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Brijesh Kumar

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श्रावण के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुआ शिवधाम मंदिर, वैढ़न 

श्रावण मास के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर वैढ़न स्थित शिवधाम मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से वातावरण भक्तिमय हो उठा और चारों ओर ‘हर-हर महादेव’ एवं ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष गूंजते रहे।

मंदिर के महाप्रबंधक एवं ज्योतिषविद् पं. डॉ. एन. पी. मिश्र के सानिध्य में अनेकानेक भक्तजनों द्वारा भूतभावन भगवान भोलेनाथ एवं महामृत्युंजय भगवान की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दुग्ध, पंचामृत, बेलपत्र, पुष्प आदि अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति, आरोग्य, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
इस पावन अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक भी किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और महामृत्युंजय मंत्र की पवित्र ध्वनि से पूरा शिवधाम परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो श्रावण की अंतिम सोमवारी पर स्वयं कैलाशपति भगवान शिव की कृपा शिवधाम पर बरस रही हो।

पं. डॉ. एन. पी. मिश्र ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पवित्र अवसर है। इस माह में श्रद्धा एवं विधि-विधान से की गई शिव आराधना मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक शांति और सकारात्मकता का संचार करती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कार और सनातन परंपराओं से जुड़े रहते हुए समाज में सद्भाव एवं सेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

श्रावण का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है और अंतिम सोमवार का यह पावन अवसर भक्तों के लिए और भी भावपूर्ण रहा। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास के साथ बाबा भोलेनाथ के चरणों में शीश नवाकर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की प्रार्थना की।

ज्योतिषविद्- पं डाॅ एन.पी मिश्र
जिला अध्यक्ष- पुरोहित महासभा, सिंगरौली 
अध्यक्ष- शिवधाम जन कल्याण समिति, वैढ़न 
महाप्रबंधक- शिवधाम मंदिर, वैढ़न
आचार्य- डी.पी.एस निगाही, जिला-सिंगरौली (म.प्र)
एएनएम संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी, 1 सितंबर से विरोध प्रदर्शन

सिंगरौली। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन एवं (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ भोपाल ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं के निराकरण को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र भेजकर चरणबद्ध आंदोलन की सूचना दी है।
संघ का कहना है कि एएनएम को नर्सिंग कैडर में शामिल करने, वेतन विसंगति दूर करने, 3200 रुपये ग्रेड-पे के आधार पर एएनएम संवर्ग की पदोन्नति, संविदा एएनएम का अन्य विभागों की तरह नियमितीकरण, टीकाकरण एवं पीबीआई सहित वास्तविक कार्य करने वाले एएनएम संवर्ग को लाभ देने तथा नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है। संघ के अनुसार पूर्व में कई बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 25 अगस्त 2026 से ऑनलाइन कार्य बंद करने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 1 सितंबर से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते हुए शासकीय कार्य किया जाएगा। 2 सितंबर को जिला मुख्यालय पर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। 3 सितंबर को दो घंटे अतिरिक्त कार्य कर प्रदर्शन किया जाएगा। 5 से 7 सितंबर तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा, जबकि 8 सितंबर को पूरे मध्यप्रदेश में एएनएम सामूहिक अवकाश लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगी।
संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

प्रमुख मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी सिंगरौली और जिला कलेक्टर सिंगरौली को लिखित में ज्ञापन सौंपा
एएनएम संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी, 1 सितंबर से विरोध प्रदर्शन

सिंगरौली। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन एवं (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ भोपाल ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं के निराकरण को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र भेजकर चरणबद्ध आंदोलन की सूचना दी है।
संघ का कहना है कि एएनएम को नर्सिंग कैडर में शामिल करने, वेतन विसंगति दूर करने, 3200 रुपये ग्रेड-पे के आधार पर एएनएम संवर्ग की पदोन्नति, संविदा एएनएम का अन्य विभागों की तरह नियमितीकरण, टीकाकरण एवं पीबीआई सहित वास्तविक कार्य करने वाले एएनएम संवर्ग को लाभ देने तथा नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है। संघ के अनुसार पूर्व में कई बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 25 अगस्त 2026 से ऑनलाइन कार्य बंद करने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 1 सितंबर से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते हुए शासकीय कार्य किया जाएगा। 2 सितंबर को जिला मुख्यालय पर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। 3 सितंबर को दो घंटे अतिरिक्त कार्य कर प्रदर्शन किया जाएगा। 5 से 7 सितंबर तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा, जबकि 8 सितंबर को पूरे मध्यप्रदेश में एएनएम सामूहिक अवकाश लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगी।
संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

