्हें हिमाचल के युवाओं को यह भी बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास के लिए क्या ठोस योगदान दिया।
“युवाओं को लॉटरी नहीं, अवसर चाहिए”
रजत राणा ने कहा कि हिमाचल के युवा मेहनती हैं और वे अपने दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और निवेश के अवसर चाहिए।
उन्होंने कहा कि लॉटरी के मुद्दे पर सरकार की नीति और नियमों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसे आधार बनाकर हिमाचल के युवाओं के भविष्य को लेकर भय का माहौल पैदा करना उचित नहीं है।
उन्होंने भाजपा नेताओं से कहा कि यदि उन्हें वास्तव में युवाओं की चिंता है तो वे प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक सुझाव दें और केंद्र से हिमाचल के लिए अधिक निवेश, औद्योगिक परियोजनाएं और रोजगार के अवसर लाने की मांग करें।
रजत राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रदेश के हित में फैसले ले रही है। सरकार की प्राथमिकता हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और आम परिवारों को राहत देना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह हर उपलब्धि और हर नीति को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय प्रदेश हित में सहयोग करे।
“अनुराग ठाकुर , हिमाचल के युवाओं को गुमराह करने की राजनीति छोड़िए। पहले केंद्र की सरकार के पुराने वादों का हिसाब दीजिए और फिर हिमाचल की चुनी हुई सरकार से सवाल कीजिए। हिमाचल की जनता अब सिर्फ भाषण नहीं, काम और परिणाम देखना चाहती है।