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Brijesh Kumar

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किसानों को 0% ब्याज पर मिलेगा ऋण, 2026 होगा किसान कल्याण वर्ष: मंत्री चैतन्य काश्यप

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश के किसानों को 0 प्रतिशत ब्याज दर पर एक वर्ष के लिए कृषि ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस योजना के तहत सरकार किसानों को राहत देने के लिए करीब 25 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।
कैबिनेट मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2026 को मध्यप्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस निर्णय से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और खेती-किसानी को बढ़ावा मिलेगा।
थाना नवानगर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई
एकल एवं समूह स्तर पर दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने की पहल, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान करेगा सहयोग: कलेक्टर

कलेक्टर ने स्वयं संवाद-सहायता क्यूआर कोड स्कैन कर परखी व्यवस्था, सभी कार्यालयों एवं थानों में सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
विशेष अभियान चलाकर जिले के प्रत्येक मुखबाधिर दिव्यांग का कराया जाएगा बेरा टेस्ट

सिंगरौली, 23 जून 2026/ समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य के तहत कलेक्टर श्री गौरव बैनल द्वारा स्वारोजगार उपलब्ध कराने हेतु दिव्यांग जनो के साथ बैठक कर लगातार प्रयास किए जा रहे है। इसी तारतम्य में आज  मुखबाधिर दिव्यांगजनों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और रोजगार संबंधी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की । उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की जिम्मेदारी है।कलेक्टर ने कहा कि दिव्यांगजनों की योग्यता एवं रुचि के अनुसार उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सीएसआर मद के माध्यम से एकल एवं समूह स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग सहित विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, ताकि दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान उन्होंने उपस्थितजनों से नए रोजगार एवं प्रोजेक्ट संबंधी सुझाव भी आमंत्रित किए।
बैठक में रिहैबिलिटेशन एक्सपर्ट द्वारा मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय विभाग एवं साईनेबल कम्युनिकेशंस, बंगलौर के बीच हुए एमओयू की जानकारी दी गई। उन्होने बताया  कि प्रशासनिक संस्थानों में विशेष ‘संवाद-सहायता’ क्यूआर कोड लगाये जाने है । इन क्यूआर कोड को स्कैन करने पर संकेतिक भाषा अनुवादक से संपर्क स्थापित होगा, जिससे मुखबाधिर दिव्यांगजन और अधिकारी सहजता से संवाद कर सकेंगे। कलेक्टर ने स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया तथा उपस्थित दिव्यांग जनो से उसके माध्यम से संवाद किया। कलेक्टर ने इसे प्रशासनिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों एवं पुलिस थानों में  क्यूआर कोड स्टैडिंग लगाकर यह सुविधा सुनिश्चित की जाये।

शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर ने कहा कि बरगवां-ढ़ेकी स्थित दिव्यांग विद्यालय पुनः संचालित  किया जायेगा। विद्यालय संचालन विशेष शिक्षा अंतर्गत बीएड प्रशिक्षित स्थानीय शिक्षकों द्वारा किया जायेगा, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील शिक्षण वातावरण मिल सके। इसी के साथ ही विद्यालय का कायाकल्प कर परिसर में ही बोर्डिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के मुखबाधिर दिव्यांग बच्चों का सर्वे कर उन्हें विद्यालय में प्रवेश के लिए चिन्हित किया जाए तथा संचालन के दौरान निर्धारित एसओपी का पालन सुनिश्चित किया जाए।  ताकि जिले का कोई भी दिव्यांगजन संवाद की कठिनाइयों के कारण शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं से वंचित न रहे।

संवाद के दौरान दिव्यांगजनों ने बीईआरए (बेरा) टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर कलेक्टर ने त्वरित निर्णय लेते हुए विशेष अभियान चलाकर जिले के सभी जरूरतमंद मुखबाधिर दिव्यांगजनों का बेरा टेस्ट कराने कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई दिव्यांगजन परीक्षण न होने के कारण शासकीय योजनाओं, आरक्षण एवं पात्रता संबंधी लाभों से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को डीआरसीसी केंद्र के माध्यम से तत्काल सूची तैयार कर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्टर ने कहा कि दिव्यांग अधिकार अधिनियम एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि दिव्यांगजन अपने अधिकारों, अवसरों और सम्मान के प्रति जागरूक होकर समाज में सशक्त भागीदारी निभा सकें।
नगर निगम आयुक्त ने की राजस्व वसूली एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा

