
पाठा क्षेत्र पर्यटन विकास परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण, जिलाधिकारी ने शीघ्र हैंडओवर के दिए निर्देश
जनपद चित्रकूट के मानिकपुर स्थित पाठा क्षेत्र में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित की गई "पाठा क्षेत्र पर्यटन विकास परियोजना" का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकाई-13, बाँदा द्वारा कराया गया है।
पर्यटन विभाग द्वारा इस परियोजना को ₹415.98 लाख की लागत से स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करते हुए 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त कर ली गई है।
परियोजना के अंतर्गत पर्यटकों की सुविधा एवं पर्यटन अवसंरचना के विकास हेतु कार्यालय भवन, परमानेंट एवं टेम्परेरी शेड, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, विश्राम गृह, प्रवेश द्वार, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, साइनेज, बेंच, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, बाउंड्रीवाल, फूड कोर्ट, हॉर्टिकल्चर तथा अन्य आवश्यक पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कराया गया है, जिससे क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।
जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि परिसर में लगाए गए टाइल्स में आकर्षक पैटर्न विकसित किया जाए। साथ ही वॉशरूम में लगाए गए टाइल्स को अधिक आकर्षक एवं मानक गुणवत्ता के अनुरूप प्रतिस्थापित किए जाने तथा वॉश बेसिन में लगाए गए वेस्ट/फ्लेक्सिबल पाइप को बदलकर बेहतर गुणवत्ता की फिटिंग लगाए जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में पाई गई छोटी-मोटी कमियों को शीघ्र दूर करते हुए परियोजना को पूर्ण रूप से मानक अनुरूप बनाया जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि परियोजना के हैंडओवर की समस्त औपचारिकताएँ शीघ्र पूर्ण कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परियोजना का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना के नामकरण के संबंध में भी सुझाव देते हुए निर्देशित किया कि पर्यटकों को स्थानीय प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के उद्देश्य से इस स्थल का नाम "तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स" रखा जाए, जिससे निकटवर्ती तुलसी जलप्रपात से इसकी विशिष्ट पहचान स्थापित हो तथा पर्यटकों को एक अलग एवं आकर्षक अनुभव प्राप्त हो सके।
कार्यदायी संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन करते हुए गुणवत्ता संबंधी सभी कमियों को शीघ्र दूर किया जाएगा तथा परियोजना का हैंडओवर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।