
वर्चस्व की लड़ाई में उलझा चेंबर चुनाव, नामांकन के दौरान 10 फॉर्म खींच ले जाने से बढ़ा विवाद
श्री बंशीधर नगर : श्री बंशीधर नगर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का चुनाव अब महज चुनाव नहीं, बल्कि दो पक्षों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा बनता नजर आ रहा है। प्रत्याशियों के चयन से शुरू हुई खींचतान नामांकन के दिन इस कदर बढ़ गई कि एक पक्ष के लोगों ने अपने पक्ष के 10 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र चुनाव पदाधिकारी की टेबल से ही वापस उठा लिए। इस घटना ने पूरे चुनावी माहौल को गरमा दिया है।
पिछले एक सप्ताह से चेंबर चुनाव को लेकर शहर में गहमागहमी बनी हुई थी। दोनों पक्ष अपने-अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारने और दूसरे खेमे के संभावित प्रत्याशियों को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटे थे। नामांकन की प्रक्रिया के दौरान विवाद सामने आने के बाद अब चुनाव की आगे की प्रक्रिया को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं।
प्रत्याशियों को लेकर शुरू हुई थी खींचतान
जानकारी के अनुसार चुनाव को लेकर दो प्रमुख खेमों में शुरू से ही जोर-आजमाइश चल रही थी। एक पक्ष का नेतृत्व शहर के प्रमुख व्यवसायी रवि प्रकाश, जबकि दूसरे पक्ष की अगुवाई शंभूनाथ सौदागर कर रहे थे। दोनों पक्षों की ओर से प्रत्याशियों के चयन को लेकर लगातार खींचतान चलती रही।
रवि प्रकाश के पक्ष में अशोक जायसवाल, वीरेंद्र प्रसाद कमलापुरी, राकेश विश्वकर्मा, वीरेंद्र कुमार अग्रहरि, रजनीकांत मधुर उर्फ भोलू, मनोज कुमार उर्फ मंटू, अभय कुमार उर्फ मिंटू, नीरज जायसवाल, अभिषेक कुमार उर्फ मिक्कू एवं आनंद कुमार शामिल बताए गए।
वहीं शंभूनाथ सौदागर के पक्ष में गोपाल जायसवाल, विकास कुमार शालू, उमेश चाहत, राजीव कुमार उर्फ राजू सेठ, प्रेम सोनी, विकास जायसवाल, चंद्र प्रकाश, राहुल जायसवाल उर्फ मिक्की, विनोद कांस्यकार एवं वार्ड पार्षद रंजन कुमार छोटू शामिल बताए गए।
सेंधमारी के आरोपों से बढ़ता गया गतिरोध
दोनों खेमों के बीच प्रत्याशियों को लेकर शुरू हुई रस्साकशी नामांकन की अंतिम घड़ी तक जारी रही। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के संभावित प्रत्याशियों को अपने खेमे में लाने की कोशिशों की चर्चा चुनावी माहौल में होती रही। प्रत्याशियों को लेकर बढ़ती खींचतान ने धीरे-धीरे विवाद का रूप ले लिया और आखिरकार नामांकन के दौरान स्थिति खुलकर सामने आ गई।
10 नामांकन पत्र वापस ले जाने की घटना के बाद चेंबर चुनाव की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। शहर के व्यवसायी वर्ग में अब चर्चा इस बात की है कि आखिर एक संगठन के चुनाव को लेकर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई कि मामला नामांकन पत्र वापस ले जाने तक पहुंच गया।
Kanke, Ranchi | Sep 30, 2026