बाबा धीरेंद्र शास्त्री जी के द्वारा
भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को अलग-अलग खांचों में बांटना सर्वथा अनुचित
आस्था जोड़ने का माध्यम है, बांटने का नहीं। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों करोड़ों श्रद्धालुओं के आराध्य हैं। धर्म के मंच से ऐसी बात होनी चाहिए जो समाज में समरसता, एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करे, न कि किसी प्रकार का भ्रम या विभाजन पैदा करे।