प्रमुख मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी सिंगरौली और जिला कलेक्टर सिंगरौली को लिखित में ज्ञापन सौंपा
पार्षद अनिल वैश्य पर मुकदमा दर्ज होने के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
सेंट जोसेफ स्कूल तिराहा ट्रामा सेंटर मार्ग में आधे घंटे से जाम में फंसी है 108 एम्बुलेंस यातायात व्यवस्था वेपटरी
यातायात व्यवस्था बनी वे पटरी
पार्षद अनिल वैश्य पर मुकदमा दर्ज होने के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
एएनएम संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी, 1 सितंबर से विरोध प्रदर्शन

सिंगरौली। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन एवं (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ भोपाल ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं के निराकरण को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र भेजकर चरणबद्ध आंदोलन की सूचना दी है।
संघ का कहना है कि एएनएम को नर्सिंग कैडर में शामिल करने, वेतन विसंगति दूर करने, 3200 रुपये ग्रेड-पे के आधार पर एएनएम संवर्ग की पदोन्नति, संविदा एएनएम का अन्य विभागों की तरह नियमितीकरण, टीकाकरण एवं पीबीआई सहित वास्तविक कार्य करने वाले एएनएम संवर्ग को लाभ देने तथा नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है। संघ के अनुसार पूर्व में कई बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 25 अगस्त 2026 से ऑनलाइन कार्य बंद करने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 1 सितंबर से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते हुए शासकीय कार्य किया जाएगा। 2 सितंबर को जिला मुख्यालय पर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। 3 सितंबर को दो घंटे अतिरिक्त कार्य कर प्रदर्शन किया जाएगा। 5 से 7 सितंबर तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा, जबकि 8 सितंबर को पूरे मध्यप्रदेश में एएनएम सामूहिक अवकाश लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगी।
संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

प्रमुख मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी सिंगरौली और जिला कलेक्टर सिंगरौली को लिखित में ज्ञापन सौंपा
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जोगिया वीर बाबा मंदिर से पचौर धाम के लिए निकली भव्य कांवड़ यात्रा

सिंगरौली। सावन के पावन अवसर पर सोमवार को जोगिया वीर बाबा मंदिर, गनियारी से पचौर धाम के लिए भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में नगर निगम महापौर रानी अग्रवाल सहित सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों और बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

बरसात के बीच भी कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। हाथों में भगवा ध्वज लिए श्रद्धालु हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगाते हुए यात्रा में आगे बढ़ते रहे। बारिश के बीच शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था और भक्ति का प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारे लगाए और वातावरण शिवमय हो गया। सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली पुलिस सहित नगर निगम सफाई कर्मचारी शामिल रहे
जर्जर 108 एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल, जरूरतमंदों को समय पर नहीं मिल रही सेवा

