*बटुरा-बकही में अज्ञात वाहन ने 2 फैक्ट्री कर्मचारियों को रौंदा, मौके पर ही तोड़ा दम; अनूपपुर पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग!*। *अनूपपुर/शहडोल:* *अनूपपुर और शहडोल जिले की सीमा पर स्थित बटुरा-बकही क्षेत्र (थाना चचाई) में एक दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा सामने आया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में फैक्ट्री में कार्यरत दो कर्मचारियों की मौके पर ही खौफनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।*
*👉काम से लौटते/जाते वक्त बनी मौत की वजह*
*ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुए दोनों कर्मचारी पास ही स्थित फैक्ट्री में काम करते थे। वे फैक्ट्री से काम निपटाकर लौट रहे थे (या ड्यूटी पर जा रहे थे), तभी किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कर्मचारियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।*
*👉उपसरपंच घनश्याम महरा ने जताई गहरी संवेदना, उठाई सख्त मांगें*
*घटना की सूचना मिलते ही बकही उपसरपंच घनश्याम महरा मौके पर पहुंचे। इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा रुख अपनाया है।*
*👉उपसरपंच घनश्याम महरा ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है:*
*उचित मुआवजा: पीड़ित परिवारों को फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से तत्काल और उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।*
*👉हिट एंड रन (Hit & Run) का केस: जिस अज्ञात वाहन ने कर्मचारियों को कुचला है, उसकी सीसीटीवी व अन्य माध्यमों से तुरंत जांच की जाए और चालक पर हिट एंड रन की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज हो।*
*👉कठोर कार्रवाई: अनूपपुर पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी चालक को अविलंब गिरफ्तार करे और नजीर पेश करने वाली दंडात्मक कार्रवाई करे।*
*👉यातायात व्यवस्था में सुधार: क्षेत्र में बदहाल यातायात व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि आए दिन हो रही इन दुर्घटनाओं पर लगाम लग सके और मासूम इंसानों की जान बचाई जा सके।*
*👉प्रशासन से सवाल: औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां यातायात सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं हैं? क्या रोज काम पर निकलने वाले मजदूरों और कर्मचारियों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है?*
*👉ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिला, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। अब देखना यह है कि अनूपपुर पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन इस पूरे मामले में कितनी त्वरित कार्रवाई करते हैं।*