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Brijesh Kumar

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*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय* 

*प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति*

*कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना 2031 तक निरंतर रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। राजगढ़ जिले में निर्मित यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से राजगढ़ और आगर-मालवा जिले के 1,39,600 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।*

*मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय*

*नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए 8 हजार 445 करोड़ रूपये की स्वीकृति*

*टेक-होम राशन के उत्पादन एवं प्रदाय की व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय*

*वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति*
सीएम डॉ. मोहन यादव ने लॉन्च किया 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पंचायत स्तर पर अधिक प्रभावी होगी ऑडिट प्रक्रिया

पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे की सुविधा का शुभारंभ
सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और काम समय पर होंगे

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित "दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म" लॉन्च किया। इसके साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे की सुविधा का भी शुभारंभ किया गया। मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के दौरान हुई इस लॉन्चिंग से पंचायत स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल होगी। यह व्यवस्था देश में पंचायतों के पूर्णत: डिजिटल रिमोट वित्तीय ऑडिट की दिशा में अपनी तरह की अभिनव पहल है।
केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त होने वाले अनुदान की राशि के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों के समयबद्ध ऑडिट की अनिवार्यता है। भारत के महालेखाकार के निर्देशन में पंचायती राज संचालनालय द्वारा एनआईसी के तकनीकी सहयोग से ऑनलाइन ऑडिट के लिए "दृष्टि" नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर जाकर ऑडिटर अपने घर या ऑफिस से किसी भी पंचायत के सभी प्रकार के आय व्यय सम्बन्धी अभिलेख देख सकते हैं तथा उनकी जांच कर सकते हैं। यह ऑडिट प्रक्रिया प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों के वित्तीय ऑडिट को तेज, सरल एवं पारदर्शी बनाएगी। इसके उपयोग से सीमित कर्मचारियों द्वारा भी समस्त पंचायतों का ऑडिट समय पर किया जा सकेगा। इस प्रणाली के क्रियान्वयन से समय और संसाधनों की बचत के साथ वित्तीय जवाबदेही और सुशासन को मजबूती मिलेगी।

*घर बैठे हो सकेगा भुगतान*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पंचायत दर्पण पोर्टल पर आरंभ पेमेंट गेटवे पंचायत राज संचालनालय द्वारा एनआईसी, जल निगम एवं यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से पंचायतें नागरिकों के बिल जेनरेट कर सकेगी। गेटवे पर कोई भी नागरिक बिल का पेमेंट घर बैठे कर सकता है और ऑनलाइन ही रसीद भी प्राप्त कर सकता है। इससे लोगों के श्रम और समय दोनों की बचत होगी तथा पंचायत का अभिलेख भी स्वत: ही निर्मित होता चला जाएगा। सेवाओं में पारदर्शिता और कार्यों का समयबद्ध निस्तारण होगा। इन नवाचारों से विभागीय प्रक्रियाओं में जवाबदेही अधिक होने के साथ ही सुशासन को बढ़ावा भी मिलेगा।
नशे से दूरी है जरूरी 2.0' शुरू, सीएम डॉ. मोहन बोले- कठोर से कठोर से कदम उठाएगी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित

पीएम मोदी-गृह मंत्री शाह ने नशा मुक्ति के लिए डेडलाइन- वर्ष 2029

भोपाल। नशा मुक्ति की तरफ मध्यप्रदेश ने 14 जुलाई को बड़ा कदम उठाया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नशा मुक्ति संबंधी जन-जागरूकता साहित्य और गृह मंत्रालय के अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने वाली शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। इस फिल्म में पुलिस विभाग के ही अधिकारियों-कर्मचारियों ने एक्टिंग की है। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नशा मुक्ति के लिए हमारी सरकार कठोर से कठोर कदम उठाएगी। नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो समाज के सामने नजीर बन जाए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वैसे तो हम रोज कई सारे काम करते हैं। वह हमारी दिनचर्या में शामिल हैं। लेकिन, आनंद देने वाला वास्तव में वो काम है जो मन को सकारात्मक क्रिया के लिए जाग्रत करे। मैं इस अभियान के लिए पुलिस विभाग को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई तरह के काम चल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक और बड़ा अभियान हाथ में लिया है। वो बड़ा अभियान इसी प्रकार का है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की सीमाओं और उससे बाहर पहले बहुत प्रकार की चुनौतियां थीं। आज चंबल से लेकर उसके आसपास का पूरा क्षेत्र अपराधों-डाकुओं से मुक्त हुआ है। लेकिन, इन सबके बीच नक्सलवाद बड़ी चुनौती थी। लाल सलाम के नाम पर हम स्मगलरों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह ने डेडलाइन तय की थी। मुझे इस बात का संतोष है कि मध्यप्रदेश ने सबसे पहले अपने यहां से नक्सलवाद को समाप्त किया। आज पूरे देश में लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया गया है। 
 
*पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय कर रही सरकार*

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रमोशन के रास्ते खुलने के बाद पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है। सरकार आपके साथ दृढ़ता के साथ खड़ी है। हम विभाग के इस तरह के अभियानों का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि नशे का कोई भी प्रकार अंततः व्यक्ति के साथ-साथ परिवार को भी नष्ट करता है। इसलिए हम इसकी मुक्ति की दिशा में पुलिस के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, चुनौतियां अभी भी हमारे सामने की चुनौतियां हैं। नशा मुक्ति के लिए हमारी सरकार किसी भी कठोर कदम से पीछे नहीं रहने वाली। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए समाजिक जागृति की आवश्यकता भी है। राज्य पुलिस महकमा नशे के अवैध कारोबार में लिप्त संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम है। राज्य सरकार भी पड़ोसी राज्यों से आवश्यकता समन्वय करा रही है। 

*नशे के खिलाफ हो सख्त से सख्त कार्रवाई*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में मध्यप्रदेश पुलिस भावी पीढ़ी को स्कूल, कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर हेल्पलाइन और काउंसलिंग के माध्यम से नशे से दूरी बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के आदी लोगों को पुनर्वास भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नशा हर तरह से समाज को बर्बाद करता है। इसलिए नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ नरमी छोड़े और गर्मी से पेश आएं। नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जो नजीर बन जाए। राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में नशा मुक्ति के लिए कोर्स भी शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को शपथ दिलवाई। 

*पुलिस उठा रही सख्त कदम*

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसी उद्देश्य से सामाजिक न्याय विभाग कार्य कर रहा है। समाज के हर वर्ग को जोड़कर सभी स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 जागरूकता अभियान' 15 जुलाई से 30 जुलाई तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस एमडी और अन्य नशीली दवाओं के खिलाफ कारगर कार्रवाई कर रही है। अब भी संगठित गिरोह चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक श्री षियाज़ के.एम ने व्यक्तिगत रूप से सुनी फरियादियों की समस्याएँ*

सिंगरौली पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम. (भा.पु.से.) द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए आवेदकों एवं फरियादियों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम ने प्रत्येक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में त्वरित एवं वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु संबंधित राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

महिला फरियादियों की शिकायतों को विशेष प्राथमिकता देते हुए महिला अधिकारियों द्वारा उनकी काउंसलिंग कराई गई तथा उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा, नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर श्री हेमन्त कुमार, थाना प्रभारी विंध्यनगर श्रीमती अर्चना दिवेदी, थाना प्रभारी चितरंगी श्री सुदेश तिवारी, उप निरीक्षक श्री स्वतंत्र रावत सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सिंगरौली पुलिस आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु सदैव प्रतिबद्ध है तथा जनहित में इस प्रकार की जनसुनवाई नियमित रूप से आयोजित की जाती रहेगी।
UCC को लेकर सीएम डॉ. यादव ने साधा विपक्ष पर निशाना, कहा- इस पर रुख स्पष्ट करे कांग्रेस

हर विषय को हिंदू-मुस्लिम, वोट बैंक के नजरिए से देखती है कांग्रेस
समान नागरिक संहिता पर सभी धर्मों के लोगों ने खुलकर रखे विचार

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जुलाई की सुबह विधानसभा पहुंचे। उन्होंने यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कैलाश जोशी जी की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से समान नागरिक संहिता (UCC) पर चर्चा की। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति द्वारा मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।

*सीएम डॉ. यादव ने दिया धन्यवाद*

गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने 13 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संहिता का फाइनल प्रतिवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, शोभा पैठणकर और समिति के सदस्य सचिव अजय कटेसरिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है। 

*अनुसूचित जनजातियों को यूसीसी से बाहर रखने की अनुशंसा* 

प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है।
गनियारी मुक्तिधाम के पास अवैध रेत-मिट्टी उत्खनन पर कार्रवाई, बिना नंबर की जेसीबी जब्त

सिंगरौली। जिले में अवैध खनिज उत्खनन के विरुद्ध प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देशानुसार खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में सहायक खनिज अधिकारी श्री रामसुशील चौरसिया ने ग्राम गनियारी, तहसील सिंगरौली स्थित मुक्तिधाम के समीप अवैध रेत एवं मिट्टी उत्खनन के मामले में कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की एक जेसीबी मशीन जब्त की।
कार्रवाई के दौरान जब्त जेसीबी को सुरक्षा की दृष्टि से सासन पुलिस चौकी में खड़ा कराया गया है। खनिज विभाग द्वारा मौके पर उत्खनित खनिज की मात्रा का आंकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित वाहन एवं अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मोरवा वार्ड-10 की उचित मूल्य दुकान 14 जुलाई तक नहीं खुली, धूप में घंटों राशन का इंतजार करते रहे हितग्राही

सुबह 5 बजे से लाइन में बैठे रहे महिलाएं, बुजुर्ग और पुरुष, सेल्समैन की मनमानी का लगाया आरोप

