
नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आरोपी को 5 साल की सजा, 50 हजार मुआवजे का आदेश
फतेहाबाद।
फास्ट ट्रैक कोर्ट, फतेहाबाद के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-स्पेशल जज अमित गर्ग की अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी अजय पुत्र सुखा सिंह को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कारावास और कुल 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़ित नाबालिग के पुनर्वास के लिए 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है। मामले की प्रभावी पैरवी जिला न्यायवादी देवेन्द्र मित्तल ने की। उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2025 को थाना शहर फतेहाबाद में नाबालिग बालिका के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और गलत नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की।
पुलिस ने जांच के दौरान नाबालिग के बयान दर्ज किए। उसकी आयु से संबंधित दस्तावेज और स्कूल रिकॉर्ड प्राप्त कर उनका सत्यापन किया गया। इसके अलावा घटनास्थल की निशानदेही सहित अन्य आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया गया।
दोनों धाराओं में 5-5 साल की सजा
अदालत ने आरोपी को धारा 8 पॉक्सो एक्ट के तहत 5 वर्ष के साधारण कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने तथा धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत 5 वर्ष के साधारण कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों धाराओं में 3-3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। हालांकि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने अपराध की गंभीरता और नाबालिग पीड़ित पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए आरोपी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती। अदालत ने पीड़ित नाबालिग के पुनर्वास के लिए 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान करने का आदेश दिया। मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहाबाद को भेजते हुए हरियाणा विक्टिम कम्पन्सेशन स्कीम के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दिशा-निर्देश की अनुपालना छह सप्ताह के भीतर करने के आदेश भी दिए गए हैं। जिला न्यायवादी देवेन्द्र मित्तल ने बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों की ठोस गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
Sirsa, Sirsa | Aug 14, 2026