
#एक बार फिर छला गया पौड़ी!
कांग्रेस की उत्तराखंड यात्रा से पौड़ी मुख्यालय का नाम गायब, न कोई पड़ाव और न ही पौड़ी को जगह!
उत्तराखंड की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले पौड़ी मुख्यालय को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। कांग्रेस की प्रस्तावित उत्तराखंड यात्रा में पौड़ी मुख्यालय का नाम शामिल नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस यात्रा के दौरान पौड़ी में कोई भी पड़ाव तय नहीं किया गया है।
❓ आखिर पौड़ी के साथ ही ऐसा क्यों?
❓ क्या राजनीतिक दलों के लिए पौड़ी का महत्व अब कम हो गया है?
❓ क्या पहाड़ की समस्याओं, पलायन, बेरोजगारी और बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझ रहे पौड़ी की आवाज इस यात्रा में नहीं उठेगी?
❓ क्या पौड़ी केवल चुनाव के समय याद आने वाला मुख्यालय बनकर रह गया है?
जिस पौड़ी ने उत्तराखंड आंदोलन से लेकर प्रदेश की राजनीति तक अपनी अहम भूमिका निभाई, उसी पौड़ी को यात्रा से बाहर रखना क्या यहां की जनता की भावनाओं की अनदेखी नहीं है?
सवाल कांग्रेस की यात्रा का ही नहीं, पौड़ी के राजनीतिक महत्व और पहाड़ के भविष्य का भी है।
📢 पौड़ी को आखिर कब मिलेगा उसका हक? क्या एक बार फिर पौड़ी को छला गया?
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Pauri, Garhwal | Oct 22, 2026