
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की उद्योग विभाग की समीक्षा Hemant Soren Dipika Pandey Singh संथाल हूल एक्सप्रेस @highlight
झारक्राफ्ट में नवाचार, पारंपरिक शिल्पकारों के सशक्तिकरण और लॉजिस्टिक पार्क-वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में उद्योग विभाग के कार्यों, योजनाओं और विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने, निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन बढ़ाने तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास राज्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। उद्योगों के विस्तार से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं।
झारक्राफ्ट को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने झारक्राफ्ट की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने निर्देश दिया कि बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित किए जाएं और युवाओं को बड़ी संख्या में इस क्षेत्र से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की समृद्ध कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक स्वरूप देकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने पर्यटन स्थलों पर झारक्राफ्ट उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सके। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
पारंपरिक शिल्पकारों को मिलेगा नया संबल
माटी कला बोर्ड की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक लौह-कर्म, काष्ठ-कर्म और कुम्भकारी जैसे शिल्पों से जुड़े कारीगरों के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये पारंपरिक व्यवसाय झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और औद्योगिक उत्पादों के बढ़ते प्रभाव के कारण इनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे शिल्पकारों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, क्षमता विकास, आधुनिक डिजाइन और नई तकनीकों से जोड़ा जाए, ताकि उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में मांग बढ़ सके। उन्होंने कहा कि शिल्पकारों को संगठित कर उनके उत्पादों को झारक्राफ्ट के माध्यम से बाजार से जोड़ा जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त हों।
लकड़ी और मिट्टी के उत्पादों का होगा मूल्य संवर्धन
मुख्यमंत्री ने लकड़ी और मिट्टी से निर्मित उत्पादों को आधुनिक स्वरूप देने तथा उनका मूल्य संवर्धन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। इससे स्थानीय कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पारंपरिक कला को नई पहचान मिलेगी।
लॉजिस्टिक पार्क और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन प्रमुख औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं, विशेषकर लॉजिस्टिक पार्क और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक पार्क के विकसित होने से परिवहन, भंडारण और वितरण व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे उद्योगों की लागत कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा नए निवेश के अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया।
झारखंड को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड को देश के उभरते हुए औद्योगिक और निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल, झारक्राफ्ट की प्रबंध निदेशक गरिमा सिंह, निदेशक विशाल सागर, निदेशक प्रीति रानी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।