
चेक बाउंस मामले में आरोपी मोहम्मद आबिद काजी की जमानत जब्त, न्यायालय ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
फैसले की घड़ी में अदालत से छिप रहे आरोपी पर कोर्ट सख्त; परिवादी शहजाद अली अंसारी के अधिवक्ता एम. एस. सिद्दीकी की पुरजोर बहस के बाद लिया गया कड़ा एक्शन
कोटा | 16 जुलाई, 2026
कोटा के विशिष्ट न्यायालय (एन.आई. एक्ट) ने एक बड़े कानूनी घटनाक्रम में आरोपी मोहम्मद आबिद काजी के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने आरोपी की हाजिरी माफी की अर्जी को सिरे से खारिज करते हुए न केवल उसकी जमानत जब्त करने के आदेश दिए हैं, बल्कि उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (Warrant of Arrest) भी जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? (पुरानी पृष्ठभूमि)
यह पूरा विवाद परिवादी शहजाद अली अंसारी और आरोपी मोहम्मद आबिद काजी के बीच लंबे समय से चल रहे एक चेक बाउंस (Negotiable Instruments Act) के मामले से जुड़ा हुआ है। शहजाद अली अंसारी ने अपने कानूनी हक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सालों चली अदालती प्रक्रिया, गवाहियों और दोनों पक्षों के साक्ष्यों के बाद यह मुकदमा अब अपने अंतिम पड़ाव यानी 'अंतिम निर्णय' (Final Judgment) के स्तर पर पहुंच चुका है। कानूनन इस स्तर पर आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होती है ताकि अदालत अपना अंतिम फैसला सुना सके।
अंतिम निर्णय से बचने के लिए आरोपी अपना रहा था टालमटोल की नीति:
जब मामला फैसले के मुहाने पर पहुंचा, तो आरोपी मोहम्मद आबिद काजी ने अदालत में आना बंद कर दिया। वह पिछले कई पेशियों (विशेषकर 28 जून, 2026 से लेकर आज तक) से लगातार न्यायालय से अनुपस्थित चल रहा था। आरोपी की ओर से बार-बार हाजिरी माफी (व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट) के प्रार्थना पत्र पेश कर समय मांगा जा रहा था, ताकि फैसले को टाला जा सके।
अदालत में परिवादी के वकील ने रखी तीखी दलीलें
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी शहजाद अली अंसारी के वरिष्ठ अधिवक्ता एम. एस. सिद्दीकी ने आरोपी की इस कार्यप्रणाली का कोर्ट में कड़ा विरोध किया।
अधिवक्ता एम. एस. सिद्दीकी ने न्यायालय के समक्ष पुरजोर पैरवी करते हुए कहा:
मामला अब अंतिम निर्णय के चरण में है, जहां आरोपी की उपस्थिति बेहद जरूरी है।
आरोपी जानबूझकर कानून के शिकंजे और अदालती फैसले से बचने के लिए लगातार गैर-हाजिर रह रहा है।
बार-बार हाजिरी माफी स्वीकार करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा और इससे न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है।
न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई और आरोपी को गिरफ्तार कर पेश करने के लिए 30 जुलाई, 2026 की तारीख मुकर्रर की है।
संपादक/रिपोर्टर के लिए नोट:
इस समाचार के साथ न्यायालय की आधिकारिक आदेश प्रति (Order Sheet) संलग्न है, जो खबर की कानूनी सत्यता की पुष्टि करती है।
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Ladpura, Kota | Jul 16, 2026