
प्रभु श्रीराम ने कुंभकरण का किया वध,राम-लक्ष्मण को पतालपुरी उठा ले गया अहिरावण
#परंपरा के अनुसार लगभग 195 वर्ष से चली आ रही बहुचर्चित एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत रसड़ा की गौरवपूर्ण श्रीरामलीला में सोमवार को दसवें दिन रावण द्वारा कुंभकरण को जगाना, प्रभु श्रीराम के हाथों कुंभकरण का वध, अहिरावण द्वारा श्रीराम व लक्ष्मण को चुरा कर पतालपुरी लेकर जाने तथा हनुमानजी के द्वारा अहिरावण का वध का शानदार अभिनय कर हजारों श्रद्धालुआें को भावविभोर कर दिया।
राम सेना के ताबड़तोड़ हमले के मद्देनजर रावण ने गहरी निंद्रा में सो रहे अपने भाई कुंभकरण को काफी प्रयास के बाद जगाकर सारा वृतांत को बताया। तत्पश्चात कुंभकरण व प्रभु श्रीराम से भयंकर युद्ध छिड़ गया और कुंभकरण मारा गया। जब यह खबर रावण के भाई अहिरावण को चली तो अपने खेमे में सो रहे श्रीराम व लक्ष्मण को चुरा कर पतालपुरी लेकर चला गया।
श्रीराम व लक्ष्मण के लापता होने से वानरी सेना में भारी मायूसी छा गई। श्रीराम व लक्ष्मण का पता लगाने के लिए हनुमानजी ने पतालपुरी पहुंचे गए और अहिरावण का वध कर श्रीराम व लक्ष्मण को लेकर बाहर आये। इस सजीव एवं जीवंत अभिनय को देख उमड़ा जनसैलाब श्रीराम व हनुमान की जयकारा लगाना शुरू कर दिया।
रामलीला कमेटी के मुख्य संरक्षक महामंडलेश्वर कौशलेंद्र गिरी महराज, संरक्षक पूर्व चेयरमैन वशिष्ठ नारायण सोनी, अध्यक्ष संतोष जायसवाल, महामंत्री निर्मल पांडेय, टुना बाबा, अरविंद पांडेय, शमशेर बहादुर सिंह, अविनाश सोनी आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।