
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा, जनभागीदारी और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियां सामने लाई जा रही हैं। इसी क्रम में विकासखंड भरतपुर के ग्राम तिलौली निवासी अनीशा बैगा की आत्मनिर्भरता की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। अनीशा बैगा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्हें 60 हजार रुपये की CIF राशि प्राप्त हुई। इसके साथ ही उन्होंने 50 हजार रुपये का बैंक ऋण लिया और इसी राशि की मदद से अपने घर पर कपड़े की दुकान शुरू की।
अनीशा की मेहनत और लगन से धीरे-धीरे उनका व्यवसाय आगे बढ़ने लगा। आज वे अपने घर से ही कपड़े की दुकान संचालित कर रही हैं और इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इस आय से वे अपने परिवार की जरूरतों में सहयोग देने के साथ स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
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