लापरवाही बरतने पर 10 वार्ड प्रभारियों का वेतन रोका, दो निलंबित
सिंगरौली, 23 जून 2026ध् नगर पालिक निगम कार्यालय में नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान की अध्यक्षता में राजस्व वसूली एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व संग्रहण की प्रगति, जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों एवं विभागीय लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

वार्ड स्तर पर राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर 10 वार्ड प्रभारियों का वेतन आगामी आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं, कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही पाए जाने पर वार्ड प्रभारी नवल किशोर एवं अशोक कुमार वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इसके साथ ही दो कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि आगामी 6 माह के लिए बढ़ाई गई।

आयुक्त ने बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए राजस्व वसूली में सराहनीय योगदान देने वाले श्री मो. वकील एवं श्री वैभव गोस्वामी की प्रशंसा की।

बैठक में आयुक्त ने शहर में संचालित अवैध नल कनेक्शनों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई करने, ट्रेड लाइसेंस बनाने के कार्य में तेजी लाने तथा समग्र आईडी संबल योजना एवं सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व वृद्धि एवं नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश दिए।बैठक में उपायुक्त आरपी बैंस,नवजीवन बिहार के प्रभारी आर बी सिंह सहित सभी वार्ड प्रभारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में सुनी गईं आमजन की समस्याएं, त्वरित निराकरण के निर्देश

सिंगरौली। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना। प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
नगर निगम प्रशासन ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान एवं बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निगम लगातार प्रतिबद्ध है तथा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
लखनऊ की घटना के बाद सवाल: क्या सिंगरौली के कोचिंग केंद्र सुरक्षित हैं?

लखनऊ में आगजनी की घटना के बाद प्रशासन द्वारा वाराणसी के संकटमोचन क्षेत्र स्थित L1 कोचिंग सेंटर को सील किए जाने की कार्रवाई के बाद अब सिंगरौली जिला मुख्यालय में संचालित दर्जनों कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मापदंडों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शहर एवं आसपास संचालित कोचिंग केंद्रों में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन अनुमति, क्षमता के अनुसार संचालन एवं सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति को लेकर जांच की मांग सामने आने लगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रशासन को समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी संस्थान निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं।

घटना चाहे उत्तर प्रदेश की हो या मध्य प्रदेश की या देश के किसी भी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था सर्वोपरि है

अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग कोचिंग संस्थानों की जांच अभियान चलाते हैं या नहीं तथा नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि किसी भी कोचिंग संस्थान के खिलाफ फिलहाल स्थानीय स्तर पर आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है अब तक में सिंगरौली !
*स्कूल होंगे अपग्रेड, किसान कल्याण पर फोकस, जानें सीएम डॉ.मोहन ने कैबिनेट में क्या-क्या लिए फैसले?*

- *राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी*

- *मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी*

- *शून्य प्रतिशत ब्याज दर को लेकर किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति*

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपयेकी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। 

मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या-विधवा-परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रुपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है।

*शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन*

कैबिनेट ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मेपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी। राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

*किसानों के हित में अहम फैसला*

कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी। इसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। योजना में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष बेस रेट के साथ-साथ डयू डेट आदि का निर्धारण किया जाता है और निर्धारित बेसरेट में से भारत सरकार से प्राप्त होने वाली ब्याज सहायता को कम करते हुए शेष राशि राज्य शासन द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है जिससे कृषकों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण उपलब्ध होता है।

*शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति*

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एल एल बी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के 'लीगल एजुकेशन रूल्स' के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।

*सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति* 

कैबिनेट ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रुपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सर्वप्रिय सिन्हा ने व्यक्तिगत रूप से सुनी फरियादियों की समस्याएँ

आज दिनांक 23 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा (भा.पु.से.) द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए आवेदकों एवं फरियादियों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा ने प्रत्येक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में त्वरित एवं वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु संबंधित राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

महिला फरियादियों की शिकायतों को विशेष प्राथमिकता देते हुए महिला अधिकारियों द्वारा उनकी काउंसलिंग कराई गई तथा उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

जनसुनवाई में नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर श्री उमेश प्रजापति, थाना प्रभारी बैढ़न श्री अशोक सिंह परिहार, थाना प्रभारी विंध्यनगर श्रीमती अर्चना दिवेदी, थाना प्रभारी नवानगर श्री अनिल पटेल, उप निरीक्षक श्रीमती शितला यादव, उप निरीक्षक श्री स्वतंत्र रावत सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सिंगरौली पुलिस आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु सदैव प्रतिबद्ध है तथा जनहित में इस प्रकार की जनसुनवाई नियमित रूप से आयोजित की जाती रहेगी।
मूक-बधिर एवं दिव्यांगजनों की बात समझने के लिए सिंगरौली पुलिस की संवेदनशील पहल

थानों में QR Code के माध्यम से सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों से जुड़कर मिलेगी सहायता

आमजन की सुरक्षा एवं सेवा के संकल्प को और अधिक प्रभावी बनाते हुए *पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम. के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा* के मार्गदर्शन में सिंगरौली पुलिस द्वारा मूक-बधिर एवं दिव्यांगजनों की समस्याओं को समझने और उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक सराहनीय पहल की जा रही है। जिले के *थानों को दिव्यांगजन-अनुकूल* बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि थाने आने वाले दिव्यांगजन बिना किसी झिझक और कठिनाई के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकें।

इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक थाने में *QR Code* (क्यू आर कोड) उपलब्ध कराया जाएगा। मूक-बधिर या सांकेतिक भाषा का उपयोग करने वाले दिव्यांगजन QR Code स्कैन करते ही सीधे बेंगलुरु स्थित कॉल सेंटर/विशेषज्ञ टीम से जुड़ सकेंगे, जहां सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ उनकी बात को समझेंगे और तत्काल पुलिस को स्पष्ट रूप से अवगत कराएंगे कि संबंधित व्यक्ति के साथ क्या घटना हुई है, उसे किस प्रकार की परेशानी है और उसे किस सहायता की आवश्यकता है।

इस पहल से मूक-बधिर दिव्यांगजनों की शिकायत, समस्या या आपात स्थिति को समझने में लगने वाला समय कम होगा और पुलिस को त्वरित एवं सही जानकारी मिल सकेगी। इससे पीड़ित व्यक्ति को समय पर सहायता, संवेदनशील व्यवहार और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

सिंगरौली पुलिस का उद्देश्य है कि हर नागरिक को पुलिस सहायता प्राप्त करने में समान अवसर और सम्मान मिले। भाषा, संवाद या दिव्यांगता किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद में बाधा न बने—इसी भावना के साथ यह पहल जनसेवा, संवेदनशील पुलिसिंग और समावेशी सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक नागरिक तक समान रूप से पहुँचना है। यदि कोई व्यक्ति बोल या सुन नहीं सकता, तो यह उसकी पुलिस सहायता प्राप्त करने में बाधा नहीं बननी चाहिए। सिंगरौली पुलिस तकनीक और संवेदनशीलता के समन्वय से ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित एवं पुलिस से जुड़ा हुआ महसूस करे।*
ट्रैक्टर इंजन के विवाद में वन कर्मी ने किया फायर
सोनघड़ियाल बीछी के माचीकला की घटना ग्रामीणों में आक्रोश
लखनऊ के अलीगंज में हुई भीषण कूर्घटना में युवा विद्यार्थियों के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।

​ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दें। सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। ॐ शांति! 🙏
इंटक नेता लालपुष्प राज सिंह​ की मौजुदगी में मजदूरों के भुगतान पर बनी सहमति, निगाही में आंदोलन समाप्त

​सिंगरौली। निगाही सीएचपी (ओ एंड एम) में कार्यरत मधुकोन कंपनी के मजदूरों के मासिक भुगतान को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विवाद आखिरकार सुलझ गया है। कंपनी प्रबंधन द्वारा लिखित सहमति देने के बाद श्रमिक संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है।

​24 जून तक होगा मजदूरी का भुगतान ​प्रबंधन की ओर से 22 जून 2026 को राष्ट्रीय कोलियरी श्रमिक संघ (इंटक) के पदाधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि मई 2026 की उपस्थिति (अटेंडेंस शीट) संलग्न कर दी गई है। साथ ही, निर्धारित दर के अनुसार सभी कामगारों की बकाया मजदूरी का भुगतान 24 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से कर दिया जाएगा।

​प्रबंधन ने की हड़ताल वापस लेने की अपील
​लिखित आश्वासन के साथ ही कंपनी प्रबंधन ने 'इंटक' के पदाधिकारियों से प्रस्तावित हड़ताल को पूरी तरह समाप्त कर काम पर लौटने का आग्रह किया है। प्रबंधन का कहना है कि कार्य बाधित होने से न केवल उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि इससे राष्ट्रीय हित को भी नुकसान पहुंचता है।
​आंदोलन हुआ समाप्त: निगाही सीएचपी में मधुकोन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों को लेकर जोरदार आंदोलन चलाया जा रहा था। प्रबंधन द्वारा लिखित रूप में मांगें स्वीकार किए जाने और भुगतान की समय-सीमा तय करने के बाद, श्रमिक संगठन ने संतोष व्यक्त करते हुए आंदोलन खत्म करने का एलान किया और काम पर वापस लौटने की सहमति जताई।
लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से भारी तबाही हुई है। पुलिस कर्मियों के द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए
इंटक नेता लालपुष्प राज सिंह​ की मौजुदगी में मजदूरों के भुगतान पर बनी सहमति, निगाही में आंदोलन समाप्त

​सिंगरौली। निगाही सीएचपी (ओ एंड एम) में कार्यरत मधुकोन कंपनी के मजदूरों के मासिक भुगतान को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विवाद आखिरकार सुलझ गया है। कंपनी प्रबंधन द्वारा लिखित सहमति देने के बाद श्रमिक संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है।

​24 जून तक होगा मजदूरी का भुगतान ​प्रबंधन की ओर से 22 जून 2026 को राष्ट्रीय कोलियरी श्रमिक संघ (इंटक) के पदाधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि मई 2026 की उपस्थिति (अटेंडेंस शीट) संलग्न कर दी गई है। साथ ही, निर्धारित दर के अनुसार सभी कामगारों की बकाया मजदूरी का भुगतान 24 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से कर दिया जाएगा।

​प्रबंधन ने की हड़ताल वापस लेने की अपील
​लिखित आश्वासन के साथ ही कंपनी प्रबंधन ने 'इंटक' के पदाधिकारियों से प्रस्तावित हड़ताल को पूरी तरह समाप्त कर काम पर लौटने का आग्रह किया है। प्रबंधन का कहना है कि कार्य बाधित होने से न केवल उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि इससे राष्ट्रीय हित को भी नुकसान पहुंचता है।
​आंदोलन हुआ समाप्त: निगाही सीएचपी में मधुकोन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों को लेकर जोरदार आंदोलन चलाया जा रहा था। प्रबंधन द्वारा लिखित रूप में मांगें स्वीकार किए जाने और भुगतान की समय-सीमा तय करने के बाद, श्रमिक संगठन ने संतोष व्यक्त करते हुए आंदोलन खत्म करने का एलान किया और काम पर वापस लौटने की सहमति जताई।
इंटक नेता लालपुष्प राज सिंह​ की मौजुदगी में मजदूरों के भुगतान पर बनी सहमति, निगाही में आंदोलन समाप्त

