
#सफलता_की_कहानी
संकोच से नेतृत्व तक: 'साथिया' अनुष्का बनीं किशोरियों के स्वास्थ्य की सशक्त आवाज
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम किशोर एवं किशोरियों के शारीरिक, मानसिक, पोषण, प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य के साथ-साथ नशा मुक्ति और हिंसा की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत "साथिया" ऐसे प्रशिक्षित किशोर-किशोरियों को बनाया जाता है, जो अपने समुदाय में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाकर अपने साथियों को जागरूक करते हैं और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
इसी कार्यक्रम के अंतर्गत आरोन विकासखंड के ग्राम रुसिया की अनुष्का अहिरवार का चयन साथिया के रूप में हुआ। शुरुआत में न तो अनुष्का इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए तैयार थीं और न ही उनका परिवार इसके पक्ष में था। जब आरकेएसके के प्रशिक्षक अमन रघुवंशी एवं शिवानी कौशल ने गांव में पहुंचकर साथिया कार्यक्रम की भूमिका, किशोर स्वास्थ्य के महत्व तथा समाज में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी, तब अनुष्का की सोच बदली। उन्होंने महसूस किया कि एक जागरूक किशोरी अपने गांव के अनेक किशोर-किशोरियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इसी प्रेरणा से उन्होंने "साथिया" बनने का निर्णय लिया।
साथिया बनने के बाद अनुष्का ने अपना पहला महत्वपूर्ण योगदान एचपीवी टीकाकरण अभियान में दिया। शुरुआत में वे स्वयं भी टीका लगवाने को लेकर संकोच कर रही थीं, लेकिन सही जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले स्वयं टीका लगवाया। इसके बाद उन्होंने गांव की अन्य किशोरियों एवं उनके अभिभावकों को जागरूक किया, उनकी शंकाओं का समाधान किया और टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों से गांव की अनेक किशोरियों ने भी एचपीवी का टीका लगवाया।
आज अनुष्का केवल एक "साथिया" नहीं, बल्कि अपने गांव की स्वास्थ्य प्रेरक बन चुकी हैं। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और सेवा की भावना से एक किशोरी पूरे समुदाय में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
#Guna CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Gwalior Commissioner Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh Directorate of Health Services, Madhya Pradesh