सिंगरौली। जिले में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकार द्वारा आमजन को आपातकालीन स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 108 सेवा जिले में अव्यवस्थाओं का शिकार होती नजर आ रही है। कई एंबुलेंस जर्जर हालत में खड़ी हैं, जबकि उचित रखरखाव के अभाव में जरूरतमंद मरीजों को समय पर वाहन उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
वाहन चालकों के अनुसार 108 सेवा ठेका प्रथा के तहत संचालित होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चालकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के दबाव में वाहनों को निर्धारित समय और क्षमता से अधिक चलवाया जाता है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर नौकरी से हटाने तक की स्थिति बन जाती है। कुछ चालकों ने पीएफ की राशि समय पर नहीं मिलने की बात भी कही है।
चालकों का आरोप है कि कई बार वाहनों की दूरी और कॉल को लेकर भी दबाव बनाया जाता है। वहीं, एंबुलेंस के नियमित मेंटेनेंस की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। सीधी, देवसर और वैढ़न सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कई 108 एंबुलेंस गैरेज में खड़ी देखी जा सकती हैं। कुछ वाहन मुख्य सड़क और एसपी कार्यालय के सामने तक खड़े दिखाई देने की बात सामने आई है।
बताया जाता है कि मेंटेनेंस के लिए गैरेज भेजे गए वाहनों का भुगतान समय पर नहीं होने से भी वाहन समय पर तैयार नहीं हो पाते। इसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के बजाय निजी साधनों, रिक्शे, साइकिल अथवा चारपाई के सहारे अस्पताल तक पहुंचाने की मजबूरी सामने आती रही है।
कागजों में भले ही जिले में 108 वाहनों की संख्या पर्याप्त बताई जाती हो, लेकिन जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा वाहनों के फिटनेस, मेंटेनेंस, कॉल रिस्पांस, चालकों की समस्याओं और ठेका व्यवस्था की समीक्षा की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
आम जनता का सवाल है कि जिस आपातकालीन सेवा का उद्देश्य संकट की घड़ी में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाना है, यदि वही व्यवस्था जर्जर वाहनों और अव्यवस्थाओं से जूझती रहेगी तो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों की जान पर खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन को मामले में ठोस कदम उठाकर 108 सेवा को प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाने की जरूरत है।
जर्जर 108 एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल, जरूरतमंदों को समय पर नहीं मिल रही सेवा

सिंगरौली। जिले में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकार द्वारा आमजन को आपातकालीन स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 108 सेवा जिले में अव्यवस्थाओं का शिकार होती नजर आ रही है। कई एंबुलेंस जर्जर हालत में खड़ी हैं, जबकि उचित रखरखाव के अभाव में जरूरतमंद मरीजों को समय पर वाहन उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

वाहन चालकों के अनुसार 108 सेवा ठेका प्रथा के तहत संचालित होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चालकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के दबाव में वाहनों को निर्धारित समय और क्षमता से अधिक चलवाया जाता है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर नौकरी से हटाने तक की स्थिति बन जाती है। कुछ चालकों ने पीएफ की राशि समय पर नहीं मिलने की बात भी कही है।

चालकों का आरोप है कि कई बार वाहनों की दूरी और कॉल को लेकर भी दबाव बनाया जाता है। वहीं, एंबुलेंस के नियमित मेंटेनेंस की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। सीधी, देवसर और वैढ़न सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कई 108 एंबुलेंस गैरेज में खड़ी देखी जा सकती हैं। कुछ वाहन मुख्य सड़क और एसपी कार्यालय के सामने तक खड़े दिखाई देने की बात सामने आई है।

बताया जाता है कि मेंटेनेंस के लिए गैरेज भेजे गए वाहनों का भुगतान समय पर नहीं होने से भी वाहन समय पर तैयार नहीं हो पाते। इसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के बजाय निजी साधनों, रिक्शे, साइकिल अथवा चारपाई के सहारे अस्पताल तक पहुंचाने की मजबूरी सामने आती रही है।

कागजों में भले ही जिले में 108 वाहनों की संख्या पर्याप्त बताई जाती हो, लेकिन जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा वाहनों के फिटनेस, मेंटेनेंस, कॉल रिस्पांस, चालकों की समस्याओं और ठेका व्यवस्था की समीक्षा की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

आम जनता का सवाल है कि जिस आपातकालीन सेवा का उद्देश्य संकट की घड़ी में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाना है, यदि वही व्यवस्था जर्जर वाहनों और अव्यवस्थाओं से जूझती रहेगी तो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों की जान पर खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन को मामले में ठोस कदम उठाकर 108 सेवा को प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाने की जरूरत है।
जर्जर 108 एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल, जरूरतमंदों को समय पर नहीं मिल रही सेवा