​सिंगरौली। निगाही सीएचपी (ओ एंड एम) में कार्यरत मधुकोन कंपनी के मजदूरों के मासिक भुगतान को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विवाद आखिरकार सुलझ गया है। कंपनी प्रबंधन द्वारा लिखित सहमति देने के बाद श्रमिक संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है।

​24 जून तक होगा मजदूरी का भुगतान ​प्रबंधन की ओर से 22 जून 2026 को राष्ट्रीय कोलियरी श्रमिक संघ (इंटक) के पदाधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि मई 2026 की उपस्थिति (अटेंडेंस शीट) संलग्न कर दी गई है। साथ ही, निर्धारित दर के अनुसार सभी कामगारों की बकाया मजदूरी का भुगतान 24 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से कर दिया जाएगा।

​प्रबंधन ने की हड़ताल वापस लेने की अपील
​लिखित आश्वासन के साथ ही कंपनी प्रबंधन ने 'इंटक' के पदाधिकारियों से प्रस्तावित हड़ताल को पूरी तरह समाप्त कर काम पर लौटने का आग्रह किया है। प्रबंधन का कहना है कि कार्य बाधित होने से न केवल उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि इससे राष्ट्रीय हित को भी नुकसान पहुंचता है।
​आंदोलन हुआ समाप्त: निगाही सीएचपी में मधुकोन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों को लेकर जोरदार आंदोलन चलाया जा रहा था। प्रबंधन द्वारा लिखित रूप में मांगें स्वीकार किए जाने और भुगतान की समय-सीमा तय करने के बाद, श्रमिक संगठन ने संतोष व्यक्त करते हुए आंदोलन खत्म करने का एलान किया और काम पर वापस लौटने की सहमति जताई।
"उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर आ रही है। 

लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से भारी तबाही हुई है।"

​🔴 लखनऊ में भीषण अग्निकांड: कोचिंग सेंटर में लगी आग, 15 छात्रों की मौत
​🔴 अलीगंज के पुरनिया इलाके की घटना, कई छात्र गंभीर रूप से झुलसे
​🔴 जान बचाने के लिए छात्रों ने छतों से लगाई छलांग, बचाव कार्य जारी
​🔴 डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की 15 मौतों की पुष्टि, प्रशासन मौके पर
​
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का अलीगंज इलाका आज चीख-पुकार से दहल उठा। यहाँ के पुरनिया इलाके में स्थित एक दुकान के ऊपर चल रहे कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कोचिंग के अंदर मौजूद छात्र-छात्राओं को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

​दम घुटने और आग की लपटों के बीच घिरे छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई छात्र-छात्राओं ने कोचिंग की छतों और छज्जों से नीचे छलांग लगा दी।

​इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में अब तक 15 मासूम छात्रों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना की पुष्टि खुद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दर्जन भर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फिलहाल स्थानीय पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
"उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर आ रही है। 

लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से भारी तबाही हुई है।"

​🔴 लखनऊ में भीषण अग्निकांड: कोचिंग सेंटर में लगी आग, 15 छात्रों की मौत
​🔴 अलीगंज के पुरनिया इलाके की घटना, कई छात्र गंभीर रूप से झुलसे
​🔴 जान बचाने के लिए छात्रों ने छतों से लगाई छलांग, बचाव कार्य जारी
​🔴 डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की 15 मौतों की पुष्टि, प्रशासन मौके पर
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का अलीगंज इलाका आज चीख-पुकार से दहल उठा। यहाँ के पुरनिया इलाके में स्थित एक दुकान के ऊपर चल रहे कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कोचिंग के अंदर मौजूद छात्र-छात्राओं को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

​दम घुटने और आग की लपटों के बीच घिरे छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई छात्र-छात्राओं ने कोचिंग की छतों और छज्जों से नीचे छलांग लगा दी।

​इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में अब तक 15 मासूम छात्रों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना की पुष्टि खुद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दर्जन भर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फिलहाल स्थानीय पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुछ मिनट की देरी और टूट गया सालों का सपना: परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