सिंगरौली। मोरवा वार्ड क्रमांक-10 स्थित उचित मूल्य दुकान की कार्यप्रणाली को लेकर हितग्राहियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जुलाई माह में 14 जुलाई तक दुकान नियमित रूप से नहीं खुली, जिससे गरीब परिवारों को अपने हक का राशन पाने के लिए रोजाना घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार को भी सुबह 5 बजे से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग राशन दुकान के बाहर पहुंच गए। अपनी बारी सुरक्षित रखने के लिए लोगों ने बोरी और थैले रखकर लाइन लगा ली, लेकिन दोपहर तक भी दुकान का ताला नहीं खुला और सेल्समैन मौके पर नहीं पहुंचा। चिलचिलाती धूप में घंटों इंतजार के बावजूद हितग्राहियों को निराश होकर बैठना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाइन में सबसे अधिक महिलाएं थीं। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ जमीन पर बैठी रहीं, जबकि करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भी सुबह से राशन मिलने की उम्मीद में दुकान के बाहर इंतजार करती रहीं। लोगों का कहना है कि सोमवार को भी वे पूरे दिन राशन की आस में बैठे रहे, लेकिन दुकान नहीं खुली।
स्थानीय हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि संबंधित सेल्समैन अक्सर बिना किसी सूचना के दुकान बंद रखता है, जिससे हर महीने लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि अधिकांश गरीब परिवार सरकारी राशन पर निर्भर हैं, लेकिन लापरवाही के कारण उन्हें समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है।
एक महिला हितग्राही ने बताया कि वे सुबह 5 बजे से लाइन में बैठ जाती हैं, लेकिन कई बार पूरे दिन इंतजार के बाद भी राशन नहीं मिलता। वहीं एक बुजुर्ग हितग्राही ने कहा कि हर महीने यही स्थिति रहती है और प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
हितग्राहियों का कहना है कि सरकार गरीबों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने की योजना चला रही है, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही से योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई तथा उचित मूल्य दुकान का नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
108 एंबुलेंस चालक भर्ती प्रक्रिया शुरू, पहले दिन एनसीएल ग्राउंड में उमड़े सैकड़ों अभ्यर्थी

सिंगरौली। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा के लिए चालकों की भर्ती प्रक्रिया सोमवार से प्रारंभ हो गई। तीन दिवसीय भर्ती अभियान के पहले दिन एनसीएल ग्राउंड में सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचे और चयन प्रक्रिया में शामिल हुए।
भर्ती प्रक्रिया के तहत सबसे पहले अभ्यर्थियों के ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। दस्तावेज जांच के बाद उम्मीदवारों की ड्राइविंग दक्षता परखी गई। इसके लिए 108 एंबुलेंस वाहनों को ग्राउंड में चलवाकर वाहन संचालन क्षमता का परीक्षण किया गया।
पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप अधिकारियों की निगरानी में संपन्न कराई गई। भर्ती स्थल पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ रही। आगामी दो दिनों तक भी दस्तावेज सत्यापन एवं ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया जारी रहेगी।
108 एंबुलेंस सेवा के लिए योग्य एवं अनुभवी चालकों के चयन के उद्देश्य से यह भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
एक माह में 31 भैंस चोरी, कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश
एसपी को सौंपा ज्ञापन,

 नामजद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

सिंगरौली। जिले में लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक माह में उनके गांव से कुल 31 भैंसों की चोरी हो चुकी है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ज्ञापन में गया प्रसाद गुर्जर, रामरक्षा वैश्य, हीराराम गुर्जर, अशोक कुमार वैश्य, भगवान दास वैश्य, पारसनाथ वैश्य, तेजबली वैश्य, तुलसी पनिका सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भैंस चोरी की शिकायत गोभा पुलिस चौकी में की गई थी, लेकिन उन्हें रिपोर्ट की पावती तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों ने आवेदन में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी दर्ज करते हुए आरोप लगाया है कि ये लोग भैंस चोरी कर उन्हें छत्तीसगढ़ के सरहदी क्षेत्रों में बेच देते हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में बाहरी लोग मवेशियों को चराने के बहाने क्षेत्र में आते हैं और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, चोरी गए मवेशियों की बरामदगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
एक माह में 31भैंस चोरी, कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश

एसपी कार्यालय पहुंचे दर्जनों ग्रामीण, नामजद आरोपियों पर कार्रवाई और भैंस बरामद करने की मांग

सिंगरौली। जिले में लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से परेशान दर्जनों ग्रामीण सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्होंने संबंधित चौकी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वैढ़न कोतवाली में भी आवेदन दिया, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को लिखित ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का आरोप है कि एक माह के भीतर 31 भैंस चोरी हो चुकी हैं। शिकायत में जिन लोगों पर चोरी का संदेह है, उनके नाम और मोबाइल नंबर तक पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित किसानों ने कहा कि भैंस ही उनकी रोजी-रोटी का प्रमुख साधन थी। भैंस चोरी होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने नए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा चोरी गई भैंसों की बरामदगी की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें नए पुलिस अधीक्षक से न्याय की उम्मीद है और विश्वास है कि उनकी भैंसें बरामद होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में सिंगरौली कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही सिंगरौली विधायक से भी मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है।
रामलीला मैदान के पीछे नगर निगम द्वारा गड्डो को भरने का कार्य किया जा रहा है
एक माह में 31 भैंस चोरी, कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश
एसपी को सौंपा ज्ञापन,

