
कुड़मि समाज के लिए 6 सितंबर काला दिवस : अंकित कुमार महतो
कुड़मि समाज के लिए 6 सितंबर का दिन बेहद महत्वपूर्ण और पीड़ादायक है। आदिवासी कुड़मि समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित कुमार महतो ने कहा कि वर्ष 1950 में इसी दिन अनुसूचित जनजाति की सूची निर्धारित किए जाने के दौरान कुड़मि समाज को आदिवासी सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह दिन समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अधिकारों से जुड़े संघर्ष की याद दिलाता है।
अंकित कुमार महतो ने कहा कि कुड़मि समाज लंबे समय से अपनी ऐतिहासिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करता आ रहा है। कुड़मालि भाषा, सामाजिक परंपराएं, लोक-संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी जीवन-पद्धति समाज की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि 6 सितंबर को केवल दुख व्यक्त करने के दिन के रूप में नहीं, बल्कि अपने इतिहास, संस्कृति, भाषा, परंपरा और पहचान को समझने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
अंकित कुमार महतो ने समाज के लोगों से शिक्षा, एकता और जागरूकता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखना ही समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। 6 सितंबर इतिहास को याद करने, वर्तमान को समझने और भविष्य के लिए संकल्प लेने का दिन है।
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