NIT-86 VS मच्छगर…
आप बतायें पहले NIT-86 बने या मच्छगर लेकिन खेल जारी है जहाँ बनना चाहिए वहाँ के लिए पैसा नहीं है और जहाँ फरीदाबाद की 95 फ़ीसदी सड़कों से बढ़िया स्थिति है उस सड़क को इंटरलॉकिंग टाइल की जगह कंक्रीट का बनाने के लिए 28 लाख खर्च किए जा रहे है आख़िर क्यों? जब इस मामले की हमने खुदाई की तो पता चला कि विधायक की मौसी के बेटे की ईगो मसाज के लिए यह 28 लाख रुपया नगर निगम खर्च कर रहा है। गाँव मछगर गुर्जर चौपाल वाली यह गली क्या वाक़ई फिर से बनने लायक है? क्या कहेंगे फरीदाबाद ।