 नामजद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

सिंगरौली। जिले में लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक माह में उनके गांव से कुल 31 भैंसों की चोरी हो चुकी है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ज्ञापन में गया प्रसाद गुर्जर, रामरक्षा वैश्य, हीराराम गुर्जर, अशोक कुमार वैश्य, भगवान दास वैश्य, पारसनाथ वैश्य, तेजबली वैश्य, तुलसी पनिका सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भैंस चोरी की शिकायत गोभा पुलिस चौकी में की गई थी, लेकिन उन्हें रिपोर्ट की पावती तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों ने आवेदन में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी दर्ज करते हुए आरोप लगाया है कि ये लोग भैंस चोरी कर उन्हें छत्तीसगढ़ के सरहदी क्षेत्रों में बेच देते हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में बाहरी लोग मवेशियों को चराने के बहाने क्षेत्र में आते हैं और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, चोरी गए मवेशियों की बरामदगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
खुले में मांस बेचने और गंदगी फैलाने वाले व्यापारियों पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, वसूला 10,500 रुपये जुर्माना

​सिंगरौली नगर पालिक निगम द्वारा शहर को स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आज नवजीवन विहार जोन अंतर्गत खुले में मांस की बिक्री करने वाले और आसपास भारी गंदगी फैलाने वाले लापरवाह व्यापारियों के खिलाफ आकस्मिक चालानी कार्रवाई की गई। इस विशेष अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों से कुल 10,500 रुपये का जुर्माना वसूल कर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई।
​इस पूरी कार्रवाई के दौरान नगर निगम का अमला मौके पर मुस्तैद रहा, जिसमें स्वच्छता निरीक्षक पवन बरोदे, स्वच्छता निरीक्षक विशाल सोनी, स्वच्छता पर्यवेक्षक राजू, स्वच्छता उप पर्यवेक्षक दिनेश सिटाडेल, सीएंडडी  मैनेजर रोहित चौरसिया एवं आई.ई.सी.  की टीम मुख्य रूप से उपस्थित रही। टीम ने मौके पर जाकर नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के चालान काटे और उन्हें भविष्य के लिए हिदायत दी।
​कार्रवाई के साथ ही नगर निगम की आई.ई.सी. टीम द्वारा दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। अधिकारियों ने सभी मांस व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तरह से ढंककर और नियमों के दायरे में रहकर ही व्यवसाय करें। यदि आगे भी खुले में मांस बेचने या सड़क-नालियों में गंदगी फैलाने की शिकायत मिली, तो संबंधित दुकानों को सील करने और कानूनी कार्रवाई करने जैसे सख्त कदम उठाए जाएंगे। नगर निगम प्रशासन ने आम जनता से भी सिंगरौली को स्वच्छ बनाने में सहयोग की अपील की है।
एक माह में 31 भैंस चोरी, कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश
एसपी को सौंपा ज्ञापन,

 नामजद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

सिंगरौली। जिले में लगातार हो रही भैंस चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक माह में उनके गांव से कुल 31 भैंसों की चोरी हो चुकी है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ज्ञापन में गया प्रसाद गुर्जर, रामरक्षा वैश्य, हीराराम गुर्जर, अशोक कुमार वैश्य, भगवान दास वैश्य, पारसनाथ वैश्य, तेजबली वैश्य, तुलसी पनिका सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भैंस चोरी की शिकायत गोभा पुलिस चौकी में की गई थी, लेकिन उन्हें रिपोर्ट की पावती तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों ने आवेदन में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी दर्ज करते हुए आरोप लगाया है कि ये लोग भैंस चोरी कर उन्हें छत्तीसगढ़ के सरहदी क्षेत्रों में बेच देते हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में बाहरी लोग मवेशियों को चराने के बहाने क्षेत्र में आते हैं और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, चोरी गए मवेशियों की बरामदगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
विंध्यनगर-तेलगवां मार्ग की बदहाल सड़क पर भड़का जनाक्रोश

टेंडर के बावजूद शुरू नहीं हुआ निर्माण, पार्षद ने एनटीपीसी को दी आंदोलन की चेतावनी

सिंगरौली। विंध्यनगर पुल से तेलगवां बाजार तक की जर्जर सड़क को लेकर क्षेत्र में जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक-36 (लाल बहादुर शास्त्री वार्ड) के पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने कलेक्टर एवं एनटीपीसी विंध्याचल प्रबंधन को पत्र लिखकर सड़क की तत्काल मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो क्षेत्रवासियों के साथ एनटीपीसी गेट के सामने आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी।

