राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं एवं रीति-रिवाजों का संरक्षण करें तथा उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत उसकी सबसे बड़ी पहचान है। इस संस्कृति की संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी युवा आगे हैं और संकल्पित भाव के साथ अपनी संस्कृति को अवश्य बचाएं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री आर्य आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
अध्यक्ष श्री आर्य ने कहा कि आज के युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि कौशल विकास, नवाचार एवं स्वरोजगार के माध्यम से ऐसे उद्यमी बनें जो अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता को अपनाने का आग्रह किया। उ