💥 देहरादून: ₹55 लाख की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! एसटीएफ और साइबर पुलिस ने अमृतसर से दबोचा अंतर्राज्यीय गिरोह का मुख्य सदस्य 💥
देहरादून, 12 अगस्त 2026: उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून को ऑनलाइन ठगी के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। शेयर बाजार और आईपीओ (IPO) में निवेश के नाम पर ₹55 लाख से अधिक की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को पुलिस टीम ने पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए अभियुक्त के बैंक खाते में ठगी की ₹8.94 लाख से अधिक की राशि ट्रांसफर हुई थी, जिसे उसने एटीएम और चेक के जरिए निकाल लिया था।
🚨 IIFL वेल्थ मैनेजमेंट के नाम पर ऐसे बुना ठगी का जाल
निवेश का झांसा: साइबर ठगों ने खुद को प्रतिष्ठित कंपनी 'IIFL Wealth Management' से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता से संपर्क किया। उन्होंने शेयर मार्केट और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया।
₹55 लाख पार: झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 16 दिसंबर 2025 से 28 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹55,48,412/- आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।
मुकदमा दर्ज: ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने देहरादून साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)/61(2) और 66(D) आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
🔍 बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों से खुला 'अमृतसर' कनेक्शन
खाते में पहुंचे ₹8.94 लाख: एसटीएफ के विवेचक निरीक्षक विजय भारती के नेतृत्व में जब तकनीकी व बैंकिंग साक्ष्यों की जांच की गई, तो पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का एक खाता संदिग्ध पाया गया। यह खाता प्रभजीत सिंह के नाम पर था। ठगी की पहली लेयर के खाते 'मेसर्स हरिओम ट्रेडर्स' से ₹8,94,300/- सीधे प्रभजीत के खाते में भेजे गए थे।
अमृतसर में दबिश: आरोपी की सक्रिय भूमिका की पुष्टि होते ही देहरादून से रवाना हुई पुलिस टीम ने अमृतसर में जाल बिछाया। 11 अगस्त 2026 को जालंधर रोड स्थित तारा वाला पुल के पास से आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
🎭 गिरफ्तार अभियुक्त और बरामदगी का विवरण
नाम व पता: प्रभजीत सिंह (उम्र 20 वर्ष) पुत्र स्व0 जोगेन्द्र सिंह, निवासी गली नंबर 07, भल्ला कॉलोनी, छेहरटा, अमृतसर, पंजाब।
बरामदगी: आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल 01 मोबाइल फोन और 01 एसएमएस अलर्ट नंबर बरामद किया गया है।
अन्य खुलासे: पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि वह इस गिरोह के लिए कई अन्य बैंक खातों से भी ठगी की रकम निकाल चुका है। उसने अपने गिरोह के अन्य मास्टरमाइंड्स के बारे में भी पुलिस को अहम सुराग दिए हैं।
👮 सरगर्मी से तलाश में जुटी एसटीएफ/साइबर टीम:
इस बड़े खुलासे और गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से निरीक्षक विजय भारती, उपनिरीक्षक रमन बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक पवन कुमार यादव और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और शेष राशि की बरामदगी के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही है।
💬 आपकी राय और साइबर सुरक्षा के लिए सलाह
ऑनलाइन निवेश या अनजान लिंक/कॉल पर भारी मुनाफे के झांसे में कभी न आएं। किसी भी अधिकृत निवेश से पहले संस्था की अच्छी तरह जांच कर लें। एसटीएफ देहरादून के इस त्वरित एक्शन पर अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!
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