पार्षद ने बताया कि विंध्यनगर पुल से तेलगवां बाजार तक का मुख्य मार्ग जगह-जगह बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। लगातार बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है। गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने, ज्वालामुखी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, एनटीपीसी के कर्मचारियों, राखड़ से लदे भारी वाहनों तथा आसपास के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन प्रतिदिन इसी सड़क से होता है।
प्रेम सागर मिश्रा ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का टेंडर और स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि कई बार पत्राचार और मीडिया में मामला उठने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में कई बार उन्होंने अपने निजी खर्च से सड़क के गड्ढों की भराई कराकर लोगों को राहत पहुंचाई थी।

पार्षद ने एनटीपीसी प्रबंधन से प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों की भराई एवं सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासियों के साथ एनटीपीसी गेट के सामने उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वार्ड 38 तुलसी ढोटी में 12.36 लाख की लागत से नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन

सिंगरौली, 13 जुलाई। नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 38 तुलसी ढोटी में सोमवार को 12.36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नाली निर्माण परियोजना का भूमि पूजन किया गया। यह निर्माण कार्य पप्पू शाह के घर से बाबूराम साकेत के घर तक कराया जाएगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से क्षेत्र में जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई थी। नाली निर्माण होने से बरसात के दौरान जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होगी और क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी।
भूमि पूजन कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 38 के पार्षद एवं नगर पालिक निगम सिंगरौली की अपीलीय समिति के सदस्य अनिल कुमार वैश्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विधि-विधान से भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई।

इस अवसर पर बिट्टू सिंह, राजाराम सोनी, संजय नाई, रामरतन साह, मोतीलाल शाह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
पार्षद अनिल कुमार वैश्य ने कहा कि वार्ड के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नाली निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्थायी राहत मिल सके। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय नागरिकों ने विकास कार्य शुरू होने पर पार्षद एवं नगर निगम प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
नगर निगम को धन्यवाद इसी तरह वार्डो में जहाँ जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है इसी तरह ध्यान दिया जाए इसके वाद सड़को को बनाने का कार्य किया जाए
चुनाव से पहले नेताओं ने लंबे-चौड़े वादे किए थे।

आज जनता पूछ रही है— वे वादे कहाँ गए? क्या किए गए वादे पूरे हुए?
सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और विकास के जिन सपनों को दिखाया गया था, क्या वे धरातल पर उतर पाए?
जनता का सवाल सीधा है— वादे सिर्फ चुनाव जीतने के लिए थे या उन्हें निभाने के लिए भी?
अब जवाब देने का समय है, क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है। पूछती है जनता… आखिर वादों का हिसाब कब मिलेगा?
सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर किए 1835 करोड़, भिंड को दी 322.29 करोड़ की सौगात

भिंड जिले के लहार में हुआ कार्यक्रम का आयोजन

1.25 करोड़ से ज्यादा बहनों को मिली लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त

प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने किया 56 विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण

मध्यप्रदेश में इसी महीने लागू होगी समान नागरिक संहिता

भोपाल/भिंड। मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 12 जुलाई का दिन बेहद खास रहा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1835 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। उन्होंने यह राशि भिंड जिले के लहार से भेजी। इसके अलावा यहां आयोजित कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भिंड जिले को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 322.29 करोड़ के 56 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर भिंड को 4 सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिलेगी और लहार के कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू किया जाएगा। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड का यह क्षेत्र वह क्षेत्र है, जहां पांडवों ने लाक्षागृह कांड से अपना जीवन बचाया था। मैं भिंड की इस धरती को प्रणाम करता हूं। भिंड के लोग जुझारू लोग हैं। हमारी पार्टी कमल की पार्टी है। भिंड जिला खास है। डॉक्टर के रूप में कहीं भगवान हनुमान विराजे हैं, तो भिंड में विराजे हैं। भगवान राम के अनन्य सेवक हनुमान जी राम-रावण के युद्ध के समय भी थे और 5 हजार साल पहले महाभारत में अर्जुन के रथ के ऊपर धर्म की ध्वजा फहरा रहे थे। जहां भी अधर्म होगा, वहां वे धर्म की ध्वजा लेकर खड़े रहते हैं। वे जीवनभर हमारा मार्गदर्शन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम बात करते हैं तो कांग्रेसियों की छाती पर सांप लोट जाते हैं। वो हाय रे-हाय रे चिल्लाने लगते हैं। उनको हमारे देवी-देवताओं में भी वोट का नफा-नुकसान दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां रसखान जैसे भक्त भी हुए हैं, लेकिन कांग्रेस केवल हिंदू धर्म को बदनाम करती है। 

