
#श्रीगंगानगर में पदमपुर तहसील का पेशकार सस्पेंड, रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने पर एक्शन
संगरिया की आवाज़।
#श्रीगंगानगर: सरकारी दफ्तरों में आमजन को अपने काम के लिए चक्कर काटने पड़ें और काम कराने के बदले रिश्वत देनी पड़े, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाइयों के बावजूद सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के आरोप सामने आ रहे हैं। जिले में पिछले कुछ समय के दौरान दो सरकारी कार्यालयों के पेशकारों पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। पदमपुर तहसील के पेशकार का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला कलक्टर ने उसे निलंबित कर दिया है। इससे पहले श्रीगंगानगर एसडीएम कार्यालय के पेशकार को भी तारीख पेशी देने के बदले रिश्वत लेने के मामले में निलंबित किया जा चुका है।
#वीडियो_वायरल हुआ, जांच के बीच निलंबन
पदमपुर तहसील कार्यालय में कार्यरत पेशकार कृष्ण कुमार बारहठ का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो पिछले तीन-चार दिनों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा था। वीडियो में उन्हें किसी परिवादी का काम करने की एवज में राशि लेते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने इसी वीडियो के आधार पर पेशकार को निलंबित किया है। पदमपुर तहसीलदार सूर्यदेव स्वामी ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। निलंबित पेशकार को उप तहसील जैतसर में लगाया गया है। उसके खिलाफ मामले की जांच विचाराधीन है। राजस्थान पत्रिका उक्त वायरल वीडियो की सत्यता को प्रमाणित नहीं करता।
#सवाल_व्यवस्था_पर_भी
दोनों मामलों में पेशकार जैसे पदों पर बैठे कर्मचारियों पर रिश्वत के आरोप सामने आने से राजस्व और उपखंड कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन कार्यालयों में तारीख पेशी से लेकर परिवादियों के कामकाज तक की प्रक्रिया आमजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सवाल यह है कि शिकायतों पर कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था कब बनेगी, जिसमें लोगों को अपने जायज काम के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने की नौबत ही नहीं आए।
यहां भी पेशकार आया था पकड़ में
इससे पहले श्रीगंगानगर उपखंड अधिकारी कार्यालय में कार्यरत पेशकार दीपक रहेजा पर भी तारीख पेशी देने और अन्य कामों के बदले रिश्वत मांगने की शिकायतें सामने आई थीं। मामला तब खुला, जब तारीख देने के बदले रिश्वत मांगे जाने से परेशान एक बुजुर्ग ने जिला कलक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखी।
बुजुर्ग की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर ने उसे हस्ताक्षर किया हुआ एक नोट दिया और उसी नोट को पेशकार को देने के लिए कहा। बुजुर्ग ने निर्देशानुसार नोट पेशकार को दे दिया। नोट उसकी जेब तक पहुंचने के बाद कार्रवाई की गई और नोट बरामद कर लिया गया। इसके बाद पेशकार दीपक रहेजा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर घड़साना भेज दिया गया।
संगरिया की आवाज़