
जस्कूटी-बेहरा मोड़ बना ‘दुर्घटना जोन’, हर महीने पलट रहे वाहन, फिर बड़ा हादसा टला
-200 मीटर के दायरे में दो खतरनाक मोड़, कई लोगों की जा चुकी है जान
-कोयला लोड हाइवा पलटने के बाद फिर उठे सुरक्षा के सवाल।
तीनपहाड़ । थाना क्षेत्र के बोरियो-तीनपहाड़ मुख्य सड़क पर स्थित जस्कूटी मोड़ के समीप रविवार को कोयला लोड 18 चक्का हाइवा के पलट जाने की घटना ने एक बार फिर इस सड़क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जस्कूटी मोड़ और बेहरा टर्निंग प्वाइंट के बीच लगभग 200 मीटर की दूरी है, लेकिन यही छोटा सा हिस्सा दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। जानकारी के अनुसार हाइवा (एनएल01 एजे-9236) ललमटिया से मालदा की ओर जा रहा था। जस्कूटी मोड़ के पास ब्रेक फेल होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। चालक मुकेश कुमार और खलासी सुरक्षित बच गए, लेकिन वाहन को भारी क्षति पहुंची। स्थानीय लोगों ने बताया कि जस्कूटी मोड़ और बेहरा मोड़ दोनों ही अत्यंत घुमावदार तथा जोखिमपूर्ण हैं। सड़क पर लगातार भारी वाहनों का आवागमन होने के कारण यहां लगभग हर महीने किसी न किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना सामने आती रहती है। हाइवा, ट्रक और अन्य भारी वाहन अक्सर नियंत्रण खो बैठते हैं और पलट जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों मोड़ों पर पहले भी कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो सड़क का तकनीकी सुधार किया गया है और न ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं। लोगों का कहना है कि दोनों मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड, स्पीड कंट्रोल व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बैरियर और सड़क चौड़ीकरण जैसे उपायों की आवश्यकता है। उनका आरोप है कि लगातार हादसों के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। रविवार की घटना में सड़क किनारे लगे लोहे के सुरक्षा एंगल ने बड़ी भूमिका निभाई। यदि वाहन ढलान की ओर नीचे चला जाता तो हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग से इस दुर्घटना संभावित क्षेत्र का सर्वे कर आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल करने की मांग की है।