*डूब मरना चाहिए कांग्रेस को*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। उनके नेतृत्व में भारत की शक्ति बढ़ी है, मान-सम्मान बढ़ा है। आज दुनिया में भारत को बहुत सम्मान से देखा जा रहा है। भिंड का जवान एक तरफ सीमा पर जान की बाजी लगाता है, तो दूसरी तरफ किसान खेत में मेहनत करके अपनी पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वो जमाना गया, जब बहनों की डोली पर डकैत डाका डाला करते थे। आज हमारी बहन-बेटियां निर्भीकता से स्कूल-कॉलेज जा रही हैं, ये बदलते दौर का प्रदेश है। हमारी बहनें सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बेशर्मी से बोलते हैं कि लाड़ली बहनों को पैसे मत दो, वो इन रुपयों से शराब पीती हैं। कांग्रेस अध्यक्ष को डूब मरना चाहिए। ये माता-बहनों का अपमान है। ये हमारी देवी संस्कृति का अपमान है। हमारे यहां माताओं-बहनों को इस नजर से देखा भी नहीं जाता, लेकिन कांग्रेस की नीति और नीयत सदैव इसी भावना की रहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में बहनों को फूटी कौड़ी नहीं दी। एक हजार रुपये से शुरू होने वाली योजना आज 1500 रुपये तक पहुंच गई है। जबसे यह योजना शुरू हुई है, तब से 51 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में डाल चुकी है। 

*पैसे का महत्व बहनों से पूछें कांग्रेसी*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के परिवार ने गरीबी नहीं देखी, बहनों के कष्ट में वो कभी शामिल नहीं हुए। किसी लाड़ली बहना के परिवार में जाकर कांग्रेसी पूछें कि पैसे का क्या महत्व होता है। 100 रुपये का भी क्या महत्व होता है ये हमारी बहनों से पूछो। माताएं-बहनें तो घरों के लिए दुर्गा-सरस्वती-लक्ष्मी होती हैं। बच्चे मां के हिस्से का भी खाना खा जाते हैं, इस पर भी मां को खुशी होती है और उसकी आत्मा आशीर्वाद देती है। माताएं-बहनें हमारे घर की शोभा हैं। ये घर की रीढ़ होती हैं। उनके बगैर घर सीमेंट-कांक्रीट का जंगल हो जाएगा। हमारे कन्हैया भी जब तक राधा नहीं बोलो, श्री राम जब तक सीता न बोलो, महादेव जब तक पार्वती न बोलो, तब तक आशीर्वाद नहीं देते। इसलिए हमने कई बार कहा है कि लाड़ली बहनों के लिए जो बन पड़ेगा, वो सब करेंगे।

*सबके लिए कानून एक सा होना चाहिए*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय आ रहा है जब कांग्रेस की धरती डोल रही है। देश का भूगोल बदल रहा है। कुछ समय पहले कांग्रेसियों ने, 'लड़की हूं-लड़ सकती हूं' कहने वाली कांग्रेस की बड़ी नेता ने लोकसभा में बहनों की आशा की कुठाराघात किया। जब लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण का मामला आया तो उस बड़ी नेता और पप्पू भैया ने विरोधी दलों को मिलाकर बहनों के हक पर डाका डाला। उन्होंने कहा कि स्प्रिंग को जितना दबाओगे वह छोड़ते ही उतनी ताकत से उछलती है। उनके कर्मों की वजह से हमें बंगाल-असम में आशीर्वाद मिला। बीजेपी-एनडीए की ताकत बढ़ती गई। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हम सांदीपनि विद्यालयों की सौगात देने जा रहे हैं। भारत में एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान होना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम-ईसाई का कानून अलग-अलग नहीं हो सकता। किसी को दो-तीन-चार शादियों का हक न हो। उन्होंने कहा कि इसी महीने समान नागरिक संहिता लागू करेंगे। मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में से होगा, जिसका कानून सबको समानता का अधिकार देगा। इसमें मुस्लिम बहनों की भी जिंदगी बेहतर होगी। हमारी समिति पूरे प्रदेश में घूमी। उसके पास यूसीसी के लिए दस लाख से ज्यादा सुझाव आए। इन सुझावों में मुस्लिम बहनों के भी सुझाव आए। उन्होंने कहा कि भैया ये कानून जल्दी लागू करो। इस कानून से हमारी जिंदगी सुरक्षित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद कि उन्होंने तीन तलाक का कानून भी समाप्त कराया। 

*सभी वर्गों का विकास कर रही सरकार*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम किसानों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। जब से हमारी सरकार आई है, हमने किसानों से अन्न खरीदा। कांग्रेस के शासनकाल में 55 साल में गेहूं का भाव 400 रुपये भी नहीं बढ़ा। जबकि, हमारी सरकार के 20 कार्यकाल में हम गेहूं 2625 रुपये क्विंटल खरीद रहे हैं। आप गौशाला संचालित करेंगे, तो सरकार आपकी सहायता करेगी। हम दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को नंबर-1 बनाएंगे। कांग्रेस के शासनकाल में सरकारी बसें बंद हो गई थीं, लेकिन हमारी सरकार इसी महीने इसे दोबारा शुरू कर रही है। गुना में दो हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट, ढाई हजार करोड़ का प्लांट शिवपुरी में। यहां से मिसाइल जाएगी और पाकिस्तान का कोई कोना नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सब वर्गों के लिए काम कर रही है। मध्यप्रदेश देश में बेरोजगारी की दर सबसे कम है। राज्य में वृंदावन गांव और गीता भवन बनाए जाएंगे। कांग्रेस को यह बात भी समझ नहीं आ रही। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विदेशी मेहमानों को गीता भेंट करते हैं। जहां-जहां श्रीराम-श्री कृष्ण के चरण पड़े, वहां-वहां तीर्थ स्थान बनाने वाले हैं।
रीवा सीधी टनल एवं देवसर बाजार क्षेत्र में बाइक स्टंट करने वाले युवक पर थाना जियावन पुलिस की कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री षियाज के.एम. सर के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा सर के मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन को लेकर सिंगरौली पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें एक युवक द्वारा रीवा सीधी टनल मार्ग एवं देवसर बाजार जैसे सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बाइक पर खड़े होकर खतरनाक स्टंट किया जाना पाया गया।

