
वन्यजीव तस्करों के अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार!': इंदौर में 30 दुर्लभ कछुओं के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार; महाराष्ट्र से जुड़े तार, 24 अगस्त तक रिमांड पर आरोपी; जानिए कैसे फैला था सप्लाई नेटवर्क!
मध्य प्रदेश में वन्यजीवों की अवैध तस्करी और सिंडिकेट चलाने वाले बड़े सरगनाओं के खिलाफ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने एक बहुत बड़ी और सफ़ल कार्रवाई को अंजाम दिया है। इंदौर के मुसाखेड़ी इलाके से 30 दुर्लभ व संरक्षित प्रजातियों के कछुओं के साथ गिरफ्तार किए गए दो शातिर आरोपियों— केशव शर्मा और रोहन गौड़ को अदालत में पेश कर वन विभाग की टीम ने 24 अगस्त तक के लिए पुलिस रिमांड पर ले लिया है। शुरुआती जांच में ही इस रैकेट के तार महाराष्ट्र सहित देश के कई अन्य राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के बेहद चौंकाने वाले व संगीन सुराग मिले हैं। आरोपियों के पास से वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अति-सुरक्षित अनुसूची-1 के तहत आने वाले 'इंडियन स्टार टॉरटॉइज' के 14, 'इंडियन रूफ्ड टर्टल' के 10 और 'स्पॉटेड पॉन्ड टर्टल' के 6 कछुए तथा तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों के बीच गिरोह का काम पूरी तरह बंटा हुआ था; जहाँ मुख्य आरोपी केशव ग्राहकों से संपर्क कर कछुओं का सौदा तय करता था, वहीं रोहन डिलीवरी बॉय बनकर सुरक्षित स्थानों तक माल पहुँचाने का काम करता था। वन विभाग और टाइगर स्ट्राइक फोर्स की टीम अब आरोपियों के जब्त मोबाइल फोनों के कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि इन दुर्लभ वन्यजीवों की खेप कहाँ से आ रही थी और इंदौर के अलावा किन-किन बड़े खरीदारों व अंतर्राष्ट्रीय तस्करों को सप्लाई की जानी थी। रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों और मुख्य सप्लायरों के नामों का पर्दाफाश होने की पूरी संभावना है। 'इंडिया हेडलाइन 24' कड़ा सवाल उठाता है कि बेजुबान वन्यजीवों की बलि चढ़ाने वाले इस अंतरराज्यीय गिरोह की जड़ों पर बुलडोजर कब चलेगा और जंगलों से दुर्लभ जीवों को चुराने वाले मुख्य सरगना को सलाखों के पीछे कब भेजा जाएगा?
Mauganj, Rewa | Aug 22, 2026