
औरंगाबाद में फर्जी ट्रेनी आईपीएस बन थाने से मंगाया गश्ती दल, पुलिस के सामने दो युवकों को उठाया।
औरंगाबाद में गुरुवार रात एक शातिर ने खुद को प्रशिक्षु (ट्रेनी) आईपीएस अधिकारी बताकर नगर थाने से पुलिस बल मंगा लिया और जसोइया मोड़ पर अवैध रूप से वाहन चेकिंग शुरू कर दी। उसने दो युवकों को अपनी स्कॉर्पियो में जबरन बैठा लिया।
हालांकि, एक दारोगा के फोन कॉल से उसकी पोल खुल गई। पुलिस की नाकेबंदी में मुख्य आरोपित चकमा देकर फरार हो गया, लेकिन उसका ड्राइवर एरका चेकपोस्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया है।
चेकिंग के दौरान उसने नवीनगर निवासी अजय कुमार और हरिहरगंज निवासी आलोक कुमार व सुनील कुमार रवि को रोका। पूछताछ के बाद उसने अजय को छोड़ दिया, लेकिन आलोक और सुनील को जबरन अपनी स्कॉर्पियो में बैठा लिया।
अजय को इस पूरी कार्रवाई पर संदेह हुआ। उसने अपने परिजनों और अगवा किए गए युवकों के एक दारोगा रिश्तेदार को घटना की जानकारी दे दी। सूचना मिलते ही दारोगा रिश्तेदार ने फर्जी ट्रेनी आईपीएस के नंबर पर कॉल कर पूछताछ शुरू की। क्रॉस-वेरिफिकेशन में उलझने पर फर्जी अधिकारी को एहसास हो गया कि उसकी पोल खुल चुकी है। पकड़े जाने के डर से उसने दोनों युवकों को कामा बिगहा के पास गाड़ी से उतार दिया और भागने लगा।
मामले की जानकारी एसपी को मिलते ही पूरे जिले में नाकेबंदी की गई। एरका चेकपोस्ट के पास पुलिस को देखकर मुख्य आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मौके से स्कॉर्पियो जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी पहचान झारखंड के डाल्टेनगंज निवासी पिंटू कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार रात नगर थाने के सरकारी नंबर पर एक कॉल आयी। कॉलर ने खुद को ट्रेनी आईपीएस बताते हुए एक मामले में छापेमारी के लिए पुलिस बल की मांग की। बिना किसी सत्यापन के नगर थाना पुलिस ने अपना गश्ती दल उस अनजान व्यक्ति के साथ भेज दिया।