वीडियो संज्ञान में आते ही थाना जियावन पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए संबंधित युवक को चिन्हित कर पकड़ा गया तथा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्यवाही की गई। युवक को समझाइश दी गई कि सार्वजनिक सड़क, मेन रोड, टनल एवं बाजार आमजन के सुरक्षित आवागमन के लिए होते हैं, स्टंट दिखाने या रील बनाने के लिए नहीं। इस प्रकार की लापरवाही से स्वयं की जान के साथ-साथ राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य वाहन चालकों की जिंदगी को भी गंभीर खतरा हो सकता है।

युवक द्वारा अपने कृत्य पर खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी गई। उसने कहा कि सार्वजनिक सड़क, टनल, मेन रोड एवं बाजार जैसे स्थान बाइक स्टंट के लिए नहीं, बल्कि आमजन के सुरक्षित आवागमन के लिए होते हैं। उसने सभी युवाओं से अपील की कि रील, दिखावे या सोशल मीडिया लोकप्रियता के चक्कर में अपनी और दूसरों की जिंदगी जोखिम में न डालें। सड़क पर स्टंट न करें, हेलमेट पहनें, यातायात नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।

उक्त कार्यवाही में उप निरीक्षक शेष नारायण दुबे, सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, प्रधान आरक्षक 390 रमेश चंदन एवं आरक्षक 527 दिनेश की सराहनीय भूमिका रही।स्टंटबाजी करना युवक को पड़ा महंगा, पकड़े जाने के बाद मांगी माफी
सीएम डॉ. यादव ने दिया अहम संदेश, कहा- पर्यावरण के लिए जो भी हो सकेगा वो करेंगे

इंदौर के बीएसएफ परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत हुआ पौधरोपण

एमपी में हरियाली के महाअभियान की शुरुआत आर्थिक राजधानी से
पूरे अभियान में 21लाख,आज मिनी मुंबई में रोपे जाएंगे 1 लाख पौधे 
 
भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 जुलाई को इंदौर स्थित बीएसएफ परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस मौके पर बीएसएफ ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने बीएसएफ के जवानों और पृथ्वी संस्था के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन अद्भुत है। मां अहिल्या की नगरी गौरवशाली इतिहास के लिए जानी जाती है। उन्होंने सनातन की संस्कृति को जीवंत रखा और प्रकृति के साथ ताल-मेल बैठाया। मां अहिल्याबाई के समय में जगह-जगह बड़ी संख्या में बावड़ियां बनाई गई थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद हमने लगातार जल संरक्षण के काम किए। शुरुआत में हमने छोटा अभियान हाथ में लिया, उसके बाद बड़ा अभियान चलाया। इस बार तो जल संरक्षण के लिए तीन महीने अभियान संचालित किया। इंदौर में भी बड़े पैमाने पर काम हुआ। 

जल संरक्षण के लिए दस हजार करोड़ के काम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने 10 हजार करोड़ के तीन लाख कामों को पूरा किया। वनस्पतियां जीवन देने वाली होती हैं। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। इस पूरे अंचल में नदियों का आशीर्वाद है। जनापाव की पहाड़ियों से लेकर इंदौर तक गंगा के बेसिन की नदियां हैं। यहां से निकलने वाली क्षिप्रा, गंभीर, चंबल जैसी नदियां गंगा सागर तक की यात्रा करती हैं। आने वाले समय में इस तरह के और अभियान चलाए जाएंगे। पर्यावरण पर्यावरण के लिए हमसे जो हो सकेगा, वो सब करेंगे। 

इंदौर निभा रहा अग्रणी भूमिका

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज अलनीनो का खतरा दिखाई दे रहा है। इस तरह के सारे खतरों से वृक्ष मुकाबला करने में सक्षम हैं। हमारे ये वृक्ष ऋषि-मुनियों की तरह तपस्या करते हैं और हमें आशीर्वाद देते हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और गृह मंत्री अमित शाह के मार्ग दर्शन में पूरे देश में नक्सलवादियों को आखिरी सलाम बोल दिया गया है। गौरतलब है कि अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया है। इसी अभियान अंतर्गत इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। बीएसएफ परिसर में 51 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है, जबकि आज इंदौर में कुल एक लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। स्वच्छता और जनभागीदारी के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने वाला इंदौर अब पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
टावर निर्माण के दौरान मृत मजदूर के परिजनों का भुगतान रुका
जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह ने दी चेतावनी 

