
वन्दे भारत लाइव न्यूज़ /प्रवीण कुमार :बरसाना / मथुरा अत्यंत दुःखद: ब्रज विभूति, माताजी गौशाला के संस्थापक पद्मश्री संत रमेश बाबा नित्य लीला में
ब्रज के लिए अत्यंत दुःखद समाचार सामने आया है। बृज विभूति, बृज वासियों के लाडले, ठाकुरजी श्रीजी के अनन्य भक्त और माताजी गौशाला के संस्थापक परम पूज्य पद्मश्री संत रमेश बाबा महाराज आज नित्य लीला में प्रविष्ट हो गए।
उनके निधन की खबर से पूरे ब्रजमंडल में शोक की लहर दौड़ गई है। ब्रजवासी, संत समाज और गौ-भक्त स्तब्ध हैं।
कौन थे रमेश बाबा?
परम पूज्य संत रमेश बाबा जी को ब्रजशरण बाबा के नाम से भी जाना जाता था। मूल रूप से तीर्थराज प्रयाग में जन्मे रमेश बाबा ब्रज के विरक्त रसिक संत और पर्यावरणविद के रूप में प्रसिद्ध थे। ब्रज की कृष्ण कालीन स्थलियों और वन-उपवनों को बचाने के लिए उन्होंने दशकों तक जन-आंदोलन चलाया। इसी सेवा भाव के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था।
गौ-सेवा का विराट संकल्प
ब्रज में गायों की दुर्दशा देखकर बाबा ने 2007 में माताजी गौशाला की नींव रखी थी। आज यह गौशाला एशिया की सबसे बड़ी गौशालाओं में शुमार है। इस गौशाला में लगभग 70,000 गौवंश हैं और सैकड़ों लोग सेवा में जुटे हैं। यहाँ निराश्रित, बीमार और वृद्ध गायों की सेवा की जाती है।
बाबा पिछले एक दशक से अधिक समय से इस गौशाला का संचालन कर रहे थे।
ब्रज में शोक
पद्मश्री संत रमेश बाबा बरसाना में राधा रानी के अनन्य भक्त थे। उनके नित्यधाम जाने से ब्रज ने अपना एक सच्चा सपूत खो दिया है। संत समाज ने कहा - बाबा की कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी, लेकिन उनकी गौ-सेवा और ब्रज-सेवा युगों तक प्रेरणा देती रहेगी।
वन्दे भारत न्यूज़, प्रवीण कुमार
Hodal, Palwal | Oct 6, 2026