
बिजली कटौती से त्रस्त किसानों का फूटा गुस्सा, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
बरोठा। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने मंगलवार को बरोठा विद्युत वितरण केंद्र पहुंचकर कनिष्ठ अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती पर कड़ी नाराजगी जताई। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली विभाग लोड शेडिंग और मेंटेनेंस के नाम पर कई-कई घंटों, यहां तक कि 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित कर रहा है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि लगातार बिजली कटौती से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बारिश के मौसम में बिजली नहीं रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिन्हें आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भरने में असमर्थ हैं।
महासंघ ने मांग की कि अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद की जाए, मेंटेनेंस कार्य से पहले उपभोक्ताओं को सूचना दी जाए तथा बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर राहत प्रदान की जाए।
इस दौरान संभागीय अध्यक्ष कैलाश चौधरी, संरक्षक हरि सिंह धाकड़, जिला अध्यक्ष गजराज सिंह पटेल, तहसील अध्यक्ष संतोष जाट, हीराल नागर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।