सिंगरौली। ग्राम परसदेही निवासी स्वर्गीय जगदीश प्रसाद शाह की पावर ग्रिड कंपनी के निर्माणाधीन टावर में कार्य के दौरान हुई मृत्यु के बाद मुआवजा भुगतान को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। परिजनों का आरोप है कि समझौते के तहत कंपनी प्रबंधन द्वारा दिया गया चेक बैंक में आपत्ति दर्ज कराकर रुकवा दिया गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।

इस मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह ने पीड़ित परिवार के समर्थन में प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि समझौते के अनुरूप परिजनों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन एवं सिंगरौली विधायक से मामले का संज्ञान लेकर न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ और भुगतान बहाल नहीं कराया गया, तो पीड़ित परिवार के साथ आंदोलन किया जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं संबंधित पक्षों की होगी।टावर निर्माण के दौरान मृत मजदूर के परिजनों का भुगतान रुका, आंदोलन की चेतावनी
"एक पेड़ श्याम के नाम" अभियान के द्वितीय चरण के तहत में हुआ पौधारोपण

जन्मदिन पर केक की जगह पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

वैढ़न। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्री श्याम प्रेमी मंडल, वैढ़न द्वारा संचालित "एक पेड़ श्याम के नाम" अभियान के द्वितीय चरण का आयोजन वंडर पब्लिक स्कूल, वैढ़न में किया गया। अभियान के तहत पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण तथा पौधों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर सीए रौनक भारूका ने अपना जन्मदिन केक काटने के बजाय अपने पिता अमरदीप भारूका, बहन डॉ. स्तुति भारूका एवं परिवारजनों के साथ पौधारोपण कर मनाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ एवं अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता निभाएं।

कार्यक्रम में वंडर पब्लिक स्कूल के मनीष चौरसिया ने पौधारोपण की व्यवस्था कराते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया। वहीं सोमेश बंसल ने पौधों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान मंडल के सदस्यों ने संकल्प लिया कि अभियान को निरंतर जारी रखते हुए प्रत्येक लगाए गए पौधे का संरक्षण किया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे: मंडल अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, उपाध्यक्ष अमरदीप भारूका, सुरेंद्र लोहिया, बालमुकुंद गुप्ता, पवन सिंह, श्रीनिवास जी, नीरज करिवाल, छेदी सर्राफ, सोमेश बंसल, सौरभ अग्रवाल, शिवेंद्र पांडे, अमित राज, अनुराग भरतिया, रमेश अग्रवाल, सीए रौनक भारूका, डॉ. स्तुति भारूका, रितिक चौरसिया, कृष्णा भारूका, अमन गुप्ता, दीपक कटारे, आशुतोष नामदेव मोहित केशरी सहित वंडर पब्लिक स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, श्री श्याम प्रेमी मंडल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
जिला चिकित्सालय ट्रॉमा सेंटर से बाइक चोरी, पीड़ित ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट 

सिंगरौली वैढ़न जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर बैढ़न परिसर से एक बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित संजय कुमार साकेत, निवासी बलियरी (वैढ़न), ने कोतवाली वैढ़न में लिखित शिकायत देकर बाइक की बरामदगी एवं आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार संजय कुमार साकेत अपने जीजा को भोजन देने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी बाइक अस्पताल परिसर में खड़ी कर वार्ड में चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर बाइक वहां नहीं मिली, जहां उसे खड़ा किया था। चोरी हुई बाइक का पंजीयन क्रमांक UP64 SJ 7652 है।
संजय कुमार साकेत ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार के बेहतर इलाज की उम्मीद से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बीना रेहटा क्षेत्र से जिला चिकित्सालय बैढ़न आए थे, लेकिन अस्पताल परिसर से ही उनकी बाइक चोरी हो गई। उन्होंने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्किंग व्यवस्था अव्यवस्थित है, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है और सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद प्रभावी निगरानी नहीं हो पाती। परिसर में वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं, जिससे चोरी जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
पीड़ित ने अस्पताल परिसर में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे चोरी, मारपीट एवं अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। उन्होंने हाल ही में पदभार ग्रहण करने वाले पुलिस अधीक्षक से भी बाइक की शीघ्र बरामदगी की मांग की है।
कोतवाली पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय परिसर में इससे पहले भी मोबाइल और वाहन चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले का खुलासा कर आरोपियों तक कब पहुंचती है।
महदेईया रेलवे गेट के पास युवक की संदिग्ध मौत, जांच में जुटी पुलिस
सिंगरौली। 

जिले के महदेईया रेलवे गेट क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। स्थानीय स्तर पर हत्या की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
नोट: फिलहाल इसे संदिग्ध मौत के रूप में देखा जा रहा है। हत्या या किसी अन्य कारण की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।