
शिक्षक-स्नातक चुनाव में सत्ता के दुरुपयोग का सपा ने लगाया आरोप, निष्पक्ष चुनाव की मांग
#बलिया, #20अक्टूबर।। समाजवादी पार्टी ने वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी पत्र पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को कार्यालय में बुलाकर अभिलेखों का सत्यापन कराने का निर्देश देना और सहायता प्राप्त विद्यालयों के लोगों को फोन कर धमकाना मतदाताओं पर दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है।
#मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में सपा ने कहा कि चुनाव के समय इस तरह की कार्रवाई से मतदान की स्वतंत्रता प्रभावित होने की आशंका है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा को अपनी हार का आभास हो गया है, इसलिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर मतदाताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। सपा ने स्पष्ट किया कि वह लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और सत्ता के अनुचित इस्तेमाल का विरोध करेगी।
#सपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और अधिकारियों को किसी भी दबाव में संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष रहकर लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
#वहीं, पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने जिला विद्यालय निरीक्षक की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी दबाव या धमकी से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव में किसी भी अनुचित हथकंडे का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करेगी।
#सपा प्रवक्ता ने शिक्षकों, स्नातक मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से निर्भीक होकर मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने घोषित प्रत्याशियों लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा को विजयी बनाने के लिए पूरी मजबूती से जुटी है।
नोट: यह खबर समाजवादी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।