सिंगरौली। जिले में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकार द्वारा आमजन को आपातकालीन स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 108 सेवा जिले में अव्यवस्थाओं का शिकार होती नजर आ रही है। कई एंबुलेंस जर्जर हालत में खड़ी हैं, जबकि उचित रखरखाव के अभाव में जरूरतमंद मरीजों को समय पर वाहन उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
वाहन चालकों के अनुसार 108 सेवा ठेका प्रथा के तहत संचालित होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चालकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के दबाव में वाहनों को निर्धारित समय और क्षमता से अधिक चलवाया जाता है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर नौकरी से हटाने तक की स्थिति बन जाती है। कुछ चालकों ने पीएफ की राशि समय पर नहीं मिलने की बात भी कही है।
चालकों का आरोप है कि कई बार वाहनों की दूरी और कॉल को लेकर भी दबाव बनाया जाता है। वहीं, एंबुलेंस के नियमित मेंटेनेंस की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। सीधी, देवसर और वैढ़न सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कई 108 एंबुलेंस गैरेज में खड़ी देखी जा सकती हैं। कुछ वाहन मुख्य सड़क और एसपी कार्यालय के सामने तक खड़े दिखाई देने की बात सामने आई है।
बताया जाता है कि मेंटेनेंस के लिए गैरेज भेजे गए वाहनों का भुगतान समय पर नहीं होने से भी वाहन समय पर तैयार नहीं हो पाते। इसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के बजाय निजी साधनों, रिक्शे, साइकिल अथवा चारपाई के सहारे अस्पताल तक पहुंचाने की मजबूरी सामने आती रही है।
कागजों में भले ही जिले में 108 वाहनों की संख्या पर्याप्त बताई जाती हो, लेकिन जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा वाहनों के फिटनेस, मेंटेनेंस, कॉल रिस्पांस, चालकों की समस्याओं और ठेका व्यवस्था की समीक्षा की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
आम जनता का सवाल है कि जिस आपातकालीन सेवा का उद्देश्य संकट की घड़ी में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाना है, यदि वही व्यवस्था जर्जर वाहनों और अव्यवस्थाओं से जूझती रहेगी तो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों की जान पर खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन को मामले में ठोस कदम उठाकर 108 सेवा को प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाने की जरूरत है।
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परसौना माजन निगाही मार्ग में गडडो अंततः समतल कर दिया गया है जहाँ आवागमन करने वालो को अब नही करना पड़ेगा दिक्कतो का सामना
ईद मिलादुन्नबी को लेकर बरगवां में शांति समिति की बैठक

बरगवां। जश्ने ईद मिलादुन्नबी त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर थाना बरगवां में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सिंगरौली सुश्री रोशनी कुर्मी की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के वरिष्ठ नागरिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बैठक में ग्राम बगदरी, कसार, गौड़वाली, चिनगी टोला, तेलदह, बरगवां सहित अन्य स्थानों से आए नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी ली गई तथा कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से त्योहार के दौरान आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही आयोजन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी लोग प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करें।
बरगवां पुलिस की दोहरी कार्रवाई

चोरी की बाइक समेत आरोपी गिरफ्तार, हत्या का 10 हजार का इनामी आरोपी भी धराया, बीते वर्ष जमीनी विवाद में हुई थी हत्या

बरगवां थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ओर चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी कार्रवाई में हत्या के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी आरोपी रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।

चोरी की मोटरसाइकिल बरामद

जानकारी अनुसार अपराध क्रमांक 566/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज मामले में फरियादी सुनीत जायसवाल, पिता धीरेशचन्द्र जायसवाल उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम नौढिहवा पोस्ट गंगी थाना चितरंगी हालमुक़ाम निवासी दिलीप बैस के मकान सब्जी मंडी बरगवां ने शिकायत दर्ज कराई थी।
फरियादी ने बताया कि वह बरगवां सब्जी मंडी में मोमोज का ठेला लगाता है। 19 अगस्त की शाम करीब 7 बजे दुकान से जाने के बाद उसने अपनी हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक MP66MK6518 किराए के घर के सामने खड़ी की थी। खाना खाने के बाद वह सो गया। अगले दिन 20 अगस्त की सुबह बाहर आकर देखा तो मोटरसाइकिल गायब थी। आसपास तलाश करने के बाद भी बाइक नहीं मिली।
शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर तलाश करते हुए दिनकर उर्फ पीयूष द्विवेदी, पिता बुजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी उम्र 21 वर्ष निवासी झखरावल थाना जियावन वर्तमान निवासी बरहवा टोला थाना बरगवां जिला सिंगरौली को पकड़ा। पूछताछ के बाद उसके कब्जे से चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद कर उसे गिरफ्तार किया गया।