विदिशा। वर्षों की मेहनत, परिवार की उम्मीदें और भविष्य के सपनों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे एक छात्रा और उसके पिता की निराशा ने परीक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मिनट की देरी के कारण परीक्षा केंद्र का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया, जिससे छात्रा परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी।

इस घटना के बाद परीक्षा प्रणाली के दोहरे मानदंडों पर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर पेपर लीक, परीक्षा तिथियों में बदलाव, तकनीकी खामियां और परिणामों में अनियमितताओं जैसी घटनाओं के बावजूद संस्थागत स्तर पर जवाबदेही सीमित दिखाई देती है, वहीं दूसरी ओर छात्रों के लिए समय सीमा को लेकर सख्त नियम लागू किए जाते हैं।

लोगों का कहना है कि अनुशासन आवश्यक है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में मानवीय संवेदनशीलता और व्यावहारिक समाधान पर भी विचार होना चाहिए। यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र तक पहुंच गया हो, तो विशेष सत्यापन जैसी व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।

यह घटना केवल एक छात्रा की निराशा नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता को सामने लाती है, जो वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा व्यवस्था से संवेदनशील और न्यायपूर्ण व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं।
सामुदायिक भवन बैढ़न में आयोजित हुआ जनकल्याण शिविर एवं स्वनिधि महोत्सव

पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का मिला त्वरित लाभ, डिजिटल सेवाओं के प्रति किया गया जागरूक

नगर पालिक निगम सिंगरौली द्वारा सामुदायिक भवन बैढ़न में जनकल्याण शिविर, लोक कल्याण मेला एवं स्वनिधि महोत्सव का आयोजन किया गया। 

इस कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर रानी अग्रवाल एवं नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय सहित उपस्थित अतिथियों द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया और वही शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सीधे एवं त्वरित रूप से पहुंचाना रहा।

इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नगर निगम द्वारा आयोजित ऐसे जनकल्याण शिविरों से आम नागरिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर सहजता से प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है, जिससे प्रत्येक पात्र हितग्राही आत्मनिर्भर बन सके। नगर निगम अध्यक्ष श्री देवेश पाण्डेय ने कहा कि जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा डिजिटल सेवाओं एवं स्वनिधि योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया। वहीं निगम अध्यक्ष ने कहा की इस प्रकार के शिविर बीच बीच में लगाए जाते रहेंगे समय समय पर कार्य योजना के साथ ताकी सभी पात्र हितग्राफी जुड़कर इस योजना का लाभ ले सकेंगे !

शिविर में पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री संबल योजना, कर्मकार कल्याण योजना तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। साथ ही स्वनिधि महोत्सव के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ऋण सहायता के चेक भी वितरित किये गये ।

सामुदायिक भवन में आयोजित इस विशेष मेले में नगर निगम के अमले द्वारा हेल्प डेस्क के माध्यम से प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में उपस्थित सूक्ष्म एवं लघु व्यवसायियों को डिजिटल लेनदेन, क्यूआर कोड के उपयोग तथा बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूक एवं साक्षर भी किया गया।

उक्त अवसर पर पार्षद रुकमणि प्रजापति, अनिल बैस, आशीष बैस, सुत्रुघ्न लाल शाह, नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर आर.पी. बैस, पार्षद प्रतिनिधि अमित यादव सहित कृष्ण पटेल, पवन मिश्रा तथा नगर निगम के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
*सरकार का मछली पालन को बढ़ाने पर फोकस, सीएम डॉ. यादव बोले- इस मामले में आत्मनिर्भर होना जरूरी* 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा

मछली पालन के लिए प्रदेश में आ रहा है 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

