
मूक-बधिर एवं दिव्यांगजनों की बात समझने के लिए सिंगरौली पुलिस की संवेदनशील पहल
थानों में QR Code के माध्यम से सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों से जुड़कर मिलेगी सहायता
आमजन की सुरक्षा एवं सेवा के संकल्प को और अधिक प्रभावी बनाते हुए *पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम. के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा* के मार्गदर्शन में सिंगरौली पुलिस द्वारा मूक-बधिर एवं दिव्यांगजनों की समस्याओं को समझने और उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक सराहनीय पहल की जा रही है। जिले के *थानों को दिव्यांगजन-अनुकूल* बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि थाने आने वाले दिव्यांगजन बिना किसी झिझक और कठिनाई के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकें।
इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक थाने में *QR Code* (क्यू आर कोड) उपलब्ध कराया जाएगा। मूक-बधिर या सांकेतिक भाषा का उपयोग करने वाले दिव्यांगजन QR Code स्कैन करते ही सीधे बेंगलुरु स्थित कॉल सेंटर/विशेषज्ञ टीम से जुड़ सकेंगे, जहां सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ उनकी बात को समझेंगे और तत्काल पुलिस को स्पष्ट रूप से अवगत कराएंगे कि संबंधित व्यक्ति के साथ क्या घटना हुई है, उसे किस प्रकार की परेशानी है और उसे किस सहायता की आवश्यकता है।
इस पहल से मूक-बधिर दिव्यांगजनों की शिकायत, समस्या या आपात स्थिति को समझने में लगने वाला समय कम होगा और पुलिस को त्वरित एवं सही जानकारी मिल सकेगी। इससे पीड़ित व्यक्ति को समय पर सहायता, संवेदनशील व्यवहार और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
सिंगरौली पुलिस का उद्देश्य है कि हर नागरिक को पुलिस सहायता प्राप्त करने में समान अवसर और सम्मान मिले। भाषा, संवाद या दिव्यांगता किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद में बाधा न बने—इसी भावना के साथ यह पहल जनसेवा, संवेदनशील पुलिसिंग और समावेशी सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक नागरिक तक समान रूप से पहुँचना है। यदि कोई व्यक्ति बोल या सुन नहीं सकता, तो यह उसकी पुलिस सहायता प्राप्त करने में बाधा नहीं बननी चाहिए। सिंगरौली पुलिस तकनीक और संवेदनशीलता के समन्वय से ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित एवं पुलिस से जुड़ा हुआ महसूस करे।*