
राज्यसभा सांसद प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार NIFTEM काउंसिल के सदस्य निर्वाचित
संसद के उच्च सदन से विधिवत हुआ निर्वाचन, हिमाचल के खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी और युवा उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
शिमला, 16 अगस्त। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार के नाम एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व जुड़ गया है। उन्हें देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की काउंसिल का सदस्य विधिवत निर्वाचित किया गया है।
राज्यसभा सचिवालय, संसदीय सौध, नई दिल्ली की ओर से 14 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार यह निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हुई। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के शासकीय पत्र के संदर्भ में राज्यसभा में 7 अगस्त को प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। इसके बाद हुई चुनावी प्रक्रिया में 13 अगस्त 2026 को प्रोफेसर सिकंदर कुमार को काउंसिल का सदस्य निर्वाचित किया गया।
राज्यसभा सचिवालय के उप सचिव अनुराग सैनी द्वारा जारी ज्ञापन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि डॉ. कुमार को काउंसिल की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और कार्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा समन्वय के लिए उचित स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
NIFTEM खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, आपूर्ति श्रृंखला और खाद्य सुरक्षा से जुड़े क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में हिमाचल के सांसद की काउंसिल में मौजूदगी से प्रदेश के कृषि और बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश सेब, कीवी, मशरूम, अदरक, लहसुन और विभिन्न सब्जियों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड-चेन सुविधाओं के विस्तार से किसानों की उपज के नुकसान को कम करने के साथ ही उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। वहीं, खाद्य प्रसंस्करण आधारित सूक्ष्म उद्योगों और उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
मूल रूप से जिला हमीरपुर की उप-तहसील एवं डाकघर कांगू के गांव ढगोह से संबंध रखने वाले प्रोफेसर सिकंदर कुमार प्रतिष्ठित शिक्षाविद और पूर्व कुलपति रहे हैं। संसद में सक्रिय भागीदारी और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए पहचाने जाने वाले प्रोफेसर कुमार को यह जिम्मेदारी मिलने से उनके गृह क्षेत्र हमीरपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है।