एक साल से फरार 10 हजार का इनामी आरोपी पकड़ा

दूसरी कार्रवाई में बरगवां पुलिस ने हत्या के मामले में करीब एक वर्ष से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी आरोपी रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन पिता ओहाजिल मोहम्मद उम्र 24 वर्ष निवासी कसार थाना बरगवां को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, जुलाई 2025 में ग्राम कसार में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में मेहताब आलम की हत्या हो गई थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली द्वारा 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी।

पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बरगवां थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार आरोपी की तलाश की। पुलिस टीम ने 22 अगस्त को आरोपी रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। जिसे आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।

अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
दोनों कार्यवाहियां पुलिस अधीक्षक शियाज के. एम. एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी रोशनी कुर्मी के मार्गदर्शन में की गईं।

इन कार्रवाइयों में बरगवां थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पटेल के नेतृत्व में उनि सूरज सिंह, रामचरण सतनामी, सउनि अरुण पटेल, प्रआर श्यामलाल प्रजापति, फूल सिंह, नन्दकिशोर बागरी, संजय यादव, आशीष द्विवेदी आर. अरविन्द यादव, महेश पटेल, चन्द्रकेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बरगवां पुलिस की दोहरी कार्रवाई

चोरी की बाइक समेत आरोपी गिरफ्तार, हत्या का 10 हजार का इनामी आरोपी भी धराया, बीते वर्ष जमीनी विवाद में हुई थी हत्या

बरगवां थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ओर चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी कार्रवाई में हत्या के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी आरोपी रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।

चोरी की मोटरसाइकिल बरामद

जानकारी अनुसार अपराध क्रमांक 566/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज मामले में फरियादी सुनीत जायसवाल, पिता धीरेशचन्द्र जायसवाल उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम नौढिहवा पोस्ट गंगी थाना चितरंगी हालमुक़ाम निवासी दिलीप बैस के मकान सब्जी मंडी बरगवां ने शिकायत दर्ज कराई थी।
फरियादी ने बताया कि वह बरगवां सब्जी मंडी में मोमोज का ठेला लगाता है। 19 अगस्त की शाम करीब 7 बजे दुकान से जाने के बाद उसने अपनी हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक MP66MK6518 किराए के घर के सामने खड़ी की थी। खाना खाने के बाद वह सो गया। अगले दिन 20 अगस्त की सुबह बाहर आकर देखा तो मोटरसाइकिल गायब थी। आसपास तलाश करने के बाद भी बाइक नहीं मिली।
शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर तलाश करते हुए दिनकर उर्फ पीयूष द्विवेदी, पिता बुजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी उम्र 21 वर्ष निवासी झखरावल थाना जियावन वर्तमान निवासी बरहवा टोला थाना बरगवां जिला सिंगरौली को पकड़ा। पूछताछ के बाद उसके कब्जे से चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद कर उसे गिरफ्तार किया गया।

एक साल से फरार 10 हजार का इनामी आरोपी पकड़ा

दूसरी कार्रवाई में बरगवां पुलिस ने हत्या के मामले में करीब एक वर्ष से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी आरोपी रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन पिता ओहाजिल मोहम्मद उम्र 24 वर्ष निवासी कसार थाना बरगवां को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, जुलाई 2025 में ग्राम कसार में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में मेहताब आलम की हत्या हो गई थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली द्वारा 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी।

पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बरगवां थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार आरोपी की तलाश की। पुलिस टीम ने 22 अगस्त को आरोपी रज्जू उर्फ रजीमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। जिसे आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।

पुलिस की लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में चोरी और गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है।

अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

दोनों कार्यवाहियां पुलिस अधीक्षक शियाज के. एम. एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी रोशनी कुर्मी के मार्गदर्शन में की गईं।

इन कार्रवाइयों में बरगवां थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पटेल के नेतृत्व में उनि सूरज सिंह, रामचरण सतनामी, सउनि अरुण पटेल, प्रआर श्यामलाल प्रजापति, फूल सिंह, नन्दकिशोर बागरी, संजय यादव, आशीष द्विवेदी आर. अरविन्द यादव, महेश पटेल, चन्द्रकेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
परसौना-माजन मोड़-निगाही मार्ग पर जानलेवा गड्ढे, हादसे का इंतजार कर रहा विभाग?

