'जब तक मेरे बेटे के हत्यारों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती है, तब तक मैं उसकी 12वीं की क्रिया (श्राद्ध कर्म) नहीं होने दूंगी।' भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत के बाद उनकी मां आशा देवी का गहरा आक्रोश और दर्द सामने आया है। रोते हुए उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस-प्रशासन और नेताओं को कटघरे में खड़ा किया।
आशा देवी का कहना है कि उनके बेटे की मौत के दोषियों को जब तक फांसी की सजा नहीं मिल जाती, तब तक वे 12वीं का श्राद्ध कर्म पूरा नहीं होने देंगी, भले ही उसकी शुरुआती क्रियाएं शुरू हो चुकी हों। उन्होंने इस मामले में संलिप्त एसटीएफ (STF) के छह जवानों और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Namkum, Ranchi | Jun 22, 2026