
Unnao News: 33 हजार वोल्ट की लाइन पर काम कर रहा था ऑपरेटर, अचानक चालू कर दी बिजली! जिंदा जलकर मौत, बिजली विभाग के 5 लोगों पर FIR
औरास, उन्नाव। उन्नाव में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला दर्दनाक हादसा सामने आया है। औरास क्षेत्र में 33 हजार वोल्ट की लाइन ठीक करते समय सबस्टेशन के संविदा ऑपरेटर की करंट लगने से जलकर मौत हो गई। आरोप है कि लाइन पर काम चल रहा था, तभी बिना सूचना दिए बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई। हादसे के बाद सबस्टेशन में भी आग लग गई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
Unnao News: शटडाउन के बाद लाइन पर चढ़ा ऑपरेटर, अचानक चालू हो गई बिजली
मृतक की पहचान औरास थाना क्षेत्र के भुड़कुंडी गांव निवासी ऋषि सिंह (33) के रूप में हुई है। वह बिजली विभाग में संविदा पर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे।
जानकारी के मुताबिक, औरास सबस्टेशन को खोखापुर उपकेंद्र से 33 केवी लाइन के जरिए बिजली आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार दोपहर करीब 1:31 बजे जेई अंबिका प्रसाद यादव ने खोखापुर सबस्टेशन पहुंचकर शटडाउन लिया और लाइन बंद कराई। संदेश में मियागंज में 33 केवी लाइन की मरम्मत किए जाने की बात लिखी गई थी।
इसके बाद ऋषि सिंह को पावर हाउस के ट्रांसफार्मर पर जंपर जोड़ने के लिए चढ़ाया गया। वह लाइन पर काम कर रहे थे, तभी आरोप है कि जेई ने बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू करा दी।
33 हजार वोल्ट की लाइन में करंट दौड़ते ही ऋषि सिंह उसकी चपेट में आ गए। वह बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
ऑपरेटर की मौत के बाद सबस्टेशन में लगी आग, दमकल न पहुंचने पर ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
हादसे के दौरान सबस्टेशन में भी आग लग गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने मिट्टी और पानी डालकर आग बुझाई।
इस हादसे ने बिजली लाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शटडाउन के दौरान मरम्मत कार्य चलने और फिर आपूर्ति बहाल होने के बीच क्या प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
Unnao Electricity Accident: मुआवजे की मांग पर हंगामा, अधिकारियों को मौके से हटाना पड़ा
ऋषि सिंह की मौत की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने पहले सबस्टेशन और फिर सीएचसी में हंगामा किया। परिजन बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।
सूचना पर एसडीओ धर्मेंद्र राजपूत और सीओ हर्ष मोदी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने जेई अंबिका प्रसाद यादव और एक्सईएन अजय कुमार कनौजिया को ऋषि सिंह की मौत का जिम्मेदार ठहराया।
बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने एसडीओ को मौके से हटाकर थाने भेज दिया। सीओ ने परिजनों को तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
बिजली विभाग के पांच लोगों पर FIR, पूरे क्षेत्र की बिजली ठप
थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा के मुताबिक, मृतक के पिता मुनीश की तहरीर पर अधिशासी अभियंता अजय कुमार कनौजिया, एसडीओ धर्मेंद्र राजपूत, जेई अंबिका प्रसाद यादव तथा खोखापुर सबस्टेशन पर तैनात ऑपरेटर हनुमान और राजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप होने की जानकारी सामने आई है।
सबसे बड़ा सवाल: शटडाउन के दौरान कैसे चालू हो गई 33 हजार वोल्ट की लाइन?
इस घटना में कई अहम सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। मरम्मत कार्य के दौरान बिजली आपूर्ति बहाल करने का आदेश किसने दिया? क्या लाइन चालू करने से पहले मौके पर काम कर रहे ऑपरेटर को सूचना दी गई थी? क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था?
ऋषि सिंह की मौत ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जान की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार था और मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा कब तक मिलेगा।
उन्नाव एक्सप्रेस इस मामले में पुलिस जांच, बिजली विभाग की कार्रवाई और मुआवजे से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखेगा।
Unnao, Unnao | Oct 10, 2026