सिंगरौली। परसौना से माजन मोड़ होते हुए निगाही तक जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। एमपीआरटीसी द्वारा निर्मित इस सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और दिनभर बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत और गड्ढों को भरने की दिशा में जिम्मेदार विभाग द्वारा प्रभावी पहल नहीं की जा रही है। बारिश के दौरान जलभराव के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है।

सिंगरौली में बारिश के कारण कई अन्य सड़कों के भी क्षतिग्रस्त होने और गहरे गड्ढे बनने की खबर सामने आ चुकी है। वहीं, परसौना से निगाही मोड़ तक सड़क और नाली की समस्या पहले भी उठ चुकी है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के घटित होने का इंतजार कर रहा है? लोगों ने मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कर खतरनाक गड्ढों को भरने के साथ जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी अनहोनी को रोका जा सके।
57 लाख का वाटर एटीएम, जनता को सुविधा नहीं; उपकरणों की चोरी से व्यवस्था पर सवाल 

सिंगरौली। नगर निगम क्षेत्र में जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से लगाए गए वाटर एटीएम अब सवालों के घेरे में हैं। नगर निगम द्वारा करीब 57 लाख रुपये की लागत से वाटर एटीएम लगाए जाने की बात सामने आ रही है, लेकिन इनका संचालन और उपयोगिता आज भी सवालों के घेरे में है। नगर निगम की ओर से इन पर खर्च और भुगतान से संबंधित पूरा डेटा भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।

नगर निगम क्षेत्र में कुल तीन वाटर एटीएम लगाए गए हैं। इनमें पहला फल मंडी मोरवा, दूसरा शहरी तहसील परिसर और तीसरा वार्ड क्रमांक 40 में मल्हार पार्क के सामने चौपाटी क्षेत्र में लगाया गया है। आरोप है कि इनमें से वाटर एटीएम नियमित रूप से जनता को सुविधा नहीं दे पा रहे हैं। गर्मी हो, बरसात हो या ठंड—किसी भी मौसम में लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।

विडंबना यह है कि वाटर एटीएम चालू नहीं हो सके, लेकिन इनके रखरखाव और मेंटेनेंस के नाम पर नगर निगम द्वारा कई बार भुगतान किए जाने की बात सामने आ रही है। वहीं, बंद पड़े वाटर एटीएम के उपकरणों की लगातार चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इससे नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

वार्ड क्रमांक 40 के पार्षद का कहना है कि इतना महंगा वाटर एटीएम लगाने का कोई औचित्य नहीं है, यदि जनता को उसकी सुविधा ही नहीं मिलनी है। पार्षद के मुताबिक वाटर एटीएम लगाए जाने की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि सुविधा स्थापित की गई थी तो उसकी गुणवत्ता, संचालन और सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए था।

इतना ही नहीं, वार्ड 40 में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए स्मार्ट टॉयलेट भी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। न्यायालय परिसर के समीप लगाया गया स्मार्ट टॉयलेट हटाया जा चुका है, जबकि राजमाता चूनकुमारी स्टेडियम के मुख्य द्वार के सामने लगा स्मार्ट टॉयलेट भी अपेक्षित उपयोग में नहीं आ रहा है।

अब सवाल यह है कि जब जनता की सुविधा के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं तो आखिर इन सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों को कब मिलेगा? वाटर एटीएम और स्मार्ट टॉयलेट पर हुए खर्च, मेंटेनेंस भुगतान तथा इनके संचालन की स्थिति का नगर निगम सार्वजनिक रूप से स्पष्ट विवरण देगा या मामला केवल खानापूर्ति तक सीमित रहेगा? साथ ही, लगातार हो रही उपकरण चोरी को रोकने के लिए नगर निगम और महापौर की ओर से क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे, यह भी देखने वाली बात होगी।
एनटीपीसी सिंगरौली में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) का दौरा

एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं एनएसपीसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिवाकर कौशिक का एनटीपीसी सिंगरौली परियोजना का दौरा सम्पन्न हुआ। अपने दौरे के दौरान उन्होंने परियोजना के प्रमुख प्रचालन क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा सुरक्षा, प्रचालन उत्कृष्टता एवं कार्यस्थल पर निरंतर सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की।

दौरे के क्रम में श्री कौशिक ने परियोजना के ट्रैक हॉपर एवं कोल स्टैक यार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने कोयला हैंडलिंग एवं प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों से विभिन्न प्रचालन गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संयंत्र के निर्बाध एवं कुशल संचालन के लिए कोयला प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रचालन एवं अनुरक्षण के उच्च मानकों को निरंतर बनाए रखने पर बल दिया।

