
*छतरपुर विधायक ललिता यादव ने फरमान जारी कर दिया है कि किशोर सागर तालाब को भरने का जो कार्य किया गया है, उसे पुनः बाहर निकाला जाए और तालाब के डूब क्षेत्र को पूरी तरह मुक्त किया जाए यह बयान जारी करते हुए संबंधित लोगों को लताड़ लगाई लेकिन गंभीर विषय यह है कि अभी तक विधायक के द्वारा भी किसी प्रकार की लिखित कार्यवाही नहीं की गई और ना ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई जिसका इंतजार छतरपुर की जनता को है।
अब देखना यह होगा कि विधायक के संज्ञान लेने के बाद भी किशोर सागर तालाब अपनी मूल स्थिति में वापस आ पाता है या नहीं।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह काम करेगा कौन? क्योंकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह भराव कार्य किसने कराया था। जब इस विषय में नगर पालिका अध्यक्ष से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वहां नाली निर्माण का कार्य चल रहा था और जिस ठेकेदार शुक्ला को ठेका दिया गया था, उसी ठेकेदार द्वारा यह भराव कार्य किया गया है।
वहीं ठेकेदार का कहना है कि यह भराव कार्य लाल साहब ने करवाया है। इतना ही नहीं, विधायक के सामने भी ठेकेदार ने कहा कि "लाल साहब, झूठ मत बोलो।"
यानी पूरा मामला नगर पालिका सीएमओ, लाल साहब और ठेकेदार शुक्ला के बीच फंसा हुआ दिखाई दे रहा है।
और रहा सवाल एफआईआर दर्ज होने का, तो इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करवाएगा कौन? क्योंकि छतरपुर प्रशासन तो मौन मुद्रा में दिखाई दे रहा है। जो प्रशासन वर्ष 2014 में हुए एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं कर पाया, जिसकी मौजूदगी में भराव कार्य होता रहा, वीडियो वायरल होते रहे, लेकिन छतरपुर प्रशासन की ओर से न कोई टिप्पणी की गई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
इस पूरे मामले में होना यह चाहिए कि जेसीबी की वीडियो वायरल है, तो जेसीबी पर कार्रवाई की जाए। जेसीबी मालिक के बयान दर्ज किए जाएं कि किसके कहने पर जेसीबी से खुदाई और भराव कार्य किया गया तथा इसका भुगतान किसने किया। क्योंकि ठेकेदार द्वारा स्वयं तालाब भरवाने का कोई तर्क नहीं बनता। आखिर ठेकेदार को इससे क्या लाभ था, यह भी जांच का विषय है।
वहीं जिस व्यक्ति का नाम ठेकेदार ले रहा है, उसका लाभ इस पूरे मामले में स्पष्ट और प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहा है।
अब इस पूरे मामले को लेकर छतरपुर की जनता को मैदान में आना चाहिए और इस विषय में एफआईआर दर्ज कराने की मांग करनी चाहिए। साथ ही छतरपुर के हर पर्यावरण प्रेमी को किशोर सागर तालाब की इस कथित हत्या के मामले में उचित जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का कृत्य करने से पहले सौ बार सोचे।
क्या छतरपुर विधायक इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाएगी?
इस पूरे तमाशा पूर्ण मामले में छतरपुर की जनता की क्या राय है? अपना मत कमेंट के माध्यम से जरूर दें।
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