*प्रदेश में मोती उत्पादन को किया जाएगा प्रोत्साहित*

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एकीकृत मत्स्योघोग नीति 2026 के परिणाम स्वरूप प्रदेश में मछली पालन के लिए 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है। प्रदेश में प्राप्त 2 लाख 91 हजार 9 सौ 38 केज के प्रस्तावों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में मोती उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर उनका क्रियान्वयन प्रदेश में सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश को मछली उत्पादन में आत्म निर्भर बनाना जरूरी है। अगले ढाई साल में हमें मछली बीज बाहर से नहीं खरीदना पड़े, यह लक्ष्य रखकर विभाग कार्य करे। हर जिले में एक हेचरी आवश्यक रूप से विकसित की जाए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में मछली बीज आसानी से मिलने से प्रदेश में मछली उत्पादन में और बढ़ोत्तरी होगी। 

*मछुआ क्रेडिट कार्ड में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे मछली उत्पादन को ध्यान में रखते हुए कोल्ड चेन तथा अन्य आवश्यक इंफ्रास्टक्चर विकसित किया जाए। ब्रांडिंग और निर्यात के लिए आवश्यक नेटवर्किंग को भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि नदियों के पुनर्जीवन, जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। जलीय ईको सिस्टम को विकसित करने और जल सम्पदा पर आधारित पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत अंर्तदेशीय जल क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर अंर्तदेशीय मत्स्य पालन में सिवनी जिले को वर्ष 2023-24 के लिए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 12 वाहन चालक पकड़े गए

सिंगरौली। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सिंगरौली यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा तथा नगर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रजापति के निर्देशन में 21-22 जून 2026 की मध्यरात्रि को शहर के विभिन्न स्थानों पर औचक वाहन जांच की गई।

यातायात थाना पुलिस की अलग-अलग टीमों ने माजन मोड़, निगाही मोड़, अमलोरी तिराहा और पुराना ट्रैफिक तिराहा पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान करीब 120 वाहनों की जांच की गई। वाहन चालकों को शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन न चलाने की समझाइश भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे की हालत में वाहन चलाने से चालक का मानसिक संतुलन प्रभावित होता है और वाहन पर नियंत्रण कम हो जाता है, जिससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

चेकिंग के दौरान 12 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके वाहनों को जब्त कर कार्रवाई के लिए न्यायालय भेजा गया। न्यायालय द्वारा इन मामलों में 1.05 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही सभी दोषी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को छह माह के लिए निलंबित कराने का प्रस्ताव संबंधित जिला परिवहन कार्यालय को भेजा जाएगा।

यातायात पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 से लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियानों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है और पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और शराब पीकर वाहन चलाने से बचें, ताकि स्वयं और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
*सीएम डॉ. मोहन  यादव ने दिए निर्देश, कहा- स्वतंत्रता दिवस पर प्रभारी मंत्री जनता के सामने रखें सारी जानकारी*

- *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा की*

- *सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी की व्यवस्था पर दिया जोर*
- *आवासों में ईको फ्रेंडली भवन निर्माण सामग्री का हो उपयोग*

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर होने वाले कार्यक्रमों में जिलों के प्रभारी मंत्री, जिलों में हुए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। समारोह स्थल पर विकास कार्यों और योजनाओं को जन-सामान्य के सामने रखने के लिए प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। यह प्रस्तुतिकरण एक तरह से विकास कार्यों के सोशल ऑडिट जैसा होगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला विकास समितियों का राजधानी भोपाल में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिला विकास समितियां विकास गतिविधियों के लिए शासकीय नियोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। निजी निवेश को भी प्रोत्साहित करने के लिए जिला विकास समितियां प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने और किफायती आवासों के निर्माण में ईको फ्रेंडली भवन निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य के विभागवार, संभागवार और जिलावार समस्त सांख्यिकी आंकड़े एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

*विश्राम घाट पर ही मृत्यु पंजीयन की व्यवस्था हो*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र में सभी विभागों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों के संधारण की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना में श्रेष्ठ कार्य तथा नवाचार करने वालों को प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था हो। उन्होंने मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु पंजीकरण की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मृत्यु पंजीयन के लिए विश्राम घाट पर ही पंजीयन की प्रक्रिया शुरू करने की व्यवस्था के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र के लोगों को मृत्यु प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी।
 