इसके पश्चात श्री कौशिक ने स्टेज-II यूसीबी का दौरा किया तथा वहां की विभिन्न गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने परियोजना में प्रचालन संबंधी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित, सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संपादित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए कार्यों में दक्षता, अनुशासन एवं सतत सुधार की संस्कृति को और मजबूत करने का आह्वान किया।

दौरे का एक अन्य प्रमुख आकर्षण 5S प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाना रहा। क्यूसीएफआई, हैदराबाद द्वारा जारी 5S प्रमाण-पत्र, जिसकी वैधता जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक है, श्री दिवाकर कौशिक द्वारा श्री ई. प्रभाकर राव, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली को प्रदान किया गया। श्री कौशिक ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए परियोजना की टीम को बधाई दी तथा उत्कृष्टता के अगले स्तर की दिशा में आगे बढ़ते हुए JUSE प्रमाणन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

दौरे के दौरान एडीएम कॉन्फ्रेंस रूम में एसएमसी सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा एवं कार्यस्थल उत्कृष्टता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। श्री कौशिक ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी स्तरों पर सजगता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रचालन केवल तकनीकी दक्षता का परिणाम नहीं है, बल्कि सुरक्षित कार्य संस्कृति, टीम भावना और निरंतर सुधार की प्रतिबद्धता से भी जुड़ा है।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए परियोजना की प्रचालन क्षमता को और बेहतर बनाने तथा सुरक्षा एवं उत्कृष्टता के मानकों को निरंतर ऊंचा उठाने के लिए प्रेरित किया।

श्री कौशिक का यह दौरा एनटीपीसी सिंगरौली में प्रचालन उत्कृष्टता, सुरक्षा, कार्यस्थल अनुशासन एवं सतत सुधार के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने वाला रहा। उनके मार्गदर्शन एवं संवाद से परियोजना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के लिए नई प्रेरणा मिली।

यह दौरा श्री ई. प्रभाकर राव, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सी. एच. किशोर कुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण);  रश्मिरंजन मोहंती, महाप्रबंधक (परियोजना); अंजन कुमार पाल, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन); अवनीश कुमार सिंह, महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं); सुनील कुमार मिश्रा, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) सौमित्र घोष, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं ऐश डाइक प्रबंधन) तथा सिद्धार्थ मंडल, प्रमुख (मानव संसाधन) सहित परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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गोरबी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रुद्र प्रताप सिंह का निधन, पुलिस महकमे में शोक की लहर

सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र की गोरबी चौकी में प्रभारी के पद पर पदस्थ उपनिरीक्षक रुद्र प्रताप सिंह का देर रात लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनका उपचार लखनऊ में चल रहा था। रात करीब 1:20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

वाराणसी से लखनऊ किया गया था रेफर

जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक रुद्र प्रताप सिंह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए पहले वाराणसी ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया था। लखनऊ में उपचार के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और देर रात उनका निधन हो गया।

निधन के बाद परिजन पार्थिव शरीर को बनारस लेकर पहुंचे, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

करीब चार दशक तक पुलिस विभाग में दी सेवाएं

उपनिरीक्षक रुद्र प्रताप सिंह ने करीब 40 वर्षों तक पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वे गोरबी चौकी प्रभारी के रूप में पदस्थ थे। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने अपनी कार्यशैली और मामलों की गहन जांच के लिए अलग पहचान बनाई।

स्थानीय स्तर पर लोग उन्हें लोकप्रिय रूप से ‘सीआईडी’ के नाम से भी जानते थे। कई जटिल मामलों की जांच और उनके खुलासे में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीमारी से जूझने के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

पुलिस अधिकारियों और सहकर्मियों ने जताया शोक

रुद्र प्रताप सिंह के निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और क्षेत्र के नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उनके निधन को पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

करीब चार दशक तक पुलिस विभाग में सेवाएं देने वाले रुद्र प्रताप सिंह के निधन से उनके साथ काम कर चुके पुलिसकर्मियों में गहरा दुख है। उनके सहकर्मी उनकी कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और जांच के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद रखेंगे।