*जिलों के विकास सूचकांक स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित हों*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों के विकास सूचकांक स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अलग-अलग निर्धारित किया जाए। औद्योगिक पृष्ठ भूमि, कृषि आधारित व्यवस्था, वन क्षेत्र संपन्न जिलों के लिए विकास के सूचकांक अलग-अलग हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं का मकान बनाने वालों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और उपयुक्त भवन निर्माण सामग्री के संबंध में जागरूक करने के लिए भी जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवाकुंर समितियों की रही सक्रिय सहभागिता*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि  मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक एक लाख 37 हजार से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवाकुंर समितियों ने कुएं, बावड़ी, तालाब, नदी घाट सफाई, जल संगोष्ठी और बावड़ी उत्सव जैसे आयोजनों में सक्रिय सहभागिता की। बैठक में बताया गया कि विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमंतु परिवारों के चिन्हाकंन और पंजीकरण के लिए जारी अभियान में अब तक पच्चीस हजार से अधिक परिवारों की जानकारी पोर्टल पर प्रविष्ट की जा चुकी है। प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी जारी है।
माजन मोड़ से इंदिरा चौक तक मॉडल रोड निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश

निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों के प्रति आयुक्त ने जताई नाराजगी

सिंगरौली, 22 जून 2026/ नगर पालिक निगम सिंगरौली की आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने निगम कार्यालय में सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों के साथ बैठक आयोजित कर माजन मोड़ से इंदिरा चौक तक निर्माणाधीन मॉडल रोड के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आयुक्त ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों के प्रति नगर निगम आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने कहा कि मॉडल रोड शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिकों का आवागमन होता है। ऐसे में निर्माण कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा आमजन को कम से कम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने  सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए जेसीबी मशीनों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि खुदाई एवं निर्माण कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जा सके।बैठक के दौरान आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा प्रतिदिन कार्य प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने सड़क पर उखाड़े गए मलबे एवं निर्माण सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।

आयुक्त ने धूल एवं मिट्टी से नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से निर्माणाधीन क्षेत्र में प्रतिदिन तीनों समय नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।बैठक में आयुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए निर्माण कार्य के लिए 8 दिवस की समय-सीमा निर्धारित की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आगामी 8 दिनों के भीतर उखाड़े गए हिस्से का कार्य पूर्ण कर लिया जाए तथा क्षेत्र में फैले मलबे एवं वेस्ट मटेरियल को पूरी तरह हटाकर मार्ग को व्यवस्थित किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में अमृत योजना अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य गुणवत्ता एवं समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक यंत्री इन्द्रवेश यादव, उपयंत्री विपिन तिवारी, विष्णुपाल, जीतेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।
तेलाई लेक और काचन नदी का बदलेगा स्वरूप, विकास कार्यों का आयुक्त ने लिया जायजा

अमृत योजना के तहत सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्र विस्तार, वॉकिंग पाथवे और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता

सिंगरौली। शहरवासियों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन की दृष्टि से प्रमुख स्थलों को विकसित करने की दिशा में नगर निगम सिंगरौली ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने सोमवार को तेलाई लेक एवं काचन नदी तट पर अमृत योजना के अंतर्गत संचालित विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
सिंगरौली पुलिस की नाइट कॉम्बिंग गश्त में बड़ी कार्रवाई, 222 बदमाशों एवं आरोपियों पर शिकंजा। 

पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उप महानिरीक्षक हेमंत चौहान के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम. एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन में जिलेभर में विशेष नाइट कॉम्बिंग अभियान चलाया गया।

 अभियान के दौरान 20 स्थाई वारंटी, 81 गिरफ्तारी वारंटी, 69 निगरानी बदमाश एवं 52 गुंडा बदमाशों सहित कुल 222 बदमाशों/आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने संवेदनशील क्षेत्रों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं हाईवे पर सघन गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, बैंक एवं एटीएम परिसरों का निरीक्षण तथा अपराधियों की धरपकड़ की। इस प्रभावी अभियान से अपराधियों में दहशत और आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल बना है।